हल्का प्रभारी की कार्यशैली पर सवाल, पीड़ित की तहरीर पर कार्रवाई तो दूर थाना प्रभारी को जानकारी देना भी जरूरी नहीं समझा
अग्र भारत संवाददाता ,अछनेरा। थाना क्षेत्र अंतर्गत हल्का प्रभारी साधन के चौकी प्रभारी की कार्यशैली देखिए, पीड़ित की तहरीर पर कार्रवाई तो दूर थाना प्रभारी निरीक्षक को तहरीर प्राप्त होने की जानकारी देना भी जरूरी नहीं समझा। अछनेरा थाना क्षेत्र में बीते छः दिन पूर्व से तीन दिन के अंदर तीन स्थानों पर चोरी की घटनाएं सामने आईं। मंगलवार सुबह कचौरा हल्का स्थित बुर्जा हनुमान मंदिर और गुरुवार को व्यारा चौकी क्षेत्र के गोबरा व नगला झरिया गांव में चोर लाखों रुपये के जेवरात और नकदी पार कर ले गए। पीड़ितों ने तीनों घटनाओं में करीब 20 से 25 लाख रुपये का माल चोरी होने का दावा किया है।
थाना क्षेत्र के हल्का नगला झरिया में लाखों के सोने-चांदी के आभूषण और 20 हजार रुपये की नकदी चोरी के मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। वहीं बुर्जा हनुमान मंदिर के दानपात्र से भी चोरी हुई थी। पुलिस के अनुसार मंदिर में प्रतिमाह करीब 11 से 12 हजार रुपये दान आता था। चोर तीन माह की दानराशि लेकर फरार हो गए।इधर, गोबरा गांव निवासी रोहतास पुत्र गंगाधर के घर से लाखों रुपये के जेवरात और 1,500 रुपये की नकदी चोरी होने के मामले में घटना के तीन दिन बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। पीड़ित का आरोप है कि उसने घटना वाले दिन ही हल्का प्रभारी साधन उपनिरीक्षक गौरव शर्मा को तहरीर दी थी। इसके बावजूद न तो तहरीर की प्राप्ति दी गई और न ही मामले में कोई कार्रवाई हुई।पीड़ित का कहना है कि वह लगातार चौकी के चक्कर काट रहा है और चोरी की घटना में कार्रवाई की जानकारी के लिए चौकी प्रभारी से फोन पर भी संपर्क कर रहा है। इसके बावजूद मामले की जानकारी थाना प्रभारी निरीक्षक तक नहीं पहुंचाई गई।वहीं थाना प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार वर्मा चंदेल ने बताया कि उन्हें गोबरा में हुई चोरी की घटना के संबंध में कोई तहरीर प्राप्त नहीं हुई है।संबंधित उप निरीक्षक से जानकारी कर रहा हूँ,जबकि पीड़ित रोहतास का दावा है कि उसने घटना वाले दिन ही चौकी प्रभारी को तहरीर सौंप दी थी। ऐसे में पीड़ित के तहरीर देने के दावे और थाना प्रभारी के बयान में विरोधाभास सामने आ रहा है।चौकी प्रभारी गौरव शर्मा की कार्यशैली को लेकर क्षेत्र में चर्चा है। उक्त दरोगा पूर्व में भी एक मामले को लेकर चर्चा में रहे थे। अब गोबरा चोरी के मामले में तहरीर दिए जाने के बावजूद मुकदमा दर्ज न होने और थाना प्रभारी को जानकारी न दिए जाने को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
