पीड़ित ने डायल 112 पर दी थी सूचना, अछनेरा थाने पहुंचने के बाद बना ठगी का शिकार;2500 रुपए ठगे
अग्र भारत संवाददाता ,आगरा। जनपद में पुलिस कमिश्नरेट जहां भ्रष्टाचार में संलिप्त पुलिसकर्मियों और सुविधा शुल्क वसूलने वालों पर शिकंजा कसने में प्रयासरत है, वहीं दूसरी ओर खाकी की आड़ में गरीबों से पैसे ऐंठने के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला थाना अछनेरा क्षेत्र का है, जहां दो पक्षों के विवाद के बाद फोन पर बातचीत के जरिए “एफआर लगाने” के नाम पर 2500 रुपये वसूल लिए गए। इस संबंध में एक ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक व्यक्ति खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए “सिकंदरा क्षेत्र में दबिश पर होने” की बात कहता सुनाई दे रहा है।
मामला थाना अछनेरा क्षेत्र के कस्बे का है। सोमवार शाम पवन सारस्वत, जो कस्बे में दुकान चलाते हैं, का झारोटी निवासी एक व्यक्ति से विवाद हो गया। इसकी सूचना डायल 112 पर दी गई, जिसके बाद पीआरवी पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले आई।इसके बाद एक अज्ञात नंबर (8858716966) से पवन के मोबाइल पर कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए थाने में राजीनामा करने को कहा। कुछ देर बाद पवन के बेटे ने उसी नंबर पर फोन कर बताया कि ,सर, राजीनामा लिखकर दे दिया गया है। थाने में बैठे व्यक्ति को छोड़ने की गुजारिश कर रहे थे,इस पर कथित पुलिसकर्मी ने कहा कि “ऐसे नहीं होगा, एफआर ,लगानी पड़ेगी, खर्चा दिलवाना पड़ेगा।”आरोप है कि इसके बाद युवक को बारकोड भेजकर ऑनलाइन पैसे जमा कराने को कहा गया। युवक ने चार किश्तों में कुछ समय के अंतर्गत 1500, 500,200 और 300 रुपये भेज दिए। जब युवक ने थाने आकर भुगतान करने की बात कही, तो आरोपी ने खुद को सिकंदरा क्षेत्र में दबिश पर हूँ अभी 12 बजे पहुंचने का हवाला देकर मना कर दिया और ऑनलाइन भुगतान का दबाव बनाया।
खाकी की साख पर कौन लगा रहा दाग ?घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित ने पहले डायल 112 पर सूचना दी, इसके बाद मामला थाने पहुंचा और फिर उसी प्रकरण में संदिग्ध कॉल आने लगी। ऐसे में सवाल उठता है कि यह साइबर ठगी थी, तो क्या डायल 112 की सूचनाओं में सेंध लगा रहे हैं ठग या कोई पुलिस के नाम पर आस पास का व्यक्ति ठगी कर रहा है।या फिर यह व्यक्ति वास्तविक पुलिसकर्मी है।मामला अधिकारियों के संज्ञान में आने के बाद उक्त मोबाइल नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन नंबर स्विच ऑफ मिला। इस संबंध में सहायक पुलिस आयुक्त अछनेरा शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि मामले की जांच कराई जा रही है। नंबर की पड़ताल कर आरोपियों तक पहुंचने के प्रयास जारी हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
