अग्र भारत संवाददाता किरावली। तहसील क्षेत्र अंतर्गत डीएपी खाद की किल्लत से जूझ रहे किसानों का मंगलवार को बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण विकास सहकारी समिति कोरई पर गुस्सा फूट पड़ा। खाद नहीं मिलने से नाराज किसानों ने जमकर हंगामा किया और समिति में खाद वितरण व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कालाबाजारी व मनमानी के आरोप लगाए। किसानों की शिकायत पर विधायक चौधरी बाबूलाल मौके पर पहुंचे। इस दौरान समिति परिसर में खड़े एक टेंपो में डीएपी के 40 कट्टे लदे मिलने से मामला और गरमा गया। पुलिस टेंपो को कब्जे में लेकर थाने ले गई। ये कट्टे पृथ्वीपुरा के किसानों के बताए गए हैं।
नगला कोरई निवासी किसान सुधीश शर्मा ने बताया कि उनके पास आठ बीघा खेत है, लेकिन पिछले दो सप्ताह से समिति के चक्कर काटने के बावजूद खाद नहीं मिल पा रही है। कोरई निवासी सुखवीर सिंह जाटव ने बताया कि 11 बीघा खेत की बुवाई खाद के अभाव में पिछड़ रही है। वहीं जाजऊ के किसान राजेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि समिति में चहेते लोगों को खाद उपलब्ध कराई जा रही है, जबकि जरूरतमंद किसान परेशान होकर लौट रहे हैं। भाजपा मंडल अध्यक्ष ओमकांत डागुर ने 1350 रुपये के डीएपी कट्टे पर 1360 रुपये वसूलने की शिकायत की।विधायक चौधरी बाबूलाल ने बताया कि किसानों की शिकायत पर उन्होंने जिलाधिकारी से बात की थी। डीएम ने जांच के लिए एडीसीओ अरविंद चौहान और एडीओ जितेंद्र जैन को मौके पर भेजा। विधायक ने अधिकारियों को खाद वितरण में पारदर्शिता बरतने और किसानों की समस्याओं का समाधान कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। खाद की कालाबाजारी करने वालों और बिचौलियों को चिह्नित कर कार्रवाई होनी चाहिए।समिति सभापति हुकम सिंह ने बताया कि टेंपो में आठ किसानों के 40 कट्टे रखे हुए थे। थाना प्रभारी मदन सिंह ने बताया कि मामले की जांच एडीसीओ कर रहे हैं। एडीसीओ अरविंद चौहान ने बताया कि हंगामे के बाद 25 कट्टे खाद का वितरण कराया गया, लेकिन सर्वर डाउन होने से पॉश मशीन बंद हो गई। उन्होंने जल्द अतिरिक्त खाद मंगवाकर किसानों को वितरित कराने की बात कही।मौके पर किसान नेता चौधरी दिलीप सिंह, गंगाराम माहौर और बाबूलाल वाल्मीकि सहित सैकड़ों किसानों ने खाद वितरण व्यवस्था की निष्पक्ष जांच कर कालाबाजारी के आरोपों की सच्चाई सामने लाने की मांग की।
