जैथरा,एटा। जिले में अपराध और असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। नगर सहित गांवों और मोहल्लों में दबंगई कर दहशत फैलाने वाले असामाजिक तत्वों की अब खैर नहीं होगी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. इलामारन जी. ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को ऐसे लोगों का चिन्हांकन कर उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद थाना जैथरा पुलिस ने अभियान शुरू करते हुए गांव-गांव पहुंचकर असामाजिक तत्वों की सूची तैयार करनी शुरू कर दी है।
जैथरा पुलिस के अनुसार अभियान के दौरान अब तक सात दर्जन से अधिक ऐसे लोगों को चिन्हित किया गया है, जो क्षेत्र में रंगबाजी, धमकी, मारपीट, अवैध वसूली और दबंगई जैसी गतिविधियों के जरिए आम लोगों में भय का माहौल बनाते हैं। पुलिस अब ऐसे लोगों का आपराधिक इतिहास खंगाल रही है और उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
एसएसपी के निर्देशों के मुताबिक चिन्हित असामाजिक तत्वों के खिलाफ मिनी गुंडा एक्ट, गुंडा एक्ट और आवश्यकता पड़ने पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए किसी भी प्रकार की गुंडागर्दी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
अभियान के तहत पुलिस सोशल मीडिया पर नजर भी रख रही है। ऐसे लोग जो सोशल मीडिया के माध्यम से डर, भ्रम या दहशत फैलाने की कोशिश करते हैं अथवा आपत्तिजनक पोस्ट और वीडियो के जरिए माहौल खराब करने का प्रयास करते हैं, उन्हें भी पुलिस के रडार पर रखा गया है।
जैथरा थाना क्षेत्र में पुलिस टीमें लगातार गांव गांव जाकर लोगों से जानकारी जुटा रही हैं। पुलिस स्थानीय अभिलेखों और खुफिया सूचनाओं के आधार पर ऐसे व्यक्तियों का सत्यापन भी कर रही है, ताकि वास्तविक असामाजिक तत्वों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
थानाध्यक्ष रितेश ठाकुर ने कहा कि क्षेत्र की शांति और सौहार्द बिगाड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। कानून व्यवस्था को चुनौती देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और आम नागरिकों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि यदि कोई व्यक्ति गुंडागर्दी या दहशत फैलाने का प्रयास करता है तो उसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि समय रहते उसके विरुद्ध कार्रवाई की जा सके।
