जल जीवन मिशन के तहत सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप, पुरानी टंकी चालू कराने की मांग
आगरा। केंद्र और प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक पेयजल पहुंचाने के दावों के बीच विकास खंड बिचपुरी के ग्राम बिचपुरी में विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। गांव में पहले से स्थापित पुरानी पानी की टंकी को ध्वस्त कर नई टंकी निर्माण के प्रस्ताव का ग्राम प्रधान ने विरोध जताते हुए इसे सरकारी धन के दुरुपयोग की तैयारी बताया है।
उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण) आगरा द्वारा 22 मई को जारी पत्र में ग्राम बिचपुरी में 150 केएल क्षमता के शिरोपीय जलाशय निर्माण के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय पत्र में कहा गया है कि भूमि उपलब्ध न होने के कारण जल निगम के पुराने वाटर वर्क्स परिसर में स्थित पुराने जलाशय को हटाकर नए जलाशय का निर्माण कराया जाए। इधर, ग्राम प्रधान प्रदीप सिंह ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति जताई है। प्रधान का कहना है कि जिस पुरानी टंकी को निष्प्रयोज्य और जर्जर बताकर हटाने की बात कही जा रही है, वह अभी भी सही स्थिति में है और तकनीकी सुधार के बाद उपयोग में लाई जा सकती है। ग्राम प्रधान के अनुसार, यह टंकी करीब 15 वर्षों से बंद पड़ी है, लेकिन इसका कारण टंकी की खराब स्थिति नहीं बल्कि पूर्व में कराई गई बोरिंग का पेयजल के लिए अनुपयुक्त होना है। यदि नई बोरिंग करा दी जाए तो यही टंकी दोबारा चालू होकर गांव की पेयजल समस्या दूर कर सकती है। उन्होंने यह भी बताया कि गांव में पहले से सात टीटीएसपी टंकियां मौजूद हैं, जिनमें केवल एक टंकी अनुपयोगी है। ऐसे में नई टंकी निर्माण की आवश्यकता समझ से परे है। उनका आरोप है कि विभाग योजना के उद्देश्य से अधिक बजट खर्च करने पर ध्यान दे रहा है। मामले को लेकर ग्रामीणों में भी नाराजगी है। उनका कहना है कि पहले से उपलब्ध संसाधनों को उपयोगी बनाने के बजाय नए निर्माण प्रस्तावित करना सरकारी धन की बर्बादी है।
बिचपुरी में नवीन टंकी का निर्माण हेतु प्रस्ताव स्वीकृत हुआ है। गांव में पुरानी स्थापित टंकी को नई बोरिंग कराकर चालू कराने पर खतरा हो सकता है। किसी भी अनहोनी से बचने के लिए नवीन टंकी का निर्माण कराकर ही जल जीवन मिशन के तहत जलापूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
अमित कुमार कटियार-अधिशासी अभियंता, जल निगम
