आगरा – शहर में बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा सवाल तब खड़ा हो गया जब आज सुबह शास्त्रीपुरम स्थित सेंट वी.एस. पब्लिक स्कूल की एक बस एक ट्रक से टकरा गई। इस हादसे में कई मासूम स्कूली बच्चे घायल हो गए। चौंकाने वाली बात यह है कि जिस बस में बच्चों को ले जाया जा रहा था, वह आगरा आरटीओ द्वारा ब्लैकलिस्टेड थी और उसकी फिटनेस भी खत्म हो चुकी थी।

यह घटना सुबह करीब 7 बजे हुई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यह दुर्घटना बस चालक की लापरवाही और तेज रफ्तार के कारण हुई। हादसे में कक्षा पाँचवीं तक के कई बच्चों को चोटें आईं। कुछ बच्चों के गले और सिर में काँच घुस गया, जबकि कुछ का कंधा उतर गया। सभी घायल बच्चों को सिकंदरा सब्जी मंडी के पास स्थित नीलकंठ हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहाँ उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। कुछ अभिभावक बाद में अपने बच्चों को दूसरे अस्पतालों में ले गए।

इस घटना की सूचना मिलने पर पापा एनजीओ के दीपक सिंह सरीन ने तत्काल बेसिक शिक्षा अधिकारी जितेंद्र गौड़ और खंड शिक्षा अधिकारी (नगर) सुमित कुमार सिंह को जानकारी दी। दोनों अधिकारी तुरंत मौके पर पहुँचे और पुलिसकर्मियों से बात करने के बाद अस्पताल जाकर बच्चों और उनके माता-पिता से मुलाकात की।
लापरवाही की मुख्य बातें
इस दुर्घटना ने स्कूल प्रबंधन की कई गंभीर लापरवाहियों को उजागर किया है:
* बस को आरटीओ ने पहले ही ब्लैकलिस्टेड कर रखा था, फिर भी उसका संचालन हो रहा था।
* बस की फिटनेस भी खत्म हो चुकी थी।
* बस में बच्चों की सुरक्षा के लिए अनिवार्य उपकरण जैसे सीसीटीवी कैमरा, जीपीएस ट्रैकर, स्पीड गवर्नर और फर्स्ट एड बॉक्स मौजूद नहीं थे।
यह स्पष्ट रूप से सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों और मोटर वाहन नियमों का उल्लंघन है।
स्कूल प्रबंधन और ड्राइवर पर कार्रवाई की मांग
पापा एनजीओ ने इस संबंध में मुख्य विकास अधिकारी को एक शिकायत पत्र सौंपकर दोषी स्कूल प्रधानाचार्य और ड्राइवर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने मांग की है कि लापरवाह वाहन चलाने, गंभीर चोट पहुँचाने और सरकारी आदेशों का उल्लंघन करने के आरोप में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की जाए।
संगठन ने अधिकारियों से यह भी अनुरोध किया है कि भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए जिले की सभी स्कूल बसों की तत्काल फिटनेस और सुरक्षा जांच की जाए, और नियमों का पालन न करने वाली बसों को तुरंत जब्त कर कड़ी कार्रवाई की जाए।
