अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों को चार साल की सेवा के बाद दो साल का अतिरिक्त मौका मिल सकता है। CDS जनरल एनएस राजा सुब्रमणि की घोषणा, मौजूदा नियम और नई व्यवस्था की पूरी जानकारी पढ़ें।
- चार साल के बाद दो साल और सेवा का मिल सकता है मौका
- क्या है अग्निपथ योजना का मौजूदा नियम?
- 25 प्रतिशत नियमित कैडर में, बाकी को मिल सकता है अतिरिक्त अवसर
- पहले बैच के अग्निवीरों की सेवा अवधि हो रही पूरी
- क्या सभी अग्निवीरों को मिलेगा दो साल का एक्सटेंशन?
- अग्निपथ योजना में बदलाव से क्या होगा फायदा?
- अब किन बातों पर आधिकारिक दिशा-निर्देशों का इंतजार?
नई दिल्ली, 04 नवंबर 2026। अग्निपथ योजना के तहत सेना में भर्ती अग्निवीरों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। चार साल की सेवा पूरी होने के बाद अब उन्हें दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार देने का रास्ता खुल सकता है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने इस संबंध में नई व्यवस्था की घोषणा की है। इसके तहत नियमित कैडर में चयनित नहीं होने वाले अग्निवीरों को भी सेना में सेवा जारी रखने का अवसर मिल सकता है।
रिपोर्टों के अनुसार, यह अतिरिक्त सेवा विस्तार स्वैच्छिक होगा यानी अग्निवीर स्वयं तय कर सकेंगे कि वे दो साल और सेवा करना चाहते हैं या नहीं। हालांकि, इस व्यवस्था को लागू करने की विस्तृत प्रक्रिया, चयन के मानदंड और अन्य शर्तों का पूरा विवरण अभी सामने आना बाकी है।
चार साल के बाद दो साल और सेवा का मिल सकता है मौका
अग्निपथ योजना के तहत अग्निवीरों की शुरुआती सेवा अवधि चार साल निर्धारित की गई है। अब इस व्यवस्था में बदलाव के तहत चार साल पूरे करने वाले उन अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त समय देने की बात सामने आई है, जिन्हें नियमित सैन्य कैडर में जगह नहीं मिलती।
इस प्रस्तावित व्यवस्था का उद्देश्य प्रशिक्षित और अनुभवी अग्निवीरों की सेवाओं का अधिक समय तक लाभ उठाना बताया जा रहा है। इससे सेना को ऐसे जवानों का अनुभव मिल सकेगा, जिन्हें पहले ही सैन्य प्रशिक्षण और कामकाज का व्यावहारिक अनुभव हासिल हो चुका है।
क्या है अग्निपथ योजना का मौजूदा नियम?
केंद्र सरकार ने जून 2022 में अग्निपथ योजना शुरू की थी। इसके तहत सेना, नौसेना और वायुसेना में अग्निवीरों की भर्ती चार साल की अवधि के लिए की जाती है।
मौजूदा व्यवस्था के प्रमुख प्रावधान इस प्रकार हैं:
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अग्निवीरों की शुरुआती सेवा अवधि चार साल होती है।
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चार साल पूरे होने पर प्रत्येक बैच के अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित कैडर में शामिल किया जा सकता है।
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नियमित कैडर में चयनित जवान आगे कम से कम 15 साल की सेवा करते हैं।
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बाकी अग्निवीरों को चार साल की अवधि पूरी होने पर सेवा से मुक्त किया जाता है।
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सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को सेवा निधि पैकेज दिया जाता है।
यह व्यवस्था प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी अग्निपथ योजना के मूल दिशा-निर्देशों में भी दर्ज है।
25 प्रतिशत नियमित कैडर में, बाकी को मिल सकता है अतिरिक्त अवसर
अभी तक अग्निपथ योजना में चार साल की सेवा पूरी करने के बाद अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित कैडर में शामिल करने का प्रावधान है। बाकी 75 प्रतिशत को सेवा से मुक्त होना पड़ता है।
नई व्यवस्था के तहत नियमित कैडर में चयनित नहीं होने वाले अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार देने की बात कही गई है। यानी अब चार साल की सेवा के बाद सभी अग्निवीरों के सामने केवल सेना से बाहर जाने का विकल्प नहीं रह सकता।
हालांकि, यह स्पष्ट होना बाकी है कि अतिरिक्त सेवा विस्तार कितने अग्निवीरों को मिलेगा और इसके लिए क्या पात्रता निर्धारित की जाएगी।
पहले बैच के अग्निवीरों की सेवा अवधि हो रही पूरी
अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच के अग्निवीरों की चार साल की सेवा अवधि अब पूरी होने जा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, वर्ष 2026 के अंत तक पहले बैच के 18,300 से अधिक अग्निवीरों को सेवा से बाहर होना था।
ऐसे समय में दो साल के अतिरिक्त सेवा विस्तार की व्यवस्था को अहम माना जा रहा है। इससे सेना में पहले से प्रशिक्षित जवानों को बनाए रखने का विकल्प मिलेगा।
क्या सभी अग्निवीरों को मिलेगा दो साल का एक्सटेंशन?
फिलहाल उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, अतिरिक्त सेवा विस्तार नियमित कैडर में चयनित नहीं होने वाले अग्निवीरों के लिए प्रस्तावित है। यह सुविधा अपने आप सभी अग्निवीरों को मिलने वाली नहीं मानी जानी चाहिए।
इसमें शामिल होने का फैसला अग्निवीर की इच्छा पर निर्भर बताया गया है। हालांकि, चयन प्रक्रिया, सेवा की शर्तें, पदस्थापना और अन्य नियमों को लेकर विस्तृत आधिकारिक दिशा-निर्देशों का इंतजार है।
अग्निपथ योजना में बदलाव से क्या होगा फायदा?
यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो इसके कई संभावित फायदे हो सकते हैं:
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अनुभवी जवानों की उपलब्धता: सेना को पहले से प्रशिक्षित और अनुभवी अग्निवीरों की सेवाएं अतिरिक्त समय तक मिल सकेंगी।
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प्रशिक्षण का बेहतर उपयोग: चार साल में हासिल सैन्य प्रशिक्षण और अनुभव का अधिक समय तक उपयोग हो सकेगा।
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अग्निवीरों को अतिरिक्त अवसर: नियमित कैडर में जगह नहीं मिलने के बाद भी कुछ समय तक सेना में सेवा जारी रखने का विकल्प मिलेगा।
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सेना की जरूरतों में मदद: विशेष कौशल और अनुभव वाले जवानों को बनाए रखने में सहायता मिल सकती है।
अब किन बातों पर आधिकारिक दिशा-निर्देशों का इंतजार?
दो साल के अतिरिक्त सेवा विस्तार की खबर के बाद अग्निवीरों और रक्षा क्षेत्र में रुचि रखने वाले युवाओं की नजर अब विस्तृत नियमों पर है। सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि कितने अग्निवीरों को यह अवसर मिलेगा, चयन का आधार क्या होगा और दो साल की अतिरिक्त सेवा के दौरान उनकी सेवा शर्तें कैसी रहेंगी।
फिलहाल अग्निवीरों के लिए यह एक महत्वपूर्ण संभावित बदलाव है। लेकिन विस्तृत सरकारी आदेश और नियम जारी होने तक इसे सभी अग्निवीरों के लिए लागू सुविधा नहीं माना जाना चाहिए।
