संविधान बचाओ संवाद सभा में भीड़ को देख विरोधी पार्टियों के छूटे पसीने
शैलेश गौतम, अग्र भारत संवाददाता
अछनेरा /किरावली। फतेहपुर सीकरी विधानसभा क्षेत्र की सियासत में शनिवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला, जब जाट किसान नेता मुकेश डागुर कांग्रेस में शामिल होते ही भाजपा पर जमकर हमलावर हो गए। किरावली के रामवीर क्रीड़ा स्थली में आयोजित संविधान बचाओ संवाद सम्मेलन में उमड़े जनसैलाब ने साफ संकेत दे दिया कि 2027 के चुनाव से पहले कांग्रेस ने फतेहपुर सीकरी में बड़ा सियासी दांव खेल दिया है।सम्मेलन में कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अविनाश पांडेय, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और सहारनपुर सांसद इमरान मसूद समेत कई दिग्गज नेताओं की मौजूदगी रही। मंच से जैसे ही मुकेश डागुर को कांग्रेस की सदस्यता दिलाई गई, पूरा पंडाल नारों से गूंज उठा।
हजारों किसान-युवा, सैकड़ों ट्रैक्टरों के साथ पहुंचे कार्यक्रम स्थल,कार्यक्रम में हजारों की संख्या में किसान, मजदूर और नौजवान सैकड़ों ट्रैक्टरों व गाड़ियों के साथ पहुंचे। कई दशकों बाद कांग्रेस के पक्ष में उमड़ी इस भीड़ को देखकर कांग्रेसी नेता गदगद नजर आए। सम्मेलन की अध्यक्षता अशोक इन्दौलिया ने की, जबकि संचालन पवन शर्मा ने किया।
भाजपा पर तीखा हमला, जनहित के मुद्दे छाए,कांग्रेस नेताओं ने मंच से यूजीसी नियम, मनरेगा, किसानों की कर्ज़माफी, अग्निवीर योजना, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और महंगाई को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला।
प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने भाजपा पर नफरत की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए नौजवानों के रोजगार और ब्राह्मण समाज के अपमान का मुद्दा जोरदार ढंग से उठाया।
किसानों की जमीन और कर्ज़मुक्ति का संकल्प,कांग्रेस में शामिल होते ही मुकेश डागुर ने मंच से एलान किया कि किसानों को उनकी फसलों का वाजिब दाम दिलाना, सम्पूर्ण कर्ज़मुक्ति कराना और बैंकों में गिरवी रखी गई किसानों की जमीन वापस दिलाना उनकी प्राथमिकता होगी।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों से किसान, मजदूर और नौजवान त्रस्त हैं और अब बदलाव का समय आ गया है।
2027 की सियासी बिसात बिछी,मुकेश डागुर की किसानों में गहरी पैठ और मजबूत जनाधार को देखते हुए कांग्रेस खेमा उत्साहित है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि कांग्रेस ने 2027 में फतेहपुर सीकरी से मुकेश डागुर पर दांव लगाया, तो भाजपा-रालोद गठबंधन को कड़ी चुनौती मिल सकती है।
इन नेताओं ने भी थामा कांग्रेस का हाथ,मुकेश डागुर के साथ कप्तान भगोर (युवा रालोद राष्ट्रीय सचिव), ओमप्रकाश कुशवाह, सियाराम जाटव, लाला प्रधान समेत कई प्रधान, जनप्रतिनिधि और सैकड़ों किसान कांग्रेस में शामिल हुए।
रालोद से दूरी, कांग्रेस से नई पारी,गौरतलब है कि मुकेश डागुर पूर्व में शिक्षक नेता रहे हैं। रालोद के भाजपा के साथ जाने के बाद उन्होंने पार्टी छोड़कर किसान सेना का गठन किया और किसानों के मुद्दों को लेकर संघर्ष किया। अब कांग्रेस के मंच से उन्होंने अपनी नई राजनीतिक पारी का आगाज कर दिया है।
