आगरा पुलिस और एसओजी ने ताजगंज के जीवा (GIVA) ज्वैलरी शोरूम में हुई करोड़ों की चोरी का खुलासा करते हुए 5 अंतरराज्यीय चोरों को गिरफ्तार किया है। नेपाल और दिल्ली में माल खपाने की योजना का पर्दाफाश।
आगरा। उत्तर प्रदेश की ताजनगरी आगरा में फतेहाबाद रोड (ताजगंज) स्थित मशहूर जीवा (GIVA) ज्वैलरी स्टोर में हुई बड़ी चोरी के मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। ताजगंज पुलिस और एसओजी (SOG) की संयुक्त टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक बड़े अंतरराज्यीय चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है और गिरोह के 5 शातिर सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
पकड़े गए आरोपियों के पास से पुलिस ने भारी मात्रा में सोना, नकदी, विदेशी मुद्रा और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि इस गिरोह के तार दिल्ली, बिहार और पड़ोसी देश नेपाल तक जुड़े हुए हैं।
बरामदगी का विवरण: नेपाली मुद्रा और सोना जब्त
पुलिस और एसओजी की संयुक्त छापेमारी के दौरान गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से निम्नलिखित सामग्रियां बरामद की गईं:
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सोना: 116.3 ग्राम (चोरी के गहने)
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भारतीय नकदी: 1.18 लाख रुपये नगद
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विदेशी मुद्रा: 35 हजार नेपाली मुद्रा
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अन्य उपकरण: 6 मोबाइल फोन और पहचान पत्र (पहचान दस्तावेज)
नेपाल सीमा से जुड़े हैं गिरोह के तार, पिघलाने वाले थे सोना
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी मूल रूप से बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के रहने वाले हैं। चूंकि इनका गांव नेपाल सीमा के बेहद करीब है, इसलिए इनका वहां आसानी से आना-जाना था।
आरोपियों ने कबूल किया कि वे आगरा से चोरी किए गए माल का एक हिस्सा बिहार में पहले ही बेच चुके थे, जबकि बाकी बचे सोने को पिघलाकर दिल्ली और नेपाल के बाजारों में नए सिरे से खपाने की पूरी तैयारी थी।
रेकी से लेकर वारदात तक: शातिराना था चोरों का अंदाज
पुलिस की तफ्तीश में इस गिरोह के काम करने के बेहद शातिराना तरीके (Modus Operandi) का पता चला है:
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ट्रेन से पहुंचे आगरा: गिरोह के सदस्य दिल्ली से ट्रेन के जरिए आगरा पहुंचे और यहां आकर एक टैक्सी किराए पर ली।
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शोरूम की रेकी: 4 जुलाई को इन्होंने फतेहाबाद रोड स्थित जीवा ज्वैलरी शोरूम की अच्छी तरह रेकी की और फिर छिपने के लिए मथुरा चले गए।
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सफेद कपड़े की आड़ में चोरी: 7-8 जुलाई की रात गिरोह वापस आगरा आया। वारदात के दौरान गिरोह का एक सदस्य शोरूम के शटर के बाहर सफेद कपड़ा तानकर बैठ गया, ताकि सड़क से गुजरने वाले किसी राहगीर को शक न हो और उसके साथी अंदर आराम से तिजोरी साफ कर सकें।
दिल्ली के रोहिणी और प्रीत विहार में भी दे चुके हैं अंजाम
यह गिरोह केवल आगरा ही नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी सक्रिय था। जांच में खुलासा हुआ है कि ये आरोपी दिल्ली के रोहिणी और प्रीत विहार स्थित जीवा ज्वैलरी स्टोर्स को भी निशाना बना चुके हैं। आगरा पुलिस अब इन मामलों को लेकर दिल्ली पुलिस से भी संपर्क साध रही है।
गैंगस्टर सरगना उमेश शाह: इस पूरे गिरोह की कमान उमेश शाह नाम के शातिर अपराधी के हाथ में थी। उमेश के खिलाफ गाजियाबाद में पहले से ही गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है। वह लंबे समय से देश के विभिन्न राज्यों में घूम-घूमकर चोरी की बड़ी वारदातों को अंजाम दे रहा था।
दो आरोपी अब भी फरार, नेपाल कनेक्शन की जांच तेज
पुलिस कमिश्नरेट आगरा के अधिकारियों के मुताबिक, गिरोह के दो अन्य सदस्य— छोटू और रियाज अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं, जिनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।
पुलिस अब इस गिरोह के पूरे नेटवर्क, अन्य राज्यों में दर्ज मुकदमों और उनके ‘नेपाल कनेक्शन’ की गहराई से पड़ताल कर रही है। आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस गिरोह की निशानदेही पर कुछ और बड़े चेहरों और सुनारों के नाम सामने आ सकते हैं जो चोरी का माल खरीदने के धंधे में शामिल हैं।
