शैलेश गौतम, अग्र भारत संवाददाता
अछनेरा। फतेहपुर सीकरी विधानसभा क्षेत्र की राजनीति में बड़ा उलटफेर तय माना जा रहा है। किसान नेता और युवा जाट चेहरा मुकेश डागुर द्वारा 31 जनवरी को किरावली स्थित जीएसके इंटर कॉलेज मैदान में आयोजित कांग्रेस रैली में शामिल होने की घोषणा के साथ ही सियासी गलियारों में हलचल तेज हो गई है। उनके कांग्रेस में प्रवेश की खबर ने लोकदल–भाजपा गठबंधन की रणनीति को झकझोर कर रख दिया है।बताया जा रहा है कि रैली के दौरान “संविधान बचाओ संवाद” कार्यक्रम के तहत मुकेश डागुर कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारियों की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ग्रहण करेंगे। डागुर समर्थकों ने रैली को ऐतिहासिक बनाने के लिए करीब 25 हजार लोगों की भीड़ जुटाने का दावा किया है।
लोकदल से मोहभंग, कांग्रेस से उम्मीदें ,शिक्षा के क्षेत्र में कई वर्षों तक सेवा देने के बाद मुकेश डागुर ने वर्ष 2022 में राष्ट्रीय लोकदल के लिए सक्रिय रूप से काम किया और किसानों के हक में संघर्ष किया। लेकिन 2024 में रालोद अध्यक्ष जयंत चौधरी द्वारा चौधरी चरण सिंह की तुलना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से किए जाने और लोकदल–भाजपा गठबंधन को लेकर दिए गए बयान से वे आहत हो गए। डागुर ने स्पष्ट कहा कि इस बयान से उन्हें गहरा खेद हुआ और इसी के बाद उन्होंने लोकदल से दूरी बना ली।डागुर ने कहा कि अब वे कांग्रेस के मंच से किसानों की लड़ाई लड़ेंगे। किसानों को कर्जमुक्त करना, फसलों का उचित मूल्य दिलाना और बैंकों में गिरवी रखी गई जमीनों को किसानों को वापस दिलाना उनकी प्रमुख मांगें हैं, जिन्हें लेकर वे 31 जनवरी की रैली में आवाज बुलंद करेंगे।
जाट और किसान वोट बैंक में बदलाव के संकेत ,राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुकेश डागुर के कांग्रेस में शामिल होने से जाट और किसान वोट बैंक में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इससे लोकदल–भाजपा गठबंधन को फतेहपुर सीकरी क्षेत्र में भारी नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।सूत्रों के अनुसार, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता रामनाथ सिंह सिकरवार की मध्यस्थता से डागुर की कांग्रेस में एंट्री तय हुई। इस संबंध में उनकी बातचीत नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से भी हो चुकी है।
दिग्गज नेताओं की मौजूदगी से बढ़ेगा सियासी तापमान ,31 जनवरी को होने वाली रैली में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, महासचिव अविनाश पांडेय, प्रदेश अध्यक्ष अजय सिंह लल्लू समेत कई दिग्गज नेताओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। रैली के दौरान मुकेश डांगुर सदस्यता ग्रहण करेंगे,ऐसे में यह रैली कांग्रेस–सपा गठबंधन के लिए संजीवनी साबित हो सकती है, जबकि विरोधी दलों की मुश्किलें बढ़ना तय मानी जा रही हैं।
