किरावली। कस्बा क्षेत्र में भारतीय स्टेट बैंक के सामने स्थित तकिया वाली मस्जिद के बाहरी परिसर में कब्रिस्तान की बेशकीमती जमीन पर हो रहे अवैध निर्माण का मामला अब गंभीर रूप ले चुका है। क्षेत्रीय विधायक चौधरी बाबूलाल के कड़े हस्तक्षेप के बाद तहसील प्रशासन ने फिलहाल निर्माण कार्य रुकवा दिया है, लेकिन इलाके में यह चर्चा जोरों पर है कि क्या प्रशासन सिर्फ रोक तक सीमित रहेगा या अवैध कब्जों पर ठोस कार्रवाई भी करेगा।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह कोई अचानक हुआ मामला नहीं है। वर्षों से इस भूमि पर धीरे-धीरे अतिक्रमण बढ़ता गया और दबंगों ने मौके का फायदा उठाकर पक्के निर्माण खड़े कर दिए। आरोप है कि प्रशासनिक लापरवाही और मिलीभगत के चलते भूमाफियाओं के हौसले बुलंद रहे। हाल ही में यहां अवैध रूप से बनी एक दुकान को गुपचुप तरीके से बेच देने की भी बात सामने आई है, जिससे पूरे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।शिकायतकर्ता महेश शर्मा का कहना है कि वर्तमान निर्माण के अलावा आसपास करीब दर्जनभर पक्के अवैध निर्माण पहले से मौजूद हैं। यदि राजस्व अभिलेखों की निष्पक्ष जांच और मौके की पैमाइश कराई जाए तो सरकारी व कब्रिस्तान की जमीनों पर कब्जे का बड़ा खेल उजागर हो सकता है। उन्होंने प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल उठाते हुए कहा कि समय रहते कार्रवाई होती तो इतनी बड़ी समस्या खड़ी ही नहीं होती।
आंदोलन की चेतावनी
महेश शर्मा ने साफ कहा है कि तहसील प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है। यदि जल्द अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो क्षेत्रवासी आंदोलन करने को मजबूर होंगे।अब सवाल यह है कि प्रशासन सिर्फ कागजी कार्रवाई करेगा या बुलडोज़र चलाकर अवैध कब्जों को जड़ से हटाएगा। फिलहाल निर्माण रुका है, लेकिन आगे की कार्रवाई ही तय करेगी कि कानून का राज कायम होगा या कब्जाधारियों का।
,,इस प्रकरण की गहनता से जांच हेतु संबंधित निर्माणकर्ताओं से अभिलेख मांगे गये हैं। इसके बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
दिव्या सिंह-एसडीएम किरावली
