आगरा: आगरा पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है जो युवाओं को विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करता था। थाना हरीपर्वत और साइबर प्रकोष्ठ पुलिस की संयुक्त टीम ने शहर के संजय प्लेस स्थित एक ऑफिस से गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह 12 से अधिक राज्यों में सक्रिय था।
कैसे करते थे ठगी?
गिरोह के सदस्यों ने संजय प्लेस के सत्यम कॉम्प्लेक्स में ‘एसआई ओवरसीज’ नाम की एक फर्जी कंपनी बना रखी थी। वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर आकर्षक विज्ञापन देकर नौकरी के इच्छुक लोगों को निशाना बनाते थे। उनसे संपर्क साधने के बाद, वे वीजा प्रक्रिया, दस्तावेज़ सत्यापन और अन्य प्रशासनिक खर्चों के नाम पर बड़ी रकम वसूलते थे।
पुलिस ने बताया कि गैंग का मास्टरमाइंड अंकित गुप्ता है, जो पहले भी ऐसे मामलों में पकड़ा जा चुका है और जिसके खिलाफ दिल्ली में भी केस दर्ज है।
- फर्जी दस्तावेज़: पूछताछ में अंकित ने बताया कि नवनीत जैन और हेमंत शर्मा फर्जी ऑफर लेटर और वीजा बनाते थे।
- ग्राहकों से संपर्क: विजय कुमार, राजेश शर्मा और विशाल मेहता ग्राहकों से कॉल पर बात करते थे।
- फर्जी कंपनियां: लोगों का भरोसा जीतने के लिए ये लोग होली इंटरनेशनल, जयां इंटरनेशनल, प्राउड इंटरनेशनल, सी ओवरसीज जैसी फर्जी कंपनियों के नाम का इस्तेमाल करते थे और उन्हें अपने ऑफिस का पता भी देते थे। ऑफिस में महिला स्टाफ भी रखा गया था, जिससे लोगों को उन पर आसानी से भरोसा हो जाता था।
पुलिस को क्या-क्या मिला?
डीसीपी सिटी सोनम कुमार के निर्देश पर एडीसीपी आदित्य कुमार और एसीपी हरीपर्वत के नेतृत्व में गठित एक विशेष टीम ने यह कार्रवाई की। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में नकली इलेक्ट्रॉनिक वीजा (ई-वीजा), सरकारी दस्तावेज़, नियुक्ति-पत्र, विभिन्न कंपनियों के छद्म लेटरहेड, मुहरें, और कई मोबाइल फोन व सिम कार्ड जब्त किए हैं।
इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने युवाओं से अपील की है कि वे विदेश में नौकरी के नाम पर होने वाली ठगी से सावधान रहें और किसी भी संदेहजनक ऑफर की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
