आगरा। विकास खंड बरौली अहीर क्षेत्र की ग्राम पंचायतों में तैनात ग्राम पंचायत सचिव अर्पणा यादव पर लगे वित्तीय अनियमितता और बिना मेडिकल अवकाश लिए लंबे समय तक अनुपस्थित रहने के आरोपों की जांच में गंभीर तथ्य सामने आए हैं। भाजपा श्यामो मंडल अध्यक्ष विजय सिंह लोधी द्वारा उत्तर प्रदेश शासन से की गई शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने मामले की जांच कराई, जिसमें सचिव के विरुद्ध वित्तीय अनियमितता एवं अपहरण (गबन) की श्रेणी के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए हैं।
शिकायतकर्ता विजय सिंह लोधी ने बीते 13 अप्रैल को शासन को भेजे पत्र में आरोप लगाया था कि ग्राम सचिव अर्पणा यादव द्वारा ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर भुगतान कार्यों में अनियमितता बरती जा रही है तथा बिना वैध मेडिकल अवकाश के कई माह से कार्यक्षेत्र से बाहर रहते हुए भी सरकारी योजनाओं का संचालन प्रभावित किया जा रहा है। शिकायत में यह भी कहा गया था कि पंचायत सचिवालय का कार्य अन्य व्यक्तियों के माध्यम से कराया जा रहा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर अपर जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा जांच कराई गई। जांच आख्या में पाया गया कि ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर किए गए भुगतान और प्रशासनिक कार्यों में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं सामने आई हैं। इसके आधार पर जिला पंचायत राज अधिकारी ने सचिव अर्पणा यादव के विरुद्ध विधिक एवं विभागीय कार्रवाई की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट जिला विकास अधिकारी को प्रेषित कर दी है। जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा जारी निस्तारण आख्या में स्पष्ट किया गया है कि शिकायत की जांच पूरी कर ली गई है और संबंधित अधिकारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई के लिए संस्तुति भेज दी गई है। प्रकरण के सामने आने के बाद पंचायत विभाग में हलचल मची हुई है। अब निगाहें जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं कि दोषी अधिकारी के विरुद्ध कब और क्या कठोर कदम उठाए जाते हैं।
ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर भुगतान गड़बड़ी की शिकायत में ग्राम पंचायत सचिव अर्पणा यादव जांच में दोषी
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