झांसी। आईपीएल लीग शुरू होते ही सट्टेबाजों की चांदी हो जाती है। झांसी महानगर में सट्टे बाजी के बड़े माफिया प्रतिदिन लाखों रुपयों का लेन देन कर रहे है। भले ही पुलिस कितनी निगरानी कर ले। लेकिन मिली भगत और राजनीतिक संरक्षण के चलते अलग अलग ऐप के माध्यम से सटोरिये पुलिस की निगरानी को खुली चुनौती देते हुए बड़े पैमाने पर ऑन लाइन सट्टे का कारोबार कर रहे है।
झांसी महानगर ने आईपीएल क्रिकेट लीग शुरू होने के बाद सट्टे का कारोबार करने वाले पुराने माफिया फिर सक्रिय हो गए। यह माफिया राजनीतिक संरक्षण में हर मैच पर करोड़ों रुपयों का अवैध लेनदेन कर रहे है। पूर्व में नोएडा में वर्ष 2023 में पकड़े गए झांसी ओर दुबई के सट्टा माफियाओं ने झांसी महानगर में राजनीतिक संरक्षण प्राप्त कर शहर में ऑन लाइन सट्टे बाजी का बाजार गर्म कर दिया है। यह सट्टेबाज अपने गुर्गों को शहर के चारों ओर फैला कर मोबाइल में अलग अलग ऐप के जरिए नए ग्राहकों को जोड़ रहे है। यह सट्टा माफिया झांसी महानगर ही नहीं महानगर से पूरे बुंदेलखंड में अपना नेटवर्क फैलाए हुए है। यह माफिया दर्जनों आईडी बनाए हुए है सूत्रों का कहना है जिसमें कुछ आईडी लोकल झांसी और कुछ आईडी दुबई से संचालित हो रही है। ऑन लाइन सट्टे की आईडी संचालित करने वाले यह वही गिरोह है जो वर्ष 2023 में नोएडा से गिरफ्तार हुआ था। इसमें कई लोग दुबई में रहकर झांसी और महानगर सहित पूरे बुंदेखण्ड में सट्टे का कारोबार चला रहे है। आपको बता से कि यह मोबाइल पर आईडी रेडी अन्ना, महादेव, महादेव 63, रेडी अन्ना 39, 67 ब्रांच, महादेव 16=93, रॉयल 24, डब्लू बीटी, टीवीएस प्रो, सहित कई अन्य आईडी संचालित कर ऑन लाइन क्रिकेट सट्टे का कारोबार कर रहे है। सूत्र बताते है कि कुछ जिम्मेदारों की मिली भगत और राजनीतिक संरक्षण में यह ऑन लाइन सट्टा गिरोह के माफिया युवा पीढी। को एक का दस भाव देने का लालच देते है ओर फिर उनके घर परिवार की पूंजी को इसमें ठिकाने लगाकर बरवाद करवा देते है।
कुछ फ़टीचर हाल में रहने वाले पहुंच गए लग्जरी जिंदगी पर
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झांसी। ऑन लाइन सट्टे बाजी के कारोबार में कम समय में करोड़ों रुपए कमाने का लालच मिलने पर ऐसे कई लोग झांसी के सट्टा माफियाओं को संरक्षण दे रहे जो कभी फटे पुराने कपडे पहनते थे जो आज लग्जरी लाइफ जी रहे। सूत्र बताते है कि यह सट्टे माफियाओं को संरक्षण देने वाले पुलिस के इर्दगिर्द घूम कर सट्टा माफियाओं संरक्षण दे रहे है।
कभी सौ रूपये कर्ज के चलते छुपता था मुंह, आज बना ली करोड़ों की हवेली
झांसी। ऑन लाइन सट्टेबाजी में प्रेमनगर क्षेत्र में रहने वाला एक मोहल्ला प्रतिनिधि राजनीतिक संरक्षण में अपना ऑन लाइन सट्टे का कारोबार चला रहा है, जो कभी अपने घर के आस पास बनी परचून की दुकानों के सौ रूपये उधारी देने के लिए मुंह छिपाता था आज वह करोड़ों की हवेली बनाए बैठा है।
प्रेमनगर ओर शहर इलाके में सक्रिय सट्टा कारोबारी
झांसी। क्रिकेट ऑन लाइन सट्टे का कारोबार झांसी महानगर से पूरे बुंदेलखंड ओर आस पास के जिलों में संचालित हो रहा है। इसमें सबसे ज्यादा सट्टा माफिया प्रेमनगर क्षेत्र ओर शहर कोतवाली क्षेत्र के निवासी है, कई बार प्रेमनगर क्षेत्र में रहने वाले सट्टा माफियाओं को दिल्ली ओर उत्तराखंड सहित कई राज्यों की पुलिस विदेशी करंसी, ओर साइबर क्राइम के माध्यम से बैंक अकाउंट से पैसे चोरी करने के आरोप में गिरफ्तार कर चुकी है, इसकी जानकारी प्रेमनगर थाना पुलिस को भी अच्छी तरह है, इसके बावजूद गिट्टी बजरी का कारोबार करने वाले करोड़ो रुपयों की लग्जरी गाड़ियों से घूम रहे है, इसी प्रकार शहर क्षेत्र में वही माफिया सट्टा कारोबार खुलेआम संचालित कर रहे जो नोएडा में पुलिस गिरफ्तार में आए थे। लेकिन इन पर पुलिस निगरानी क्यों नहीं हो रही या यह समझा जाए कि पुलिस का सूचना तंत्र कमजोर हो गया है या फिर सट्टा माफियाओं का राजनैतिक संबंध ज्यादा गहरा गया जिसके चलते यह ऑन लाइन सट्टे का कारोबार चरम सीमा पर पहुंच गया। वहीं पूर्व में कुछ सट्टा माफियाओं को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया गया था। उनकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सार्वजनिक रूप से कहा था ऐसे सट्टा माफियाओं की संपत्ति की जांच होगी और उन पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई भी होगी लेकिन आज तक उन पर ऐसी कोई कार्रवाई न होना कहीं न कहीं। पुलिस की कार्यशैली पर भी सवालिया खड़ा करता है अब देखने वाली बात यह है कि गली गली में आईपीएल सटोरियों के गुर्गे अपना नेटवर्क संचालित कर रहे हैं। क्या योगी सरकार की पुलिस ऐसे सट्टा माफियाओं का नेटवर्क तोडऩे में सफल हो पाती? यह अपने आप में एक बहुत बड़ा सवाल है।
