अग्र भारत संवाददाता,पीतम शर्मा,आगरा। थाना सिकंदरा पुलिस की कार्यशैली को लेकर पिछले कुछ महीनों से लगातार उठ रहे सवालों के बीच प्रभारी निरीक्षक का तबादला कर उन्हें सैंया थाने की जिम्मेदारी सौंप दी गई है। वहीं शाहगंज थाने के प्रभारी निरीक्षक को सिकंदरा थाने का नया प्रभारी बनाया गया है। पुलिस विभाग भले ही इसे नियमित प्रशासनिक प्रक्रिया बता रहा हो, लेकिन क्षेत्र में इसे सिकंदरा थाने से जुड़े विवादित मामलों के बाद हुई कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है।
सिकंदरा थाना उस समय सुर्खियों में आया था जब एक वारंटी महिला को हिरासत में लेकर उसके साथ मारपीट किए जाने के आरोप लगे थे। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने प्रथम दृष्टया तथ्यों को गंभीर मानते हुए चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे। मुकदमा दर्ज होने के बावजूद संबंधित पुलिसकर्मियों को तत्काल थाने से नहीं हटाया गया, बल्कि उन्हें केवल थाना हाजिर किया गया। इस निर्णय पर भी सवाल उठे थे और पुलिस की निष्पक्षता को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं।प्रकरण में यह आरोप भी सामने आए थे कि महिला को करीब दोपहर एक बजे उसके घर से पुलिस उठाकर लाई थी, जबकि पुलिस अभिलेखों और जीडी में हिरासत का समय शाम लगभग पांच बजे दर्ज किया गया। इस विरोधाभास ने मामले को और अधिक विवादित बना दिया। न्यायालय द्वारा थाना परिसर के सीसीटीवी फुटेज से संबंधित जानकारी मांगे जाने के बाद भी कई सवाल अनुत्तरित रहे। बताया गया कि संबंधित उपनिरीक्षक द्वारा सीसीटीवी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने संबंधी पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था, जबकि मामले की सुनवाई के दौरान रिकॉर्ड को लेकर लगातार बहस होती रही।इसी बीच थाना क्षेत्र में हुई एक अन्य चर्चित घटना ने भी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए। गोली लगने से घायल युवक के परिजन लगातार आरोप लगाते रहे कि बदमाशों ने चैन लूटने का विरोध करने पर युवक को गोली मारी थी। हालांकि प्रारंभिक स्तर पर पुलिस अधिकारियों द्वारा घटना को आपसी रंजिश का परिणाम बताया जाता रहा। पुलिस ने भी मुकदमा मुख्य रूप से हत्या के प्रयास की धाराओं में दर्ज किया था।बाद में जब घटना का खुलासा किया गया तो पुलिस ने स्वयं स्वीकार किया कि घटना में लूट का तत्व भी शामिल था। खुलासे के दौरान अधिकारियों ने पुलिस टीम की पीठ थपथपाई, लेकिन इससे पहले घटना को आपसी रंजिश बताने की पुलिस की थ्योरी पर सवाल उठने लगे। लोगों का कहना था कि यदि शुरुआत में ही परिजनों के आरोपों को गंभीरता से लिया जाता तो घटना की सही तस्वीर पहले ही सामने आ सकती थी।इन दोनों मामलों के अलावा भी थाना सिकंदरा की कार्यशैली को लेकर समय-समय पर स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों द्वारा सवाल उठाए जाते रहे। ऐसे में प्रभारी निरीक्षक प्रदीप कुमार त्रिपाठी का स्थानांतरण महज एक सामान्य प्रशासनिक फेरबदल न मानकर पुलिस महकमे की छवि पर पड़े असर से जोड़कर देखा जा रहा है।सूत्रों के अनुसार पुलिस अधिकारियों ने हालिया समीक्षा के बाद थाना प्रभार में बदलाव का निर्णय लिया। अब सैंया थाने की जिम्मेदारी सिकंदरा थाना प्रभारी प्रदीप कुमार त्रिपाठी सौंपी गई है, जबकि शाहगंज थाने के प्रभारी निरीक्षक को सिकंदरा थाने का नया प्रभारी बनाया गया है। नए प्रभारी के सामने थाने की कार्यशैली को लेकर बनी नकारात्मक छवि को सुधारने की चुनौती रहेगी।
