Donald Trump News: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप कंसास और आयोवा की चुनावी रैलियां रद्द करने के सवाल पर पत्रकार पर भड़क गए। बाद में व्हाइट हाउस ने दोनों रैलियां फिर बहाल कर दीं।
वाशिंगटन। अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव (Midterm Elections 2026) से पहले राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप कंसास और आयोवा में अपनी चुनावी रैलियां रद्द करने को लेकर पत्रकारों के सवालों पर नाराज हो गए। रॉयटर्स के एक पत्रकार ने जब उनसे पूछा कि क्या रैलियां रद्द करने के पीछे उनकी सेहत या थकान वजह है, तो ट्रंप ने सवाल को खारिज करते हुए पत्रकार पर तीखी टिप्पणी की।
ट्रंप ने कहा कि कंसास में रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, इसलिए वहां व्यक्तिगत रूप से जाने की जरूरत नहीं है। हालांकि, हालिया चुनावी सर्वेक्षणों में कई राज्यों में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों और रिपब्लिकन प्रत्याशियों के बीच कड़ा मुकाबला दिखाई दे रहा है। कुछ सर्वेक्षणों में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार बढ़त बनाए हुए हैं।
इस घटनाक्रम के बाद व्हाइट हाउस की ओर से सफाई दी गई। बाद में 30 अक्टूबर को प्रशासन ने जानकारी दी कि ट्रंप कंसास और आयोवा की रैलियों में रविवार को शामिल होंगे। यानी पहले रद्द किया गया उनका चुनावी दौरा फिर से बहाल कर दिया गया है।
सेहत पर सवाल पूछा तो पत्रकार पर भड़के ट्रंप
रिपोर्ट के मुताबिक, रॉयटर्स के पत्रकार ने ट्रंप से पूछा था कि क्या लगातार चुनाव प्रचार और लंबी यात्राओं के कारण उनकी सेहत या ऊर्जा प्रभावित हो रही है? इस पर ट्रंप ने नाराजगी जताई और अपनी तबीयत खराब होने की बात को खारिज कर दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि वह बिल्कुल ठीक महसूस कर रहे हैं। ट्रंप ने रैलियां रद्द किए जाने के पीछे भीड़ कम होने, विरोध प्रदर्शन या थकान को वजह मानने से इनकार किया।
उनका कहना था कि कंसास में रिपब्लिकन उम्मीदवार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और पार्टी वहां बेहतर स्थिति में है। इसलिए दूसरे चुनावी क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करना अधिक जरूरी है।
पहले रद्द हुईं रैलियां, फिर व्हाइट हाउस ने किया बहाल
ट्रंप ने कंसास के सलीना और आयोवा के डब्यूक में होने वाली अपनी व्यक्तिगत चुनावी रैलियां पहले रद्द कर दी थीं। इसके स्थान पर MAGA Inc. की ओर से कई राज्यों में फोन के माध्यम से टेली-रैलियां आयोजित करने की योजना बनाई गई थी।
हालांकि, 30 अक्टूबर को व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने बताया कि दोनों रैलियां रविवार के लिए फिर से निर्धारित कर दी गई हैं। अधिकारी के मुताबिक, ट्रंप के कार्यक्रम में करीब 20 टेली-रैलियां शामिल किए जाने के कारण चुनावी कार्यक्रम में बदलाव किया गया था।
इस तरह रैलियां रद्द करने के फैसले के बाद अमेरिकी राजनीतिक हलकों में शुरू हुई चर्चा के बीच ट्रंप का कंसास और आयोवा दौरा फिर बहाल हो गया।
कंसास में डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एडम हैमिल्टन को बढ़त
अमेरिकी सीनेट चुनाव में कंसास की सीट भी चर्चा में है। यहां रिपब्लिकन पार्टी के मौजूदा सीनेटर रोजर मार्शल का मुकाबला डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एडम हैमिल्टन से है।
हालिया CNN/SSRS सर्वेक्षण में एडम हैमिल्टन को 49 प्रतिशत और रोजर मार्शल को 45 प्रतिशत समर्थन मिला। यह सर्वेक्षण 20 से 26 अक्टूबर के बीच संभावित मतदाताओं के बीच किया गया था।
कंसास को पारंपरिक रूप से रिपब्लिकन पार्टी का मजबूत राज्य माना जाता रहा है। ऐसे में यहां डेमोक्रेटिक उम्मीदवार की बढ़त रिपब्लिकन पार्टी के लिए चुनावी चुनौती के रूप में देखी जा रही है।
हालांकि, चुनावी सर्वेक्षण अंतिम नतीजों की गारंटी नहीं होते और मतदान के दिन मतदाताओं का रुख अलग भी हो सकता है।
टेक्सास में भी कांटे की टक्कर
टेक्सास में भी सीनेट चुनाव को लेकर मुकाबला दिलचस्प बना हुआ है। यहां रिपब्लिकन उम्मीदवार केन पैक्सटन और डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जेम्स टालारिको के बीच कड़ी टक्कर दिखाई दे रही है।
अक्टूबर के अंतिम सप्ताह के कई सर्वेक्षणों में टालारिको को बढ़त मिली, जबकि कुछ सर्वेक्षणों में पैक्सटन आगे रहे। 28 अक्टूबर तक के उपलब्ध चुनावी आंकड़ों में दोनों उम्मीदवारों के बीच अंतर काफी कम दिखाई दिया।
टेक्सास को लंबे समय से रिपब्लिकन पार्टी का मजबूत गढ़ माना जाता है। ऐसे में यहां का मुकाबला राष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सीनेट में बहुमत को लेकर रिपब्लिकन और डेमोक्रेट के बीच मुकाबला
अमेरिकी मध्यावधि चुनाव में सीनेट की सीटों पर होने वाला मुकाबला राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी के लिए महत्वपूर्ण है।
फिलहाल सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी के पास 53 और डेमोक्रेटिक पार्टी के पास 47 सीटें हैं। यदि डेमोक्रेटिक पार्टी पर्याप्त सीटें जीतने में सफल रहती है तो सीनेट में सत्ता का संतुलन बदल सकता है।
इसके अलावा प्रतिनिधि सभा में भी बहुमत को लेकर दोनों पार्टियों के बीच मुकाबला अहम है। यदि डेमोक्रेट दोनों सदनों में बहुमत हासिल करते हैं तो ट्रंप प्रशासन के विधायी एजेंडे पर प्रभाव पड़ सकता है।
चुनाव प्रचार में ट्रंप के सामने कई चुनौतियां
मध्यावधि चुनाव से पहले ट्रंप लगातार अलग-अलग राज्यों में चुनावी सभाएं कर रहे हैं। रिपब्लिकन उम्मीदवारों के समर्थन में उनकी रैलियों को पार्टी के चुनाव प्रचार का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है।
हालांकि, कुछ चुनावी क्षेत्रों में कड़े मुकाबले और हालिया सर्वेक्षणों में डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों की बढ़त ने चुनावी चर्चा को तेज कर दिया है।
अब 3 नवंबर के मतदान पर सभी की निगाहें टिकी हैं। चुनाव के नतीजे यह तय करेंगे कि आने वाले समय में अमेरिकी कांग्रेस के दोनों सदनों में किस पार्टी का प्रभाव रहेगा और राष्ट्रपति ट्रंप को अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने में कितनी संसदीय चुनौती का सामना करना पड़ेगा।
