आगरा के विकास प्राधिकरण (ADA) और अवैध निर्माणकर्ताओं के बीच साठगांठ का एक बड़ा मामला सामने आया है। खतना रोड (खतेहना मार्ग) पर स्थित चौहान मार्केट में लंबे समय से चल रहे अवैध निर्माण पर आखिरकार आगरा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष (VC) ने सील करने के कड़े आदेश जारी कर दिए हैं।
इस पूरी कार्रवाई के बाद क्षेत्रीय जनता और प्रशासनिक गलियारों में यह चर्चा तेज है कि अब तक विकास प्राधिकरण के अधिकारी और तंत्र, यश चौहान उर्फ टीटू चौहान की दबंगई और रसूख के आगे बौने साबित हो रहे थे।
साठगांठ से खड़ा हुआ अवैध साम्राज्य
स्थानीय सूत्रों और मिल रही खबरों के अनुसार, खतना रोड स्थित चौहान मार्केट में लंबे समय से बिना स्वीकृत मानचित्र (नक्शे) और मानकों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से बिल्डिंग का निर्माण किया जा रहा था। आरोप है कि इस अवैध निर्माण को सरंक्षण देने में विकास प्राधिकरण के ही कुछ निचले स्तर के अधिकारियों और इंजीनियरों की मिलीभगत थी। यश चौहान उर्फ टीटू चौहान नामक व्यक्ति के कथित रसूख और दबंगई के चलते लंबे समय तक इस अवैध निर्माण पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा सकी।
शिकायतों के बावजूद अधिकारी मामले को टालते रहे, जिससे साफ जाहिर हो रहा था कि विकास प्राधिकरण का पूरा अमला इस अवैध निर्माण के आगे बेबस और नतमस्तक नजर आ रहा था।
एडीए वीसी के कड़े तेवर, सीलिंग के आदेश
जब इस अवैध निर्माण और अधिकारियों की संलिप्तता की शिकायत आगरा विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष (VC) तक पहुंची, तो उन्होंने मामले का कड़ा संज्ञान लिया। वीसी ने सख्त रुख अपनाते हुए चौहान मार्केट के इस अवैध हिस्से को तत्काल प्रभाव से सील करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
प्राधिकरण के इस कड़े आदेश के बाद विभागीय अधिकारियों में भी हड़कंप मच गया है। वीसी के निर्देशों के बाद अब संबंधित क्षेत्र के प्रवर्तन दस्ते (Enforcement Wing) को सीलिंग की प्रक्रिया को अमलीजामा पहनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आरोप है मानचित्र के विपरीत और बिना मंजूरी के एडीए अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध बिल्डिंग खड़ी करने का आरोप।
जनता में चर्चा: क्या होगी भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई?
एडीए वीसी की इस त्वरित कार्रवाई की जहाँ एक तरफ सराहना हो रही है, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय लोगों का कहना है कि सिर्फ बिल्डिंग सील करना काफी नहीं है। इस अवैध निर्माण को इतने समय तक फलने-फूलने देने वाले और टीटू चौहान की दबंगई के आगे घुटने टेकने वाले एडीए के उन भ्रष्ट अधिकारियों को भी चिन्हित किया जाना चाहिए, जिनकी सरपरस्ती में यह खेल खेला जा रहा था।
फिलहाल, सीलिंग के आदेश के बाद खतना रोड और चौहान मार्केट के आस-पास हड़कंप का माहौल है और देखना होगा कि प्राधिकरण इस आदेश को कितनी सख्ती से लागू कराता है।
