जैथरा में महिला के साथ हुई घटना से खड़े हुए कई सवाल जनता में बने चर्चा का विषय
एटा,जैथरा: बीते बुधवार को जैथरा नगर में महिला के साथ हुई लूट के प्रयास की घटना ने कई अनसुलझे सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों की जुबां बस एक ही सवाल तैर रहा है कि लुटेरों का महिला के साथ लूट करने का उद्देश्य था या फिर पुलिस को निशाना बनाने की कहानी गढ़ी गई। ये सवाल जनता में चर्चा का विषय बने हुए हैं। घटना ने जहां लोगों को सकते में डाला, वहीं पुलिस के लिए भी कई अनसुलझे पहलू भी सामने आए हैं। लुटेरों के इरादे, घटनाक्रम और समय को लेकर कई सवाल हो रहे हैं। हालांकि पुलिस इस घटना को चुनौती के रूप में स्वीकार कर उसके खुलासे में जुटी है।
बीते बुधवार को जैथरा नगर में एक महिला के साथ दो बाइक सवार लुटेरों ने लूट के प्रयास की घटना को अंजाम दिया था। महिला ने बहादुरी का परिचय देते हुए लुटेरे के छक्के छुड़ा दिए थे। महिला की बहादुरी को देख लुटेरे बिना बैग लुटे ही भाग गए। इस घटना से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज वायरल हुआ, तो हर तरफ खलबली मच गई। चूंकि घटना करीब रात 11 बजे की बताई गई, उस समय बस स्टैंड पर चहल-पहल थी। यह घटना बस स्टैंड से सब्जी मंडी जाने वाले मार्ग पर सौगजा तिराहे के समीप घटित हुई। वहां भी धर्मशाला के पास भी दुकान खुली थी। ऐसे में इस समय घटना को अंजाम देने से कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए। नगर में चर्चा है कि महिला के साथ बैग छीनने की जद्दोजहद हुई। लेकिन सवाल यह है कि यदि लुटेरों का मकसद लूट ही था तो उन्होंने नाक, कान और गले के आभूषणों को निशाना क्यों नहीं बनाया? आभूषण छीनना उनके लिए कहीं आसान होता। इसके बावजूद उनका जोर बैग छीनने पर ही रहा। इससे यह अंदेशा भी जताया जा रहा है कि वारदात के पीछे लूट के अलावा कोई और मकसद हो सकता है।
लोगों का कहना है कि पिछले आठ महीनों में नगर में इस तरह की कोई घटना सामने नहीं आई। ऐसे में नए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आगमन पर इस प्रकार की वारदात होना, सुनियोजित षड्यंत्र की ओर इशारा करती है। घटना का सीसीटीवी फुटेज सुनियोजित तरीके से वायरल होना भी कई सवाल खड़े कर रहा है।
नगर क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि यदि लुटेरे बाहरी थे, तो उन्हें जैथरा के गली-मोहल्ले और रास्ते की जानकारी किसने दी? किसने तय किया कि महिला उसी रास्ते से गुजरेगी? शांति एवं कानून व्यवस्था को लेकर नगर पहले से ही सामान्य रहा है। ऐसे में अचानक इस तरह की घटना घटित कराकर नगर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने की किसके द्वारा योजना तैयार की गई? किसी ने पुलिस को कठघरे में खड़ा करने के लिए जानबूझकर यह घटना अंजाम दी ?
नवागत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के कार्यभार संभालने के बाद जैथरा पुलिस को आरोपों के घेरे में लाना किसके हित में है? क्या नगर की शांति व्यवस्था किसी को रास नहीं आ रही? ऐसा कौन है जो नगर की शांति व्यवस्था को छिन्न-भिन्न करना चाहता है। बाहर के लुटेरों से किसके संबंध हैं? ऐसे अनगिनत सवाल घटना की मंशा पर सवाल खड़े कर रहे हैं। कहीं पूरी कहानी पुलिस को बदनाम करने के लिए तो नहीं रची गई ?
अब पुलिस के सामने चुनौती है कि वह यह स्पष्ट करे कि घटना का मकसद लूट था या इसके पीछे कोई और मंशा थी। नगर के लोगों का कहना है कि प्रशासन को चाहिए कि वह निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाए।
फिलहाल जैथरा में यह सवाल गूंज रहा है कि घटना लूट का प्रयास थी या पुलिस व्यवस्था को कठघरे में खड़ा करने की कोशिश। जवाब पुलिस की जांच से ही सामने आएगा।
हालांकि पुलिस अधिकारियों के साथ ही, थाना पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और संदिग्धों की पहचान के प्रयास जारी हैं। थानाध्यक्ष जैथरा रितेश ठाकुर ने बताया कि घटना के हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है।
