फोन कॉल्स से दूरी: स्मार्ट मीटर सुपरवाइजर कुंदन कुमार पर सवाल
स्मार्ट मीटर बना सिरदर्द: न कंपनी का ठिकाना, न समाधान
जनपद अंबेडकर नगर में स्मार्ट मीटर बिलिंग को लेकर उत्पन्न समस्याएं अब गंभीर रूप लेती जा रही हैं। उपभोक्ताओं की सबसे बड़ी परेशानी यह है कि जिस निजी कंपनी के द्वारा स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं और जो बिलिंग के लिए भी जिम्मेदार है, उसका जिले में कहीं भी कोई स्थायी कार्यालय या कर्मचारी उपलब्ध नहीं है। इससे शिकायतों का समाधान और अधिक जटिल होता जा रहा है।
निजी कंपनी का नहीं है कोई स्थानीय तंत्र
स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि पूरे जिले में उस निजी कंपनी का न तो कोई कार्यालय है और न ही कोई कर्मचारी नियमित रूप से बैठता है। ऐसे में जब भी स्मार्ट मीटर या बिलिंग से संबंधित कोई समस्या आती है, तो उपभोक्ताओं को इधर-उधर भटकना पड़ता है। सीधे तौर पर कंपनी से संपर्क न हो पाने के कारण शिकायतों का निस्तारण समय पर नहीं हो पा रहा है।
बिजली विभाग भी झाड़ रहा पल्ला
स्थिति को और गंभीर बनाता है बिजली विभाग का रवैया। विभागीय पावर स्टेशन और अन्य कार्यालयों में मौजूद कर्मचारी अक्सर यह कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं कि स्मार्ट मीटर से संबंधित मामलों में उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं है। उनका कहना है कि यह पूरा कार्य निजी कंपनी के अधीन है और उसी के द्वारा समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए। ऐसे में उपभोक्ता खुद को पूरी तरह असहाय महसूस कर रहे हैं।
जमीनी स्तर पर बढ़ती जा रही परेशानी
इस दोहरी व्यवस्था के चलते उपभोक्ताओं की समस्याएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। एक ओर निजी कंपनी का कोई स्पष्ट तंत्र नहीं है, वहीं दूसरी ओर विभागीय अधिकारी भी सीधे तौर पर जिम्मेदारी लेने से बच रहे हैं। परिणामस्वरूप उपभोक्ताओं को न तो सही मार्गदर्शन मिल पा रहा है और न ही समय पर समाधान।
अधीक्षण अभियंता का बयान
इस संबंध में जब अकबरपुर के अधीक्षण अभियंता से हमारे संवाददाता ने बात की, तो उन्होंने बताया कि स्मार्ट मीटर से संबंधित शिकायतों का निराकरण उनके स्तर पर लगातार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग उपभोक्ताओं की समस्याओं को गंभीरता से ले रहा है और जहां भी शिकायत मिल रही है, वहां कार्रवाई की जा रही है।
भविष्य में सुधार का आश्वासन
अधीक्षण अभियंता ने यह भी आश्वासन दिया कि यदि स्मार्ट मीटर से संबंधित समस्याएं इसी प्रकार बढ़ती रहीं, तो आने वाले समय में निजी कंपनी के कर्मचारियों को भी कार्यालयों में बैठाने की व्यवस्था की जाएगी। इससे उपभोक्ताओं को सीधे तौर पर संपर्क करने में सुविधा मिलेगी और समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो सकेगा।
अंबेडकर नगर में स्मार्ट मीटर व्यवस्था की मौजूदा स्थिति कई सवाल खड़े कर रही है। जब तक निजी कंपनी और बिजली विभाग के बीच समन्वय स्थापित नहीं होता और स्थानीय स्तर पर एक स्पष्ट व्यवस्था नहीं बनाई जाती, तब तक उपभोक्ताओं की समस्याएं यूं ही बनी रहेंगी।
