मुंबई: महाराष्ट्र सरकार अब गौ हत्या के मामलों पर पूरी सख्ती से निपटने के मूड में है। राज्य की देवेंद्र फडणवीस सरकार जल्द ही एक ऐसा कानून लाने जा रही है, जिसके तहत गौ हत्या, तस्करी और गोमांस की बिक्री जैसे अपराधों में शामिल लोगों पर अब महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (MCOCA) लगाया जाएगा। इस ऐलान के साथ राज्य सरकार ने संकेत दे दिए हैं कि अब गो-तस्करी और हत्या के मामलों में ज़रा भी नरमी नहीं बरती जाएगी।
विधान परिषद में हुआ मुद्दा गरम
सोमवार को महाराष्ट्र विधान परिषद में गौ हत्या के बढ़ते मामलों को लेकर ज़ोरदार चर्चा हुई। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक श्रीकांत भारतीय ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि गौ हत्या पर रोक लगाने के लिए अब ठोस और सख्त कानून की जरूरत है। विधायक ने मांग की कि बार-बार गौ तस्करी में पकड़े जाने वालों के खिलाफ मकोका जैसा कड़ा कानून लागू किया जाए।
इस पर जवाब देते हुए महाराष्ट्र के ग्रामीण गृह राज्य मंत्री पंकज भोयर ने कहा, “राज्य सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है। जल्द ही गौ हत्या पर सख्त कानून लाया जाएगा और जो भी व्यक्ति इसमें संलिप्त पाया जाएगा, उस पर मकोका के तहत कार्यवाही की जाएगी।”
2022 से अब तक 2498 मामले दर्ज
गृह मंत्री ने जानकारी दी कि राज्य में वर्ष 2022 से जून 2025 तक गौ हत्या, गो-तस्करी और गोमांस बिक्री से जुड़े कुल 2,498 मामले दर्ज किए गए हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर कोई व्यक्ति तीसरी बार गौ हत्या या गो-तस्करी जैसे अपराध में गिरफ्तार होता है, तो उस पर मकोका के तहत कार्रवाई की जाएगी।
सामाजिक गोरक्षकों को मिलेगा संरक्षण
मंत्री पंकज भोयर ने यह भी कहा कि ऐसे गोरक्षक जो स्वेच्छा से समाज हित में कार्य कर रहे हैं, उनके खिलाफ यदि कोई झूठे मामले दर्ज हैं तो उनका पुनः मूल्यांकन किया जाएगा और उचित मामलों में मुकदमे वापस लिए जाएंगे।
पहले ही कर चुके हैं सीएम फडणवीस घोषणा
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मार्च 2025 में विधानसभा में यह घोषणा की थी कि गौ तस्करी और हत्या के मामलों में शामिल अपराधियों के खिलाफ मकोका लगाया जाएगा। सीएम ने स्पष्ट रूप से कहा था कि सरकार ऐसे अपराधों को बर्दाश्त नहीं करेगी और पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि आदतन अपराधियों पर विशेष निगरानी रखी जाए।
एनसीपी विधायक ने उठाया था कुरैशी का मामला
यह मुद्दा पहली बार एनसीपी विधायक संग्राम जगताप ने विधानसभा में उठाया था। उन्होंने अपने प्रस्ताव में अतीक कुरैशी नाम के एक व्यक्ति का ज़िक्र किया था, जो बार-बार गौ तस्करी के मामलों में पकड़ा गया है। उसके खिलाफ अकेले अहिल्यानगर थाने में 20 केस दर्ज हैं। जनवरी में गिरफ्तार होने के बाद मार्च में वह जमानत पर बाहर आ गया। इस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए पुलिस को ऐसे अपराधियों के खिलाफ मकोका लगाने का निर्देश दिया था।
क्या है मकोका?
मकोका (MCOCA) यानी महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम, 1999 एक विशेष और कठोर कानून है, जिसे संगठित अपराधों जैसे माफिया गतिविधि, जबरन वसूली, हत्या, अपहरण, ड्रग्स तस्करी और वित्तीय लाभ के लिए किए जाने वाले अवैध कारोबार को रोकने के लिए बनाया गया है। इस कानून के तहत अपराधियों को लंबे समय तक जेल में रखा जा सकता है और ज़मानत भी आसानी से नहीं मिलती।
