अग्र भारत संवाददात आगरा। ताज ट्रेपेजियम ज़ोन (TTZ) में शामिल कागारौल क्षेत्र के बानपुर में हरे पेड़ों की कटाई का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। पर्यावरण संरक्षण के लिए संवेदनशील माने जाने वाले इस क्षेत्र में नाले की पटरी पर खड़े आधा दर्जन से अधिक नीम एवं अन्य हरे पेड़ों पर आरी चला दी गई। हैरत की बात यह है कि सूचना मिलने के 24 घंटे बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से दोषियों के विरुद्ध कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई, जिससे वन विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है।
ग्रामीणों के अनुसार बानपुर पुलिया के समीप रविवार और सोमवार को खुलेआम हरे पेड़ों की कटाई की गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल क्षेत्रीय वन दरोगा एवं वन क्षेत्राधिकारी (रेंजर) अभिषेक उपाध्याय को इसकी सूचना दी, लेकिन कार्रवाई के नाम पर केवल आश्वासन मिलता रहा। ग्रामीणों का आरोप है कि मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।जबकि इस संबंध में फोटो वीडियो भी सामने आए हैं।इस बीच दो कथित ऑडियो भी चर्चा का विषय बने हुए हैं। स्थानीय लोगों का दावा है कि एक ऑडियो में वन विभाग का एक कर्मचारी किसी स्थानीय व्यक्ति से बातचीत के दौरान एक जनप्रतिनिधि के दबाव का जिक्र करता सुनाई दे रहा है, जबकि बाद में विभागीय कार्रवाई की बात भी कहता है। हालांकि इन ऑडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है और न ही संबंधित अधिकारियों की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि की गई है।गौरतलब है कि कागारौल क्षेत्र ताज ट्रेपेजियम ज़ोन (TTZ) में आता है, जहां बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के हरे पेड़ों की कटाई पर कड़े पर्यावरणीय नियम लागू हैं। ऐसे में पेड़ों की कटाई और उसके बाद कार्रवाई में हो रही देरी को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है।ग्रामीणों ने जिलाधिकारी एवं उच्च वन अधिकारियों से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराकर यदि पेड़ों की कटाई बिना अनुमति हुई है तो दोषियों के विरुद्ध वन एवं पर्यावरण संबंधी प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग की है।वन क्षेत्राधिकारी अभिषेक उपाध्याय का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
