अग्र भारत संवाददाता, शैलेश गौतम
कौन थी वह अभागी मां? सीसीटीवी भी नहीं खंगाल पाए जिम्मेदार, अधीक्षक बोले- रविवार था, आज देखेंगे फुटेज
अछनेरा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) अछनेरा के शौचालय में सात माह का भ्रूण मिलने की सनसनीखेज घटना ने स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना सामने आने के करीब 36 घंटे बाद भी न तो भ्रूण को वहां छोड़ने वाले का कोई सुराग लग सका है और न ही सीसीटीवी फुटेज की व्यवस्थित जांच हो पाई है।
शनिवार रात 10 बजे शौचालय गए सुरक्षा गार्ड अजय की नजर भ्रूण पर पड़ी, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने भ्रूण को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, लेकिन मामले की जांच की रफ्तार बेहद धीमी नजर आ रही है। घटना के बाद से स्थानीय लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं कि आखिर अस्पताल परिसर के भीतर इतनी बड़ी घटना कैसे हो गई और किसी को भनक तक नहीं लगी।सबसे चौंकाने वाली बात सीएचसी अधीक्षक का बयान है।अधीक्षक ने बताया कि रविवार होने के कारण सीसीटीवी फुटेज की जांच नहीं हो सकी, सोमवार को आज फुटेज दिखवाते हैं।उन्होंने यह भी कहा कि अभी यह समझ में नहीं आ रहा कि भ्रूण को शौचालय में कौन छोड़कर गया।इधर, पुलिस की ओर से भी अब तक सीसीटीवी फुटेज की जांच नहीं किए जाने की चर्चा है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि जब अस्पताल परिसर में प्रवेश और निकास से लेकर गलियारों तक कैमरे लगे हैं तो घटना के तत्काल बाद उनकी जांच क्यों नहीं कराई गई। शुरुआती घंटों में फुटेज खंगालने से कई महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते थे।सीएचसी में सामान्य प्रसव के साथ ऑपरेशन से डिलीवरी की सुविधा भी उपलब्ध है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं उपचार के लिए पहुंचती हैं। ऐसे में यह आशंका भी जताई जा रही है कि कहीं किसी गर्भवती का शौचालय में समय पूर्व प्रसव तो नहीं हुआ और वह बिना किसी को जानकारी दिए चली गई।हालांकि इस संभावना की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।लेकिन इसमें स्थित साफ है ,गंभीर प्रकरण में जिम्मेदार बेपरवाह नजर आ रहे हैं।
जवाब मांग रहे हैं ये सवाल
– सात माह का भ्रूण सीएचसी के शौचालय तक कैसे पहुंचा?
– घटना के 36 घंटे बाद भी सीसीटीवी फुटेज क्यों नहीं देखी गई?
– अस्पताल परिसर में तैनात कर्मचारियों को किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी क्यों नहीं मिली?
– क्या किसी गर्भवती महिला का अस्पताल में समय पूर्व प्रसव हुआ?
– यदि परिसर में कैमरे लगे हैं तो जांच में इतनी देरी क्यों हो रही है?,,,अब स्थानीय लोगों की निगाहें पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की जांच पर टिकी हैं। उम्मीद की जा रही है कि सीसीटीवी फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अस्पताल के रिकॉर्ड की जांच के बाद इस रहस्यमयी मामले से पर्दा उठ सकेगा। वहीं, घटना ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी प्रणाली की प्रभावशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
