आगरा: शिक्षा जगत में अपने अनूठे ‘दयालबाग मॉडल’ के लिए विश्व विख्यात दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट (Deemed University) ने 31 जनवरी 2026 को अपना संस्थापक दिवस (Founder’s Day) अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया। यह दिन संस्थान के लिए दोहरी खुशी का अवसर रहा, क्योंकि यह DEI के संस्थापक निदेशक परम गुरु हुजूर डॉ. एम. बी. लाल साहब की पावन जयंती का भी प्रतीक है।
शिक्षा नीति 1975: समग्र विकास की सुदृढ़ नींव

संस्थान की जड़ें 1917 में स्थापित राधास्वामी शिक्षा संस्थान से जुड़ी हैं, लेकिन इसे आधुनिक और दूरदर्शी स्वरूप प्रो. एम. बी. लाल साहब ने दिया। उनकी 1975 की क्रांतिकारी शिक्षा नीति आज भी DEI का मार्गदर्शन कर रही है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों का केवल बौद्धिक विकास ही नहीं, बल्कि उनका नैतिक, शारीरिक और आध्यात्मिक उत्थान करना भी है।
ओपन डे: नवाचार और रचनात्मकता का महाकुंभ

संस्थापक दिवस को ‘ओपन डे’ के रूप में मनाते हुए पूरे परिसर को एक विशाल प्रदर्शनी स्थल में बदल दिया गया।
विशाल जनसमूह: आगरा और आसपास के क्षेत्रों से 25,000 से अधिक आगंतुकों ने संस्थान का भ्रमण किया।
52 स्टॉल्स और विविध प्रदर्शन: संस्थान के 12 से अधिक स्थानों पर कुल 52 स्टॉल लगाए गए, जहाँ छात्रों ने 3D प्रिंटिंग, नैनो टेक्नोलॉजी, क्वांटम विज्ञान और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे भविष्य के विषयों पर अपने वर्किंग मॉडल्स प्रदर्शित किए।
प्रमुख आकर्षण और नई पहलें
इस वर्ष के उत्सव में कुछ विशेष प्रोजेक्ट्स ने सभी का ध्यान आकर्षित किया:

सुपर फूड ‘Spiruleena’: विज्ञान संकाय के वनस्पति विभाग ने 200 लीटर के टैंक में स्पाइरुलिना शैवाल तैयार किया। 65-75% प्रोटीन और उच्च आयरन से भरपूर इस ‘सुपर फूड’ को भविष्य की पोषण सुरक्षा के रूप में देखा जा रहा है।
बोटैनिकल गार्डन: यहाँ 151 दुर्लभ वन औषधियां प्रदर्शित की गईं, जो पारंपरिक ज्ञान और आधुनिक विज्ञान के मेल को दर्शाती हैं।
ITEP की शुरुआत: शिक्षा संकाय ने इंटीग्रेटेड टीचर एजुकेशन प्रोग्राम (ITEP) के माध्यम से शिक्षक प्रशिक्षण में एक नए युग की शुरुआत की।
आयुष ओपीडी: युवाओं के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के लिए आयुष संकाय द्वारा विशेष ओपीडी सेवा दी गई।
गुरु महाराज का आशीर्वाद

इस गरिमामयी अवसर की शोभा परम पूज्य प्रोफेसर पी. एस. सत्संगी साहब (अध्यक्ष, शिक्षा सलाहकार समिति) और परम आदरणीय रानी साहिबा जी की उपस्थिति से और बढ़ गई। गुरु महाराज ने परिसर का सघन भ्रमण किया और विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट्स में गहरी रुचि दिखाई। उनकी उपस्थिति ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा और उत्साह से भर दिया।
DEI का संस्थापक दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि ‘सेवा’ और ‘समग्र शिक्षा’ के प्रति संस्थान के संकल्प का नवीनीकरण है। वस्त्र उद्योग से लेकर जैविक खेती और हाई-टेक ड्रोन तकनीक तक, DEI यह सिद्ध कर रहा है कि मूल्यों के साथ आधुनिक शिक्षा ही राष्ट्र निर्माण का सही मार्ग है।

