आगरा में महिला आयोग अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने CHC बरौली अहीर और कस्तूरबा गांधी विद्यालय का निरीक्षण किया। चिकित्सकों की कमी पर जताई नाराजगी, 100 छात्राओं से किया संवाद।
आगरा। उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने मंगलवार को आगरा के बरौली अहीर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं, साफ-सफाई, मरीजों को मिल रहे उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का जायजा लिया। वहीं, कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय पहुंचकर छात्राओं से संवाद किया और उनकी शिक्षा, खान-पान तथा आवासीय व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों की कमी का मुद्दा सामने आया। इस पर महिला आयोग अध्यक्ष ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की अपेक्षा की।
CHC बरौली अहीर में स्वास्थ्य सुविधाओं का लिया जायजा
महिला आयोग अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने सबसे पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरौली अहीर का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था, मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही चिकित्सा सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन की स्थिति को देखा।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र में साफ-सफाई की व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया। हालांकि, चिकित्सकों की कमी को लेकर उन्होंने अपनी नाराजगी भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि अस्पताल में चिकित्सकों की कुछ कमी अवश्य है, लेकिन उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर ढंग से संचालित की जा रही हैं।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि मरीजों को समय पर उचित उपचार उपलब्ध कराया जाए और स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर दिया जोर
महिला आयोग अध्यक्ष ने कहा कि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। विशेष रूप से महिलाओं और मरीजों को अस्पताल में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी और व्यवस्थाओं में सुधार जरूरी है।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों से चिकित्सकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने और स्वास्थ्य केंद्र में जरूरी सुविधाओं को बेहतर बनाने की अपेक्षा जताई।
इस अवसर पर सीएचसी अधीक्षक डॉ. अमित कुमार पाण्डेय ने महिला आयोग अध्यक्ष को पुष्प भेंट कर उनका स्वागत किया।
निरीक्षण के दौरान अधीक्षक डॉ. अमित कुमार पाण्डेय, डॉ. देवेन्द्र सिंह, संजय शर्मा, सतीश यादव, डॉ. ज्ञानधरी परिहार, अंवेश कुमारी, कल्पना कुमारी सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।
कस्तूरबा गांधी विद्यालय में 100 छात्राओं से किया संवाद
सीएचसी बरौली अहीर के निरीक्षण के बाद उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता सिंह चौहान ने कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय, बरौली अहीर का भ्रमण किया। यहां उन्होंने विद्यालय में उपस्थित 100 बालिकाओं के साथ बैठकर बातचीत की और उनकी शिक्षा, भविष्य की योजनाओं तथा करियर को लेकर चर्चा की।
उन्होंने छात्राओं से उनके शैक्षणिक लक्ष्य और भविष्य में क्या बनने की इच्छा है, इस संबंध में जानकारी ली। साथ ही छात्राओं को शिक्षा के महत्व के बारे में बताते हुए अपने लक्ष्य निर्धारित करने और उन्हें हासिल करने के लिए निरंतर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।
खान-पान और आवासीय व्यवस्थाओं का किया निरीक्षण
विद्यालय भ्रमण के दौरान महिला आयोग अध्यक्ष ने पठन-पाठन की व्यवस्था, छात्राओं को उपलब्ध कराए जा रहे खान-पान और आवासीय सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने छात्राओं द्वारा तैयार की गई शैक्षणिक सामग्री को भी देखा और उसके संबंध में जानकारी प्राप्त की।
विद्यालय में कार्यरत शिक्षिकाओं द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में शिक्षिकाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने शिक्षिकाओं को छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयास करते रहने और अपने कार्य के प्रति उत्साह बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित किया।
इस दौरान खंड शिक्षा अधिकारी जगत सिंह, विद्यालय की वार्डन श्रीमती छाया शर्मा, प्रियंका शर्मा, रेखा, अंकिता, अंजलि सहित अन्य शिक्षिकाएं एवं संबंधित कर्मचारी उपस्थित रहे।
महिला स्वास्थ्य और बालिका शिक्षा पर दिया विशेष जोर
महिला आयोग अध्यक्ष का यह निरीक्षण स्वास्थ्य सेवाओं और बालिका शिक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लेने के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा। एक ओर उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने और चिकित्सकों की कमी दूर करने पर जोर दिया, वहीं दूसरी ओर आवासीय विद्यालय में छात्राओं की शिक्षा, सुविधाओं और भविष्य निर्माण को लेकर शिक्षिकाओं का उत्साहवर्धन किया।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित व्यवस्थाओं को बेहतर बनाए रखने और महिलाओं एवं बालिकाओं से जुड़े विषयों को प्राथमिकता देने का संदेश दिया।
