Agra Crime News: नोएडा में तैनात महिला कांस्टेबल के परिवार से जेवर में जमीन निवेश के नाम पर 8.50 लाख रुपये लेने का आरोप। कोर्ट के आदेश पर शाहगंज पुलिस ने सात लोगों पर FIR दर्ज की।
आगरा। रिश्तों का भरोसा जीतकर लाखों रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला आगरा में सामने आया है। आरोप है कि गौतमबुद्ध नगर के एक युवक ने नोएडा पुलिस में तैनात महिला कांस्टेबल से दोस्ती कर उसके पूरे परिवार से नजदीकियां बढ़ाईं। खुद को महिला कांस्टेबल का मुंहबोला भाई बताकर परिवार का विश्वास जीता और फिर जेवर में जमीन खरीदने तथा निवेश पर अच्छा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 8.50 लाख रुपये ले लिए। जब परिवार ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी ने कथित तौर पर फोन उठाना बंद कर दिया। इतना ही नहीं, उसके परिवार के अन्य सदस्यों पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
थाने में सुनवाई नहीं होने पर पीड़ित महिला ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश पर थाना शाहगंज पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत सात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
महिला कांस्टेबल से दोस्ती के बाद परिवार में बढ़ाया आना-जाना
मामला आगरा के थाना शाहगंज क्षेत्र स्थित पथौली इलाके का है। यहां की रहने वाली कुसुमलता ने अपनी शिकायत में बताया कि उनकी बेटी नोएडा पुलिस में कांस्टेबल के पद पर तैनात है। ड्यूटी के दौरान उसकी मुलाकात गौतमबुद्ध नगर निवासी सुनील कुमार से हुई थी।
शिकायत के मुताबिक, दोनों के बीच दोस्ती होने के बाद सुनील ने खुद को महिला कांस्टेबल का मुंहबोला भाई बताना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे उसने महिला कांस्टेबल के परिवार से भी नजदीकियां बढ़ा लीं।
आरोप है कि सुनील अपने परिवार के साथ महिला कांस्टेबल की सगाई और शादी के कार्यक्रमों में भी शामिल हुआ। परिवार में लगातार आने-जाने के कारण कुसुमलता और उनके परिजनों का उस पर भरोसा बढ़ गया। इसी भरोसे के आधार पर उसने परिवार को जमीन में निवेश करने का प्रस्ताव दिया।
जेवर में जमीन खरीदने का झांसा देकर निवेश कराया
कुसुमलता के अनुसार, जनवरी 2024 के पहले सप्ताह में सुनील उनके घर आया था। उसने बताया कि उसने जेवर क्षेत्र में 0.1960 हेक्टेयर जमीन खरीदी है। साथ ही दावा किया कि इस जमीन में निवेश करने पर अच्छा मुनाफा मिल सकता है।
परिवार पहले से सुनील पर भरोसा करता था, इसलिए उसके प्रस्ताव पर सहमति जता दी। शिकायत के अनुसार, 26 नवंबर 2025 को सुनील ने जमीन के सौदे के नाम पर दो लाख रुपये नकद लिए। इसके बदले 100 रुपये के स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर भी कराए गए।
इसके बाद अलग-अलग समय पर चेक के माध्यम से भी रकम ली गई। अगस्त 2026 में कुसुमलता के बेटे और बेटी से भी अलग-अलग रकम ली गई।
पीड़िता का आरोप है कि इस तरह परिवार से कुल 8.50 लाख रुपये ले लिए गए। परिवार को उम्मीद थी कि जमीन में निवेश करने से उन्हें अच्छा लाभ मिलेगा, लेकिन बाद में रकम वापस मांगने पर स्थिति बदल गई।
रुपये वापस मांगने पहुंची महिला तो नहीं खोला दरवाजा
कुसुमलता का आरोप है कि जब उन्होंने सुनील से अपनी रकम वापस मांगनी शुरू की तो उसने फोन उठाना बंद कर दिया। कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
इसके बाद वह खुद आरोपी के घर पहुंचीं, लेकिन आरोप है कि सुनील ने दरवाजा तक नहीं खोला। पीड़िता के मुताबिक, फोन पर संपर्क करने पर सुनील के बेटे उत्सव उर्फ राजा और परिवार के अन्य लोगों ने उनके साथ कथित तौर पर गाली-गलौज की।
आरोप है कि उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने और जान से मारने की धमकी भी दी गई। इससे परेशान होकर कुसुमलता ने पुलिस से शिकायत की और अपनी रकम वापस दिलाने के साथ आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
थाने में सुनवाई नहीं हुई तो कोर्ट पहुंची पीड़िता
पीड़ित परिवार का कहना है कि स्थानीय स्तर पर शिकायत करने के बावजूद उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसके बाद कुसुमलता ने अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल कर कार्रवाई की मांग की।
मामले में अदालत के आदेश के बाद थाना शाहगंज पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
सुनील, पत्नी, बेटे-बेटी समेत सात लोगों पर मुकदमा
पुलिस ने जिन सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है, उनमें मुख्य आरोपी सुनील कुमार, उसकी पत्नी रितु, बेटा उत्सव उर्फ राजा, बेटी टीना, ग्रेटर नोएडा निवासी अशोक, अर्चना देवी और प्रदीप कुमार शामिल हैं।
सभी के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी देने के आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है। फिलहाल मामले में किसी की गिरफ्तारी की जानकारी सामने नहीं आई है।
जमीन के दस्तावेज और लेनदेन की जांच करेगी पुलिस
एसीपी लोहामंडी गौरव सिंह ने बताया कि न्यायालय के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस अब 8.50 लाख रुपये के लेनदेन, जेवर में जमीन खरीदने के दावे, स्टांप पेपर और चेक से संबंधित दस्तावेजों की जांच करेगी। साथ ही शिकायत में लगाए गए अन्य आरोपों की भी पड़ताल की जाएगी।
अब पुलिस जांच में यह स्पष्ट होगा कि जमीन में निवेश के नाम पर ली गई रकम का वास्तविक इस्तेमाल कहां हुआ और इस पूरे मामले में नामजद सातों लोगों की क्या भूमिका रही।
