इधर स्मार्ट मीटर की गुस्ताखी, उधर विभाग की मनमानी, 500 की काट दी आनलाइन बिजली

0
101


-मानकों पर खरी नहीं उतरी है स्मार्ट मीटर की तकनीक
-खराब होने पर नया मीटर लगवाने से डर रहे उपभोक्ता
-खुद विभागीय कर्मचारी दे रहे नया मीटर लगवाने से बचने की सलाह

मथुरा। इधर स्मार्ट मीटर की गुस्ताखी, उधर विभाग की मनमानी। बिल जमा नहीं होने पर 500 उपभोक्ताआंे की एक दिन में ही आन लाइन बिजली काट दी गई। वह भी सिर्फ एक क्षेत्र में। बकाया वसूली को लेकर बिजली विभाग की सख्ती बढ़ती जा रही है। सोमवार को शहर के कैंट, मसानी, कृष्णानगर, जयगुरूदेव क्षेत्र में 500 से अधिक की बिजली ऑन लाइन कटी। डीग गेट क्षेत्र में ही करीब 300 की बिजली कटवाई गई। कम्प्यूटर से ऑनलाइन सप्लाई बंद होते ही कनेक्शन धारक कार्यालय पहुंचे या फिर ऑनलाइन भुगतान किया। इधर देहात मंडल के हाई लाइन लॉस फीडर सहार, जतीपुरा, छटीकरा, नगला चन्द्रभान, गुखरौली, छाता, सतोहा, अवधूता आदि क्षेत्रों में अभियान चलाकर दो सैकड़ा से अधिक बकाएदारों की बिजली काटी। भार जंपिंग मामले में सेंटर पाॅवर रिसर्च इंस्टीट्यूट भेजे गये गये स्मार्ट मीटर मानकों पर खरे नहीं पाये गये हैं। सीपीआरआई की ओर से पावर कार्पोरेशन को मिलीर जांच रिपोर्ट में ज्यादातर स्मार्ट मीटर मुख्य पैरामीटर पर ही फेल हो गये। यह भी सामने आया है कि कुछ स्मार्ट मीटर की रिपोर्ट पहले ही आ गई थी लेकिन उसे दबाये रखा गया। अब पाॅवर कार्पोरेशन ने संबंधित अभियंताओं से इस पर रिपोर्ट तलब की है। इन रिपोर्ट को किसके लिए और किसके दबाव में दबाकर रखा गया, यह सामने आने पर नया बखेडा खडा होने की आशंका भी जताई जा रही है। दूसरी ओर करीब नौ महीने पहले इस मामले की शिकायत करने वाले राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने मांग की है कि स्मार्ट मीटरों की गहन जांच कराई जाये और निर्माता कंपनी को ब्लैक लिस्ट किया जाये। सीपीआरआई की जांच में स्मार्ट मीटर की तकनीक मानकों पर रखी नहीं उतरी है। आशंका जताई जा रही है कि जब इन मीटरों में भार जंपिंग हो सकती है तो मीटर रीडिंग भी जंप कर सकती है। ऐसे में इनकी जांच कराई जानी चाहिए। 4518 स्मार्ट मीटरों का भार तीन गुना से भी अधिक जंप कर गया था। इसके बाद सभी स्मार्ट मीटर की कंपनियों से नमूने लेकर जांच को भेजे गये थे।
इतना ही नहीं पुराने मीटर मंे किसी भी तरह की गाडबडी होने या खराब होने पर उपभोक्ता पुराने मीटर के बदले नया मीटर लगावाने से डर रहे हंै। उपभोक्ता चाहते हैं कि किसी तरह से उनका पुराना मीटर ही सही हो जाये। नये मीटर मंे गडबडी और ज्यादा यूनिट बनने का उन्हंे डर सता रहा है। यह एक तरह से स्मार्ट मीटर का हौवा ही कहा जा सकता है। हालांकि विद्युत विभाग के विश्वस्त कर्मचारी खुद उपभोक्ता को नया मीटर लगवाने से बचनेे की सलाह दे रहे हंै। इससे भी यह खौफ बढ रहा है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here