Agniveer Scheme 2026: केंद्र सरकार ने अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार देने की मंजूरी दी है। अब चार साल के बाद 75% अग्निवीरों को दो साल और सेना में सेवा का मौका मिलेगा। जानें नए नियम और फायदे।
- 4 साल बाद क्या होगा? समझिए अग्निवीरों के लिए नया नियम
- अग्निवीरों को दो साल के एक्सटेंशन में क्या मिलेगा?
- सरकार ने अब क्यों लिया अग्निवीरों की सेवा बढ़ाने का फैसला?
- अग्निपथ योजना में कब और क्या बदलाव हुआ?
- क्या दो साल बाद सभी अग्निवीर बन जाएंगे नियमित सैनिक?
- अग्निवीरों के लिए फैसले का क्या होगा फायदा?
- अग्निवीरों के लिए सरकार का बड़ा बदलाव क्यों है महत्वपूर्ण?
Agniveer Service Extension 2026: अग्निपथ योजना के तहत सेना में भर्ती होने वाले अग्निवीरों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब चार साल की शुरुआती सेवा पूरी करने के बाद अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार मिलेगा। इससे उनकी कुल सेवा अवधि छह साल तक हो सकेगी। इसके बाद भी अग्निवीरों को नियमित सैनिक बनने का अवसर मिल सकता है।
नई दिल्ली। अग्निपथ योजना को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा बदलाव किया है। चार साल की सेवा पूरी करने के बाद सेना से बाहर होने वाले अग्निवीरों को अब दो साल और सशस्त्र बलों में सेवा करने का अवसर मिलेगा। इस फैसले से उन हजारों अग्निवीरों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनकी पहली चार साल की सेवा अवधि जल्द पूरी होने वाली है।
4 नवंबर 2026 को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने इस फैसले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में अग्निवीरों के लिए दो साल के अतिरिक्त सेवा विस्तार को मंजूरी दी गई है। इस व्यवस्था को ‘सेकंड टूर ऑफ ड्यूटी’ के रूप में देखा जा रहा है।
इस बदलाव के बाद अग्निवीरों के पास शुरुआती चार साल की सेवा के बाद दो साल और सेना में काम करने का विकल्प होगा। यानी उनकी कुल सेवा अवधि छह साल तक पहुंच सकती है। इसके बाद नियमित सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए भी रास्ता खुला रहेगा, लेकिन इसके लिए निर्धारित चयन प्रक्रिया और प्रदर्शन संबंधी मानकों को पूरा करना होगा।
4 साल बाद क्या होगा? समझिए अग्निवीरों के लिए नया नियम
सरकार के इस फैसले को समझने के लिए अग्निपथ योजना की मौजूदा व्यवस्था और नए बदलाव को जानना जरूरी है।
अब तक अग्निपथ योजना के तहत सेना में भर्ती होने वाले युवाओं को चार साल के लिए अग्निवीर के रूप में सेवा का मौका मिलता था। चार साल की अवधि पूरी होने के बाद प्रदर्शन, योग्यता और सेना की जरूरतों के आधार पर अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित कैडर में शामिल किया जाता था।
बाकी 75 प्रतिशत अग्निवीरों को चार साल की सेवा पूरी होने पर सेना से मुक्त किया जाना था। उन्हें सेवा निधि पैकेज दिया जाता था, ताकि वे आगे अपने करियर की शुरुआत कर सकें।
लेकिन अब नई व्यवस्था में इन 75 प्रतिशत अग्निवीरों के लिए भी सेना में बने रहने का एक अतिरिक्त रास्ता तैयार किया गया है।
नई व्यवस्था के चार प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं:
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शुरुआती चार साल की सेवा के बाद मेरिट के आधार पर 25 प्रतिशत अग्निवीर नियमित सैनिक बन सकेंगे।
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शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल की अतिरिक्त सेवा का अवसर दिया जाएगा।
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अतिरिक्त दो साल की सेवा के दौरान उनके प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाएगा।
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दो साल की अतिरिक्त अवधि पूरी होने के बाद इच्छुक अग्निवीरों को निर्धारित चयन प्रक्रिया के आधार पर नियमित सशस्त्र बलों में शामिल होने का अवसर मिलेगा।
इस तरह पहले जहां 75 प्रतिशत अग्निवीरों के लिए चार साल बाद सेवा समाप्त हो जाती थी, वहीं अब उन्हें दो साल और सेना में काम करने का अवसर मिलेगा।
अग्निवीरों को दो साल के एक्सटेंशन में क्या मिलेगा?
इस फैसले का एक महत्वपूर्ण पहलू अतिरिक्त सेवा के दौरान मिलने वाला वेतन और अन्य सुविधाएं भी हैं। नवभारत टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, दो साल का अतिरिक्त कार्यकाल पाने वाले अग्निवीरों को बढ़ा हुआ मेहनताना मिलेगा। इसके साथ ही उनकी सेवा निधि में भी वृद्धि होने की बात कही गई है।
हालांकि, अतिरिक्त सेवा के लिए वेतन की सटीक राशि, भुगतान की पूरी संरचना और अन्य सेवा शर्तों का विस्तृत विवरण अलग से जारी किए जाने के बाद ही स्पष्ट होगा।
यह बदलाव अग्निवीरों के लिए आर्थिक रूप से भी महत्वपूर्ण हो सकता है, क्योंकि उन्हें चार साल बाद अचानक नागरिक जीवन में लौटने के बजाय दो साल तक सैन्य सेवा जारी रखने का अवसर मिलेगा।
सरकार ने अब क्यों लिया अग्निवीरों की सेवा बढ़ाने का फैसला?
अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच के अग्निवीरों का चार साल का कार्यकाल अब पूरा होने वाला है। ऐसे में सेना के सामने प्रशिक्षित और अनुभवी अग्निवीरों को आगे बनाए रखने का सवाल था।
रिपोर्टों के मुताबिक, पहले बैच के करीब 18,300 अग्निवीरों की सेवा अवधि दिसंबर 2026 तक पूरी होने वाली है। ऐसे समय में सरकार का यह फैसला काफी अहम माना जा रहा है।
सीडीएस जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने बताया कि पिछले चार वर्षों में अग्निवीरों के प्रदर्शन का लगातार मूल्यांकन किया गया है। उनके काम को लेकर सेना को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। इसी अनुभव के आधार पर सरकार ने अतिरिक्त सेवा का रास्ता तैयार किया है।
अग्निपथ योजना में कब और क्या बदलाव हुआ?
केंद्र सरकार ने 14 जून 2022 को अग्निपथ योजना की शुरुआत की थी। इस योजना का उद्देश्य भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में युवाओं को कम अवधि के लिए भर्ती करना और सशस्त्र बलों को अधिक युवा एवं तकनीकी रूप से सक्षम बनाना था।
इस योजना के तहत भर्ती होने वाले युवाओं को अग्निवीर कहा जाता है। उन्हें चार साल के लिए सैन्य सेवा का अवसर दिया जाता है। इसमें प्रशिक्षण की अवधि भी शामिल होती है।
योजना की शुरुआत के समय सरकार ने स्पष्ट किया था कि चार साल की सेवा पूरी होने के बाद अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को नियमित कैडर में शामिल किया जा सकता है। शेष अग्निवीरों को सेवा निधि पैकेज देकर सेवामुक्त किया जाएगा।
अब दो साल के अतिरिक्त सेवा विस्तार के फैसले से इस व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। इससे अग्निवीरों को नियमित सैनिक बनने की दिशा में एक और अवसर मिल सकेगा।
क्या दो साल बाद सभी अग्निवीर बन जाएंगे नियमित सैनिक?
यह सवाल अग्निवीरों और उनके परिवारों के लिए सबसे महत्वपूर्ण है। सरकार के फैसले का मतलब यह नहीं है कि दो साल का अतिरिक्त कार्यकाल पूरा करने वाले सभी अग्निवीरों को स्वतः स्थायी नौकरी मिल जाएगी।
नियमित सैनिक बनने के लिए उन्हें निर्धारित चयन प्रक्रिया से गुजरना होगा। इसमें उनके प्रदर्शन, योग्यता और संबंधित सशस्त्र बलों की जरूरतों को ध्यान में रखा जाएगा।
यानी दो साल का सेवा विस्तार अग्निवीरों को नियमित कैडर में शामिल होने का एक अतिरिक्त अवसर देगा, लेकिन स्थायी नियुक्ति चयन प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।
अग्निवीरों के लिए फैसले का क्या होगा फायदा?
सरकार के इस फैसले से अग्निवीरों को कई स्तरों पर लाभ मिलने की उम्मीद है।
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सेवा का अतिरिक्त अवसर: चार साल बाद दो साल और सैन्य सेवा करने का मौका मिलेगा।
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आर्थिक लाभ: अतिरिक्त सेवा अवधि में बढ़े हुए मेहनताने का लाभ मिलने की बात सामने आई है।
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अनुभव में वृद्धि: सेना में लंबे समय तक काम करने से सैन्य प्रशिक्षण और अनुभव बेहतर होगा।
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नियमित नौकरी का अवसर: छह साल की सेवा के बाद निर्धारित चयन प्रक्रिया के जरिए नियमित सैनिक बनने का मौका मिलेगा।
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करियर में निरंतरता: चार साल बाद तुरंत नागरिक जीवन में लौटने की मजबूरी कम हो सकती है।
अग्निवीरों के लिए सरकार का बड़ा बदलाव क्यों है महत्वपूर्ण?
अग्निपथ योजना की शुरुआत से ही चार साल की सेवा अवधि और उसके बाद नियमित सैनिक बनने के सीमित अवसर को लेकर चर्चा होती रही है। ऐसे में दो साल का अतिरिक्त सेवा विकल्प इस योजना में एक महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव माना जा रहा है।
इससे सेना को ऐसे प्रशिक्षित जवानों की सेवाएं कुछ और समय तक मिल सकेंगी, जिन्हें सैन्य प्रशिक्षण और वास्तविक ड्यूटी का अनुभव हो चुका है। वहीं अग्निवीरों को भी अपने भविष्य और करियर को लेकर अतिरिक्त समय मिल सकता है।
हालांकि, इस फैसले के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए सेवा विस्तार की पात्रता, चयन प्रक्रिया, वेतन और अन्य सेवा शर्तों से जुड़े विस्तृत दिशा-निर्देश महत्वपूर्ण होंगे।
