7 साल से एक ही सीट पर जमा है मनोज सैगर चेक बाब, बेचारे ठेकेदारों की नहीं होती कोई सुनवा, नगर आयुक्त का फोन उठाता है उनका अर्दली मनीष
आगरा। अभी हाल ही में नगर निगम मैं टेंडर घोटाले के चलते कंप्यूटर ऑपरेटरों को नगर आयुक्त ने इधर से उधर स्थानांतरण किया था लेकिन नगर आयुक्त का ध्यान एक ही सीट पर 7 साल से बैठे चेक बाबू मनोज सैगर की ओर नहीं गया जिसके चलते आज भी चेक बाबू ठेकेदारों से चेक काटने से पहले के जेई, एई एवं सीएफओ व नगर आयुक्त का कमीशन मांग रहा है, जो ठेकेदार चेक कटने से पहले कमीशन नहीं दे रहे हैं उनका चेक बाबू चेक नहीं दे रहा जिसके चलते कभी भी ठेकेदार आंदोलित हो सकते हैं।
नगर निगम की बात करें तो भ्रष्टाचार रुकने का नाम नहीं ले रहा हैं । नगर निगम के द्वारा शहर के विकास कार्यों को कराने के लिए ठेकेदारों से काम तो करा लिया जाता है लेकिन जब वह चेक लेने जाते हैं तो चेक बाबू मनोज सैगर पहले सभी अधिकारियों का कमीशन मांगता है और न देने पर उनको चेक ne देने की धमकी देता है। इससे पहले भी मनोज सैगर की कई शिकायत नगर आयुक्त से की गई है लेकिन इसके बाद भी चेक बाबू 7 साल से एक ही सीट पर बैठकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहा है। अभी हाल ही में लगभग 200 करोड रुपए की राजस्व की हानि करके टेंडर की फाइलों में बड़ा घोटाले को अंजाम दिया गया था जिसमें कई कंप्यूटर ऑपरेटर को नगर आयुक्त ने ट्रांसफर कर दिया था लेकिन इसके बाद भी चेक बाबू सुधरने का नाम ले रहा है । बताया जाता है कि चेक बाबू मनोज सैगर 7 साल से एक की सीट पर बैठकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहा है यदि कोई ठेकेदार इसकी शिकायत नगर आयुक्त से करता है तो नगर आयुक्त इस पर ध्यान न देकर चेक बाबू की भ्रष्टाचार नीति को बढ़ावा देते हैं जिसके चलते बेचारे ठेकेदार अब शिकायत करने से कतराने लगे हैं लेकिन सूत्रों की माने तो कुछ ठेकेदार अब मनोज सैगर के विरुद्ध शीघ्र ही आंदोलन करने के मूड में दिखाई दे रहे हैं।
अब देखना होगा कि नगर आयुक्त कंप्यूटर ऑपरेटर की तरह 7 साल से एक ही सीट पर जमा चेक बाबू मनोज सैगर को कब तक इस सीट से हटाते हैं फिलहाल चेक बाबू मनोज सैगर की भ्रष्टाचार नीति ने नगर आयुक्त पर भी प्रश्न चिन्ह लगा दिया है।
नगर आयुक्त का फोन उठाता है उनका अर्दली मनीष
जब इस संबंध में नगर आयुक्त संतोष कुमार वैश्य से उनका पक्ष जानना चाहा तो उनके चहेते मनीष ने फोन उठाया और बात न करवाने का बहाना करके बोला कि साहब अभी ऑनलाइन कॉन्फ्रेंस कर रहे हैं बात नहीं हो सकती है जरूरी काम हो तो बता दीजिए इससे भी साफ हो रहा है कि नगर आयुक्त सभी फोनों को अटेंड ना करके ऐसी शिकायतों को नजर अंदाज कर रहे हैं जिससे कि मनोज अर्दली जैसे भ्रष्ट बाबूओ को बढ़ावा मिला है।
