बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली जनपद में भ्रष्टाचार के विरुद्ध एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। भ्रष्टाचार निवारण संगठन (Anti-Corruption Organisation) बरेली की टीम ने मंगलवार की शाम सदर तहसील में कार्यरत राजस्व निरीक्षक नरेन्द्र पाल गंगवार को दस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से भ्रष्ट अधिकारियों में हड़कंप मच गया है।
सदर तहसील में रिश्वतखोरी का पर्दाफाश
भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने यह कार्रवाई कस्बा रिठौरा स्थित ईदगाह के निकट तिराहे पर उस समय की, जब राजस्व निरीक्षक नरेन्द्र पाल गंगवार शिकायतकर्ता से रिश्वत की राशि प्राप्त कर रहे थे। टीम ने सुनियोजित तरीके से जाल बिछाकर उन्हें मौके पर ही धर दबोचा। इस संबंध में आरोपी राजस्व निरीक्षक के खिलाफ थाना इज्जतनगर, बरेली में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
अधिकारी ने की कार्रवाई की पुष्टि
पुलिस उपाधीक्षक, भ्रष्टाचार निवारण संगठन बरेली मंडल, यश पाल सिंह ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि टीम प्रभारी इश्तियाक वारसी और उनकी टीम ने पूरी योजना के साथ इस ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। उन्होंने कहा कि संगठन भ्रष्टाचार के खिलाफ अपनी मुहिम को जारी रखेगा और किसी भी भ्रष्ट अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
यह था पूरा मामला
शिकायतकर्ता पूरनलाल शर्मा, जो कस्बा रिठौरा के निवासी हैं, ने भ्रष्टाचार निवारण संगठन में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनकी कृषि भूमि, जिसका खाता संख्या 602, गाटा संख्या 462 और खाता संख्या 603, गाटा संख्या 461 है, की पैमाइश कराने के एवज में राजस्व निरीक्षक नरेन्द्र पाल गंगवार द्वारा 10,000 रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जाल बिछाया और आरोपी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।
आरोपी की पहचान और आगे की कार्रवाई
गिरफ्तार किए गए राजस्व निरीक्षक की पहचान नरेन्द्र पाल गंगवार के रूप में हुई है, जो मूल रूप से ग्राम मुड़िया तेली, थाना नवाबगंज, जनपद बरेली के निवासी हैं और वर्तमान में तहसील सदर में राजस्व निरीक्षक के पद पर कार्यरत थे। अब उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। भ्रष्टाचार निवारण संगठन की इस कार्रवाई से आम जनता में न्याय की उम्मीद जगी है और यह संदेश गया है कि भ्रष्ट अधिकारियों के लिए अब कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं है।
