शैलेन्द्र शर्मा,अग्र भारत संवाददाता
किरावली। चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के अवसर पर भारतीय नववर्ष का उत्सव राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ किरावली नगर द्वारा हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर अनार देवी गोयल सरस्वती विद्या मंदिर उ.मा. विद्यालय, किरावली में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में संघ के सह जिला बौद्धिक प्रमुख श्याम हरी शर्मा ने अपने संबोधन में भारतीय संस्कृति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के दौर में हम अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को भूलते जा रहे हैं, जबकि हमें उस पर गर्व करना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति विश्व की सबसे प्राचीन और वैज्ञानिक संस्कृतियों में से एक है। उन्होंने बताया कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा का दिन कई दृष्टियों से विशेष महत्व रखता है। मान्यता है कि इसी दिन ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना की थी। भगवान श्रीराम का राज्याभिषेक भी इसी तिथि को हुआ था। साथ ही, संघ के संस्थापक पूज्य डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार का जन्म भी इसी दिन हुआ था। इसी दिन से शक्ति उपासना का पर्व चैत्र नवरात्रि प्रारंभ होता है। श्याम हरी शर्मा ने आगे बताया कि विक्रम संवत का शुभारंभ भी इसी दिन से होता है, जिसकी शुरुआत महाराजा विक्रमादित्य ने ईसा से 58 वर्ष पूर्व की थी। इस वर्ष विक्रम संवत 2083 एवं युगाब्द 5118 का प्रारंभ हुआ है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे अपनी संस्कृति को समझें और उसके अनुसार जीवन जीते हुए समाज व राष्ट्र के उत्थान में योगदान दें। कार्यक्रम के उपरांत स्वयंसेवकों ने नगर में भ्रमण कर लोगों को तिलक लगाकर नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। विद्यालय में भी विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति के प्रति जागरूक रहने और उसे अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर सह नगर कार्यवाह सुबोध कुमार, मनोज कुमार, रवीन्द्र कुमार, गंगा प्रसाद, कृष्णकांत, देव जिंदल, खेमचंद, वरुण कुमार, राम अवतार सिंह सहित अनेक स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
