दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट (DEI) आगरा के 44वें दीक्षांत समारोह में 3500+ डिग्रियां बांटी गईं। मुख्य अतिथि प्रो. एस. महेंद्र देव ने ‘विकसित भारत’ और AI शिक्षा पर दिया जोर। पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
DEI Convocation 2026: विकसित भारत के संकल्प के साथ दयालबाग यूनिवर्सिटी का 44वां दीक्षांत समारोह संपन्न, प्रो. एस. महेंद्र देव को लाइफटाइम अचीवमेंट सम्मान
आगरा। विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक और शैक्षणिक केंद्र दयालबाग एजुकेशनल इंस्टीट्यूट (डीम्ड यूनिवर्सिटी) ने शनिवार, 4 अप्रैल 2026 को अपना 44वां दीक्षांत समारोह भव्यता के साथ मनाया। संस्थान के दीक्षांत हॉल में आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में देश के प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री और प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) के अध्यक्ष प्रो. एस. महेंद्र देव मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए।
मेधावियों पर हुई पदकों की वर्षा: 3500 से अधिक उपाधियाँ वितरित

समारोह की शुरुआत संस्थान के रजिस्ट्रार प्रो. संजीव स्वामी के नेतृत्व में ‘एकेडमिक प्रोसेशन’ (शैक्षणिक जुलूस) के साथ हुई। इस वर्ष संस्थान ने विभिन्न संकायों के सफल विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान कीं:
पदक: 88 डायरेक्टर मेडल और 02 प्रेसिडेंट मेडल।
उच्च शिक्षा: 109 शोधार्थियों को Ph.D. और 616 को पोस्टग्रेजुएट डिग्री।
स्नातक व अन्य: 1560 अंडरग्रेजुएट, 543 इंजीनियरिंग/पॉलिटेक्निक डिप्लोमा और 519 सर्टिफिकेट कोर्स की डिग्रियां दी गईं।
सम्मान: प्रो. महेंद्र देव को ‘SSI लाइफटाइम अचीवमेंट’ अवार्ड
कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त IDAS अधिकारी श्री गुर सरूप सूद ने की। इस अवसर पर संस्थान ने प्रो. एस. महेंद्र देव को उनके आर्थिक और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान के लिए ‘SSI लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार’ से सम्मानित किया। साथ ही, सिंगापुर के डेस्टर कंसल्टिंग के एमडी श्री खुशी राम को ‘DEI विशिष्ट पूर्व छात्र पुरस्कार’ (Distinguished Alumnus Award) प्रदान किया गया।
मुख्य अतिथि का संबोधन: ‘नवाचार से दुनिया को नया आकार दें युवा’
मुख्य अतिथि प्रो. एस. महेंद्र देव ने अपने दीक्षांत भाषण में वैश्विक अनिश्चितताओं और भू-राजनीतिक संघर्षों के बीच भारत की भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को साझा करते हुए कहा:
“यह युवा मस्तिष्कों के लिए नवाचार और उद्देश्यपूर्ण कार्यों के माध्यम से दुनिया को नया आकार देने का अवसरपूर्ण समय है। छात्रों को स्वयं से पूछना चाहिए—’मैं समाज में क्या सकारात्मक बदलाव ला सकता हूँ?'”
उन्होंने दयालबाग के ‘LIFE’ (Lifestyle for Environment) दृष्टिकोण की सराहना करते हुए इसे सतत विकास का एक वैश्विक मॉडल बताया।
DEI की प्रोग्रेस रिपोर्ट: AI और सस्टेनेबिलिटी पर जोर

संस्थान के निदेशक प्रो. सी. पटवर्धन ने वार्षिक रिपोर्ट पेश करते हुए DEI की उपलब्धियों का ब्यौरा दिया। उन्होंने बताया कि:
AI पहल: संस्थान ने सभी विभागों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पहल शुरू की है ताकि छात्र भविष्य की तकनीक में दक्ष हो सकें।
अंतरराष्ट्रीय मानक: DEI को शैक्षिक प्रबंधन के लिए ISO 21001:2018 प्रमाणन प्राप्त हुआ है।
हरित ऊर्जा: संस्थान 1 MWp क्षमता के 14 सौर ऊर्जा संयंत्रों के माध्यम से ‘ग्रीन कैंपस’ के संकल्प को पूरा कर रहा है।
आध्यात्मिक उपस्थिति और सांस्कृतिक छटा
समारोह को परम पूजनीय प्रो. पी.एस. सत्संगी साहब (अध्यक्ष, शिक्षा सलाहकार समिति) और आदरणीय रानी साहिबा की पावन उपस्थिति का विशेष आशीर्वाद मिला। शाम को आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बुंदेली और भारतीय लोक संस्कृति की अद्भुत छटा बिखेरी, जिसकी सभी अतिथियों ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की।
