कॉल डिटेल, लोकेशन और सीसीटीवी के आधार पर कई लोगों से पूछताछ के बाद एक बाल अपचारी को बनाया आरोपी, परिजनों ने जांच पर जताया अविश्वास
किरावली। रेलवे स्टेशन के पीछे झाड़ियों में गंभीर रूप से घायल मिलने के बाद उपचार के दौरान दम तोड़ने वाले 13 वर्षीय प्रिन्स उर्फ गुल्लू हत्याकांड के पुलिस खुलासे पर परिजनों ने सवाल खड़े कर दिए हैं। मंगलवार को तहसील मुख्यालय पहुंचे मृतक के परिजनों ने एसडीएम किरावली को प्रार्थना पत्र सौंपकर मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की।

गौरतलब है कि किरावली पुलिस, साइबर, सर्विलांस और काउंटर इंटेलीजेंस टीम ने घटना का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए एक बाल अपचारी को पुलिस अभिरक्षा में लिया है। पुलिस के अनुसार कॉल डिटेल, लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच की गई। पूछताछ में बाल अपचारी ने मृतक को रेलवे स्टेशन के पीछे सुनसान स्थान पर ले जाकर ईंट-पत्थर से हमला करने की बात स्वीकार की। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त ईंट-पत्थर, मृतक की चप्पल और आरोपी की टी-शर्ट बरामद करने का दावा किया है।वहीं मृतक के भाई गौरव सिंह ने एसडीएम को दिए प्रार्थना पत्र में पुलिस जांच पर असंतोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि पुलिस ने घटना के बाद कई लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की थी, लेकिन बाद में केवल एक बाल अपचारी को आरोपी बनाकर मामला खोल दिया गया। परिजनों का आरोप है कि हत्या जैसी गंभीर वारदात केवल मामूली कहासुनी का परिणाम नहीं हो सकती और घटना में अन्य लोगों की भूमिका से भी इंकार नहीं किया जा सकता।तहसील मुख्यालय पर मौजूद परिजनों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस की खुलासा थ्योरी कई सवाल खड़े करती है। उनका आरोप है कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच नहीं की गई और कुछ संदिग्ध लोगों को क्लीन चिट दे दी गई। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों के दबाव में वास्तविक आरोपितों तक पुलिस नहीं पहुंच रही है।प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया है कि जब परिवार ने पुलिस से घटना की विस्तृत जानकारी मांगी तो उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। परिवार ने मामले की किसी स्वतंत्र एजेंसी अथवा उच्च अधिकारी से जांच कराए जाने की मांग करते हुए सभी संदिग्ध व्यक्तियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराने की गुहार लगाई है।उधर पुलिस का कहना है कि उपलब्ध साक्ष्यों, तकनीकी विश्लेषण और पूछताछ के आधार पर कार्रवाई की गई है तथा विवेचना के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
