आगरा, अग्र भारत संवाददाता। प्रदेश पुलिस भले ही लगातार हाईटेक होने के दावे कर रही हो और अपराधियों की पहचान के लिए आधुनिक तकनीक व एआई का इस्तेमाल किया जा रहा हो, लेकिन जनता की सुविधा के लिए बनाया गया यूपी कॉप एप लंबे समय से सर्वर की समस्या से जूझ रहा है। इसका सबसे ज्यादा खामियाजा चरित्र प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने वाले लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
यूपी कॉप एप के माध्यम से मोबाइल गुम होने की सूचना, किराएदार सत्यापन, चरित्र प्रमाण पत्र सहित कई सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। मगर सर्वर डाउन रहने के कारण ऑनलाइन व्यवस्था का लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है।कमला नगर निवासी एक युवती को नौकरी के लिए चरित्र प्रमाण पत्र की जरूरत थी। उसने ऑनलाइन आवेदन किया था, लेकिन प्रमाण पत्र डाउनलोड न होने के कारण उसे पुलिस कार्यालय के कई चक्कर लगाने पड़े। बताया गया कि उसका आवेदन थाना और डीसीआरबी से होते हुए एसपी कार्यालय तक पहुंच चुका था, लेकिन सर्वर डाउन होने के कारण प्रमाण पत्र डाउनलोड नहीं हो पा रहा था।स्थिति यह है कि दिन में कई बार सर्वर काम नहीं करता, जिससे पुलिसकर्मी भी प्रमाण पत्र और अन्य सत्यापन संबंधी कार्य पूरे नहीं कर पाते। चरित्र प्रमाण पत्र सहित अन्य ऑनलाइन सत्यापन कार्यों के लिए कर्मचारियों को देर रात तक इंतजार करना पड़ता है, ताकि सर्वर चालू होने पर लंबित प्रमाण पत्र अपलोड किए जा सकें।एसपी कार्यालय से प्रमाण पत्र अपलोड होने के बाद भी आवेदकों की परेशानी खत्म नहीं होती। सर्वर की समस्या के चलते कई लोग प्रमाण पत्र डाउनलोड कर उसका प्रिंट तक नहीं निकाल पा रहे हैं। छोटे-छोटे कामों के लिए लोगों को दूर-दराज क्षेत्रों से पुलिस कार्यालय तक आना पड़ रहा है।चरित्र प्रमाण पत्र के ऑनलाइन आवेदन की फीस महज 50 रुपये है, लेकिन कई आवेदकों का आने-जाने में इससे अधिक खर्च हो रहा है। सर्वर की लगातार समस्या से जहां आमजन परेशान हैं, वहीं पुलिसकर्मियों का काम भी प्रभावित हो रहा है।डीसीपी सिटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि सर्वर संबंधी समस्या से मुख्यालय को अवगत करा दिया गया है और जल्द ही इसका समाधान कराया जाएगा।
