अछनेरा। अछनेरा नगर पालिका क्षेत्र में विकास कार्यों और सीवर सफाई को लेकर मंगलवार को नगर पालिका परिसर में आयोजित बोर्ड बैठक हंगामेदार रही। सभासदों ने नगर पालिका प्रशासन पर विकास कार्य केवल कागजों में कराने का आरोप लगाते हुए जमकर नाराजगी जताई। बैठक के दौरान कई वार्डों में सीवर नालों के उफान, पेयजल संकट और शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही को लेकर तीखी बहस हुई।
सभासदों ने आरोप लगाया कि नगर क्षेत्र में सीवर लाइन सफाई और विकास कार्यों की जमीनी स्थिति बेहद खराब है, जबकि रिकॉर्ड में कार्य पूर्ण दर्शाए जा रहे हैं। अपने-अपने वार्डों की समस्याओं को लेकर सभासदों ने ईओ अरुण कुमार यादव और चेयरमैन से जवाब मांगा। एक सभासद ने भरनी मोहल्ले की समस्या को लेकर ईओ से सवाल किया, लेकिन संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने पर बैठक में नाराजगी और बढ़ गई।बैठक में सभासदों ने कहा कि अधिकारी शिकायतों का भौतिक निरीक्षण तक नहीं करते, जिससे समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। आरोप लगाया गया कि पिछले तीन वर्षों में दर्जनों शिकायतें की गईं, लेकिन उनमें से केवल गिनी-चुनी शिकायतों का ही निस्तारण हो सका।
मिठाई भुगतान का मामला भी उठा :बैठक में बीते वर्ष दीपावली पर नगर पालिका द्वारा वितरित मिठाई के भुगतान का मुद्दा भी जोर-शोर से उठा। सभासदों ने कहा कि बाजार की मिठाई दुकान का भुगतान अब तक नहीं किया गया है, जबकि पूर्व वर्षों में नियमित रूप से भुगतान होता रहा है। इस पर ईओ ने फाइल तैयार न होने की बात कही, जिस पर सभासदों ने नाराजगी जताई।
कई वार्डों में पेयजल संकट :बोर्ड बैठक में पेयजल समस्या भी प्रमुख मुद्दा रही। सभासदों ने पूर्वी राठिया, भरनी मोहल्ला, वार्ड संख्या 9, 10, 16, 17, 18 और 20 सहित आदिवासी गली में पानी न पहुंचने की शिकायत उठाई। वार्ड संख्या 15 में गंदे पानी की आपूर्ति का मुद्दा भी बैठक में छाया रहा। सभासदों ने मांग की कि सभी कनेक्शनधारकों को नियमित रूप से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाए।बैठक में 25 निर्वाचित बोर्ड सदस्य, तीन निर्दलीय सदस्य, चेयरमैन, ईओ सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
बोर्ड बैठक में पहुंचे बकायेदार भुगतान मांगने वाले :बोर्ड बैठक के दौरान किसी भी मुद्दे पर सहमति बनती नजर नहीं आई। बैठक दोपहर करीब दो बजे शुरू हुई, लेकिन शाम 4:30 बजे तक किसी भी समस्या पर कोई निर्णायक फैसला नहीं हो सका। इसी दौरान नगर पालिका से भुगतान लेने पहुंचे मिठाई विक्रेता, पंचर लगाने वाले और टेंट व्यवसायी भी बैठक में पहुंच गए।ईओ ने कहा कि नियमित प्रक्रिया के तहत बिल प्रस्तुत किए जाने पर ही भुगतान किया जाएगा। वहीं संबंधित लोगों का कहना था कि वे भुगतान के लिए नगर पालिका के 50 से अधिक चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें राशि नहीं मिली।
