यूरोप में फर्जी बम धमकियों से हवाई यातायात प्रभावित। फ्रांस, इटली, बेल्जियम, बुल्गारिया और रोमानिया में कई विमानों की इमरजेंसी लैंडिंग, 200 यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया।
- फ्रांस में डबलिन-रोम फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग
- इटली में फाइटर जेट्स ने संभाली सुरक्षा की जिम्मेदारी
- बेल्जियम और बुल्गारिया में भी मचा हड़कंप
- प्राग जा रहे चार विमानों को मिली धमकी, रोमानिया में 200 यात्री निकाले गए
- दो दिन पहले भी सात उड़ानों और क्रूज जहाज को मिली थी धमकी
- रूस और ईरान से जुड़े हाइब्रिड हमलों की आशंका
- साइबर हमलों से भी बढ़ी यूरोपीय देशों की चिंता
- विमानन सुरक्षा के सामने नई चुनौती
पेरिस। यूरोप के आसमान में गुरुवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब कई यात्री विमानों को बम से उड़ाने की धमकियां मिलने के बाद उनकी उड़ानें प्रभावित हो गईं। सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए कई विमानों को बीच रास्ते से डायवर्ट कराया, जबकि कुछ को आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी। एक विमान को इटली की वायु सेना के फाइटर जेट्स ने सुरक्षा घेरे में लेकर सुरक्षित एयरपोर्ट तक पहुंचाया। वहीं, रोमानिया में बम की धमकी के बाद करीब 200 यात्रियों को विमान से बाहर निकालकर जांच की गई।
पिछले एक सप्ताह के भीतर यूरोप में इस तरह की यह दूसरी बड़ी घटना बताई जा रही है। लगातार मिल रही फर्जी बम धमकियों ने यूरोपीय देशों की सुरक्षा एजेंसियों, एयरपोर्ट प्रशासन और विमानन कंपनियों की चिंता बढ़ा दी है। राहत की बात यह रही कि जांच के दौरान किसी भी विमान में विस्फोटक या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
फ्रांस में डबलिन-रोम फ्लाइट की इमरजेंसी लैंडिंग
बम की धमकी के बाद सबसे पहले चर्चा में आई एयरलिंगस एयरलाइन की उड़ान संख्या EI402, जो आयरलैंड की राजधानी डबलिन से इटली की राजधानी रोम जा रही थी। सुरक्षा संबंधी सूचना मिलने के बाद विमान को अपने निर्धारित गंतव्य तक जाने के बजाय फ्रांस के एव्रेक्स एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारना पड़ा।
एव्रेक्स एयरपोर्ट पेरिस से करीब 100 किलोमीटर पश्चिम में स्थित है। विमान के उतरने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसकी जांच की। यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए विमान को तत्काल सुरक्षा घेरे में लिया गया।
इटली में फाइटर जेट्स ने संभाली सुरक्षा की जिम्मेदारी
इसी बीच हेलसिंकी से रोम आ रहे फिनएयर के एक विमान को भी बम की धमकी मिलने की सूचना सामने आई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इटली की वायु सेना ने अपने फाइटर जेट्स को सक्रिय किया।
फाइटर जेट्स ने विमान को अपनी निगरानी में लेते हुए रोम के फिमिसिनो एयरपोर्ट तक सुरक्षित पहुंचाया। विमान की लैंडिंग के बाद पुलिस और सुरक्षा अधिकारियों ने उसकी गहन तलाशी ली। हालांकि, जांच के दौरान विमान में कोई विस्फोटक सामग्री या संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
बेल्जियम और बुल्गारिया में भी मचा हड़कंप
बम धमकियों का असर केवल फ्रांस और इटली तक सीमित नहीं रहा। बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स के जविएंतेम एयरपोर्ट पर पोलैंड की LOT एयरलाइंस के एक विमान को भी उतारना पड़ा।
विमान के एयरपोर्ट पर पहुंचने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने जांच अभियान चलाया। तलाशी के दौरान कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिलने पर राहत की सांस ली गई।
उधर, बुल्गारिया में भी बम धमकियों के चलते तीन विमानों को आपातकालीन लैंडिंग करानी पड़ी। इनमें से दो विमान राजधानी सोफिया और एक विमान प्लोवदिभ एयरपोर्ट पर उतारा गया। इन घटनाओं के बाद संबंधित एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई।
प्राग जा रहे चार विमानों को मिली धमकी, रोमानिया में 200 यात्री निकाले गए
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, चेक गणराज्य की राजधानी प्राग की ओर जा रहे चार विमानों को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली। हालांकि, शुरुआती आकलन में सुरक्षा एजेंसियों ने इन धमकियों से जुड़े जोखिम को कम माना। इसके बावजूद विमानों की सुरक्षा को लेकर आवश्यक सतर्कता बरती गई।
वहीं, रोमानिया में मिलान से बुखारेस्ट जा रही विज एयर की उड़ान को लेकर सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया। इसके बाद विमान से करीब 200 यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। रोमानियाई अधिकारियों ने बम निरोधक दस्ते की मदद से विमान की विस्तृत जांच की। इस कार्रवाई के चलते यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा, लेकिन किसी विस्फोटक सामग्री की पुष्टि नहीं हुई।
दो दिन पहले भी सात उड़ानों और क्रूज जहाज को मिली थी धमकी
यूरोप में लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी है। गौरतलब है कि महज दो दिन पहले भी कम से कम सात उड़ानों और एक क्रूज जहाज को इसी तरह की धमकियां मिली थीं।
इन धमकियों के बाद संबंधित स्थानों पर सुरक्षा एजेंसियों ने तलाशी अभियान चलाया था। हालांकि, जांच में कहीं भी विस्फोटक सामग्री नहीं मिली। अब गुरुवार को दोबारा कई देशों में विमानन सेवाओं को प्रभावित करने वाली घटनाएं सामने आने से यह सवाल उठने लगा है कि क्या कोई संगठित समूह यूरोप में दहशत फैलाने की कोशिश कर रहा है?
रूस और ईरान से जुड़े हाइब्रिड हमलों की आशंका
अभी तक किसी देश, संगठन या व्यक्ति ने इन धमकियों की जिम्मेदारी नहीं ली है। हालांकि, यूरोपीय सुरक्षा अधिकारियों के बीच आशंका जताई जा रही है कि इन घटनाओं के पीछे रूस और ईरान से जुड़े कथित हाइब्रिड हमलों या तोड़फोड़ की गतिविधियों का हाथ हो सकता है।
हाइब्रिड हमलों का मतलब ऐसी रणनीति से है, जिसमें किसी देश या क्षेत्र को अस्थिर करने के लिए पारंपरिक सैन्य कार्रवाई के बजाय साइबर हमले, दुष्प्रचार, फर्जी सूचनाएं, धमकियां और अन्य गैर-पारंपरिक तरीके अपनाए जाते हैं।
हालांकि, इन बम धमकियों के पीछे किसी विदेशी सरकार या संगठन की भूमिका अभी साबित नहीं हुई है। जांच एजेंसियां अलग-अलग संभावनाओं को ध्यान में रखकर मामले की पड़ताल कर रही हैं।
साइबर हमलों से भी बढ़ी यूरोपीय देशों की चिंता
इन घटनाओं के बीच इसी सप्ताह यूरोप के कई देशों में साइबर हमलों की खबरों ने भी सुरक्षा संबंधी चिंताएं बढ़ा दी हैं। अज्ञात हैकर्स ने कई सुपरमार्केट और फ्रांस के ब्लड बैंकों की कूलिंग सिस्टम को बाधित करने की कोशिश की।
ब्लड बैंकों की कूलिंग व्यवस्था में रुकावट आने से रक्त और उससे जुड़े उत्पादों के सुरक्षित भंडारण पर असर पड़ने का खतरा पैदा हो सकता है। वहीं, सुपरमार्केट की तकनीकी व्यवस्था बाधित होने से खाद्य आपूर्ति और कारोबार प्रभावित हो सकता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, फर्जी बम धमकियां और साइबर हमले कम लागत में बड़े पैमाने पर दहशत फैलाने तथा सामान्य जनजीवन और जरूरी सेवाओं को बाधित करने का माध्यम बन सकते हैं। यदि इन घटनाओं के बीच कोई संगठित संबंध सामने आता है, तो यह यूरोप की आंतरिक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती साबित हो सकता है।
विमानन सुरक्षा के सामने नई चुनौती
लगातार मिल रही बम धमकियों ने यूरोप के विमानन क्षेत्र के सामने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है। किसी भी विमान को बम की धमकी मिलने पर सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत उसकी जांच करना जरूरी होता है। इसके लिए विमान का रास्ता बदलना, आपातकालीन लैंडिंग कराना, यात्रियों को बाहर निकालना और बम निरोधक दस्ते से जांच कराना पड़ता है।
भले ही बाद में धमकी फर्जी साबित हो जाए, लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में एयरलाइंस को आर्थिक नुकसान, यात्रियों को परेशानी और हवाई यातायात को व्यवधान का सामना करना पड़ता है।
फिलहाल यूरोपीय सुरक्षा एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन धमकियों के स्रोत का पता लगाना और यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं के जरिए हवाई यातायात तथा आम लोगों की सुरक्षा को खतरे में न डाला जा सके।
