Delhi High Court Lawyer Video: ऑनलाइन सुनवाई के दौरान कैमरे पर रोमांस!
‘न्याय के मंदिर’ से जुड़ा एक चौंकाने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो दिल्ली हाई कोर्ट की एक वर्चुअल सुनवाई के दौरान का है, जहां एक वकील साहब कैमरे के सामने ही एक महिला को KISS करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
जैसे ही यह क्लिप ऑनलाइन सामने आई, सोशल मीडिया पर लोगों ने इसे ‘ऑनलाइन सुनवाई की सबसे शर्मनाक घटना’ करार दिया।
कैसे हुआ ये पूरा मामला
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना तब की है जब हाई कोर्ट का वर्चुअल सेशन शुरू होने ही वाला था।
सभी जज साहब के जुड़ने का इंतज़ार कर रहे थे, तभी स्क्रीन पर बैठे एक वकील शायद यह भूल गए कि उनका कैमरा ऑन है और वे लाइव टेलीकास्ट में दिख रहे हैं।
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि वकील साहब के पास एक महिला खड़ी है। वह उनका हाथ पकड़ते हैं और फिर कैमरे के सामने ही गाल पर किस कर लेते हैं। महिला थोड़ी हिचकती है और फिर तुरंत पीछे हट जाती है।
यह पूरा दृश्य वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्लेटफॉर्म पर लाइव कैप्चर हो गया और अब सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल गया है।
लोगों की प्रतिक्रियाएं – “ये है डिजिटल इंडिया का नया चेहरा”
जैसे ही वीडियो वायरल हुआ, लोगों के कमेंट्स की बाढ़ आ गई।
एक यूजर ने लिखा — “जज केस सुनने आए थे, और ये जनाब किस सुनाने लगे!”
दूसरे ने तंज कसा — “जब कैमरा बंद करना भूल जाओ और रोमांस ऑन कर दो, तब ऐसा ही होता है।”
कई यूजर्स ने इसे न्यायपालिका की गरिमा का उल्लंघन बताया और कहा कि इस तरह की हरकतें वर्चुअल सुनवाई की प्रोफेशनल इमेज को नुकसान पहुंचाती हैं।
कार्रवाई की मांग, जांच शुरू होने की संभावना
हालांकि, अभी तक इस वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं हो पाई है।
लेकिन अगर यह वीडियो असली पाया गया, तो बार काउंसिल या संबंधित कानूनी संस्था वकील के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकती है।
कई वरिष्ठ वकीलों ने इस घटना पर नाराज़गी जताते हुए कहा कि “ऑनलाइन सुनवाई एक सुविधा है, मनोरंजन मंच नहीं।”
वर्चुअल सुनवाई में ऐसे मामलों पर क्या कहते हैं नियम
वर्चुअल कोर्ट सुनवाई के दौरान जज और वकील दोनों को सख्त कोर्ट एथिक्स और ड्रेस कोड फॉलो करने होते हैं।
किसी भी अनुचित व्यवहार या गतिविधि को कोर्ट की अवमानना (Contempt of Court) के दायरे में लाया जा सकता है।
इसलिए इस तरह के मामलों में कार्रवाई होना लगभग तय माना जा रहा है।
वकील साहब की यह हरकत सोशल मीडिया पर भले ही वायरल हो गई हो, लेकिन इसने न्यायपालिका की ऑनलाइन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब देखना होगा कि दिल्ली हाई कोर्ट या बार काउंसिल इस पर क्या कदम उठाती है।
