रिकॉर्ड में 603, मौके पर मिले 449 गोवंश; शिकायतकर्ता ने प्रधान पक्ष पर लगाया मारपीट का आरोप
अग्र भारत संवाददाता,,अछनेरा। ब्लॉक क्षेत्र के गांव गोबरा स्थित गौशाला में अभिलेखों के मुकाबले 154 गोवंश कम मिलने के मामले में शुक्रवार को निरीक्षण के बाद शिकायतकर्ता और ग्राम प्रधान पक्ष के बीच मारपीट का मामला सामने आया। दोनों पक्षों के थाने पहुंचने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
उत्तर प्रदेश गौसेवा आयोग के सदस्य रमाकांत उपाध्याय ने शुक्रवार को गौशाला का निरीक्षण किया। अभिलेखों में 603 गायें दर्ज थीं, जबकि मौके पर 449 गायें मिलीं। इस तरह अभिलेखों और मौके पर मौजूद गोवंशों की संख्या में 154 का अंतर मिला। निरीक्षण के दौरान चारे की व्यवस्था ठीक नहीं मिली और परिसर में गंदगी भी पाई गई। आयोग सदस्य ने वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितताओं की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया।मामले की शिकायत ग्रामीण विष्णु ने की थी। इससे पहले भी गौशाला में गोवंशों की संख्या और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाए गए थे। जिलाधिकारी के निर्देश पर मामले की जांच की जा रही है।
शिकायतकर्ता ने लगाया मारपीट का आरोप, प्रधान ने किया इनकार,,शिकायतकर्ता विष्णु ने आरोप लगाया कि शुक्रवार शाम आयोग सदस्य का काफिला रवाना होने के बाद ग्राम प्रधान पक्ष के परिजनों ने उसके साथ मारपीट की। इसके बाद मामला अछनेरा थाने पहुंच गया।,,,,वहीं, ग्राम प्रधान भूरी सिंह ने मारपीट के आरोपों को नकारते हुए कहा कि उन्होंने या उनके परिजनों ने शिकायतकर्ता के साथ कोई मारपीट नहीं की है। गौशाला का संचालन एनजीओ और संचालक करते हैं। गौशाला में खामियां मिली हैं तो कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संबंधित व्यक्ति पिछले पांच साल से शिकायतें कर रहा है, लेकिन उन्होंने जांच और न्याय प्रक्रिया पर भरोसा रखा है। थाना प्रभारी से वार्ता हुई है और झूठे आरोप लगाने के मामले में भी शिकायत दर्ज कराएंगे।,,,,थाना प्रभारी कुलदीप कुमार ने बताया कि मामले में तहरीर मिली है। पुलिस जांच कर रही है। चोटिल लोगों को चिकित्सीय परीक्षण के लिए भेजा गया है।
154 गोवंश के अंतर पर उठे सवाल,,गौशाला के अभिलेखों में दर्ज संख्या और मौके पर मिले गोवंशों के बीच अंतर की जांच की जा रही है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि संख्या में अंतर की वजह क्या है। वहीं, शिकायतकर्ता से मारपीट के आरोपों की भी पुलिस जांच कर रही है।
