आगरा: बेसिक शिक्षा विभाग में वेतन के लिए शिक्षकों की परेशानी लगातार बनी हुई है। हर महीने किसी न किसी वजह से शिक्षकों का वेतन समय पर नहीं मिल पाता, जिससे उन्हें आर्थिक समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इस गंभीर मुद्दे पर अधिकारियों से बार-बार शिकायत के बावजूद कोई सुधार न होने पर, शिक्षकों ने एक अनोखा रास्ता अपनाया। शिक्षक दिवस के मौके पर उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक खास अभियान चलाया, जिसमें उन्होंने जिलाधिकारी आगरा से वेतन में देरी के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की।
इस अभियान का मुख्य नारा एक व्यंग्यात्मक कविता के रूप में था:
जिलाधिकारी आगरा से है निवेदन
दोषी पर कर दो कार्यवाही एक बार
फिर आएगी सैलरी समय पर हर बार
वेतन में देरी का सिलसिला
शिक्षक बताते हैं कि वेतन में देरी का यह खेल हर महीने चलता है। ‘शिक्षक दिवस’ जैसा महत्वपूर्ण दिन होने के बावजूद उन्हें समय पर वेतन नहीं मिला। इस देरी के कारण उनकी मासिक ईएमआई बाउंस हो जाती हैं, जिससे उनका सिबिल स्कोर खराब होता है। इसके अलावा, बच्चों की स्कूल फीस और रोजमर्रा के खर्चों को पूरा करने में भी उन्हें दिक्कतें आती हैं।
शिक्षकों ने अपनी पीड़ा को कुछ इस तरह बयां किया:
शिक्षक दिवस है, लेकिन शिक्षकों को सैलरी नहीं।
हर महीने शिक्षकों की सैलरी होती है लेट।
सैलरी लेट करने के दोषी पर नहीं होती है कोई कार्यवाही। इसलिए सैलरी लेट का यह खेल चलता रहता है हर महीने।

महानिदेशक के आदेश का पालन नहीं

महानिदेशक के आदेश का पालन नहीं
प्राथमिक शिक्षक संघ के नेता विजयपाल नरवार ने बताया कि महानिदेशक स्कूल शिक्षा, लखनऊ ने वर्ष 2023 में स्पष्ट निर्देश दिए थे कि शिक्षकों को महीने की पहली तारीख को वेतन मिलना चाहिए। इन निर्देशों के अनुसार, विद्यालय स्तर पर शिक्षकों की उपस्थिति (अटेंडेंस) महीने की 21 से 23 तारीख के बीच लॉक कर दी जाती है। इसके बाद 25 तारीख तक सभी विद्यालयों के उपस्थिति पत्रक की एक प्रति वित्त एवं लेखा कार्यालय को भेज दी जाती है। लेखा कार्यालय को 26 से 29 तारीख के बीच वेतन संबंधी सभी कार्यवाही पूरी करके बिल कोषागार को भेजना होता है, ताकि शिक्षकों को पहली तारीख को वेतन मिल सके।
लेकिन, नरवार का कहना है कि इन निर्देशों के बावजूद, आज तक आगरा जनपद के बेसिक शिक्षकों को पहली तारीख को वेतन नहीं मिला है। हर महीने वेतन में देरी होती है। इसी वजह से उन्होंने एक्स पर अभियान चलाकर जिलाधिकारी, सीडीओ आगरा और शासन का ध्यान इस गंभीर समस्या की ओर खींचा है।
शिक्षकों की एक ही मांग
इस अभियान के माध्यम से शिक्षकों की एक ही प्रमुख मांग सामने आई है:
समय पर वेतन मिले हर बार।
महीने की पहली तारीख को वेतन मिले हर बार।
शिक्षकों का मानना है कि इस समस्या का समाधान तभी संभव है जब देरी के लिए जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाए। इस अनोखे विरोध ने न सिर्फ शिक्षकों की पीड़ा को उजागर किया है, बल्कि प्रशासन पर भी इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने का दबाव डाला है।
