किरावली। मोबाइल चोरी के एक मामले में बरामदगी के बाद भी विधिक कार्रवाई न करने और थाने की जनरल डायरी में घटना का उल्लेख न करने पर किरावली थाने के उपनिरीक्षक हिमांशु कटारिया को निलंबित कर दिया गया है। डीसीपी पश्चिमी जोन आदित्य ने प्रारंभिक जांच में दोषी पाए जाने पर यह कार्रवाई की है। उनके विरुद्ध विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।
जानकारी के अनुसार राजस्थान के अलवर जनपद के लखड़ी निवासी वसीम ट्रक लेकर महुआ से कोलकाता जा रहे थे। रविवार दोपहर न्यू दक्षिणी बाइपास स्थित महुअर पुल के पास ट्रक रोककर चालक ने यूरिया डाला और टायरों की जांच की। इसी दौरान उनका करीब 40 हजार रुपये मूल्य का मोबाइल फोन चोरी हो गया।पीड़ित ने यूपी-112 पर सूचना देने के साथ ही किरावली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस को सुराग मिला, जिसके आधार पर उपनिरीक्षक हिमांशु कटारिया पुलिस टीम के साथ बरौदा सदर गांव पहुंचे और वहां से मोबाइल बरामद कर लिया।पीड़ित ने आरोप लगाया था कि मोबाइल चोरी करने वाले युवक को छोड़ दिया गया तथा उससे कार्रवाई नहीं की गई। साथ ही पुलिसकर्मी पर रुपये लेने के भी आरोप लगाए गए थे। मामला संज्ञान में आने पर डीसीपी पश्चिमी जोन ने जांच एसीपी अछनेरा शैलेंद्र सिंह को सौंपी।एसीपी की जांच में सामने आया कि मोबाइल बरामद होने के बावजूद आरोपी के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई नहीं की गई और न ही घटना की जनरल डायरी में प्रविष्टि की गई। हालांकि जांच में रुपये वसूले जाने के आरोपों की पुष्टि नहीं हो सकी।डीसीपी पश्चिमी जोन आदित्य ने बताया कि प्रारंभिक जांच में लापरवाही पाए जाने पर उपनिरीक्षक हिमांशु कटारिया को निलंबित कर दिया गया है। उनके विरुद्ध विभागीय जांच भी शुरू करा दी गई है।
