Delhi-NCR Pollution: 6 नवंबर को दिल्ली, नोएडा और ग्रेटर नोएडा में प्रदूषण का स्तर बेहद ऊंचा। नॉलेज पार्क-2 में AQI 773, जानें अपने इलाके का हाल और बचाव के उपाय।
- Delhi-NCR Pollution: धनतेरस की सुबह प्रदूषण से बेहाल दिल्ली-एनसीआर
- Delhi AQI Today: दिल्ली के कई इलाकों में 700 के पार पहुंचा AQI
- Noida-Greater Noida AQI: ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-2 में AQI 773
- AQI 700 का मतलब क्या है? कितना खतरनाक है प्रदूषण?
- आज कैसा रहेगा दिल्ली का मौसम? 30 डिग्री तक जा सकता है तापमान
- IGI Airport Visibility: दिल्ली एयरपोर्ट पर उड़ानों पर कितना असर?
- प्रदूषण से बचने के लिए क्या करें? बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी की जरूरत
- दिवाली से पहले बढ़ते प्रदूषण ने बढ़ाई चिंता
Delhi-NCR AQI Today: दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण ने गंभीर रूप ले लिया है। धनतेरस यानी शुक्रवार 6 नवंबर 2026 की सुबह राजधानी दिल्ली के साथ नोएडा और ग्रेटर नोएडा में भी प्रदूषण का स्तर बेहद खतरनाक दर्ज किया गया। कई इलाकों में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 700 के पार पहुंच गया, जबकि ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-2 में AQI 773 दर्ज किया गया। सुबह से ही आसमान में धुंध और स्मॉग की मोटी चादर छाई रही। लोगों को आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
Delhi-NCR Pollution: धनतेरस की सुबह प्रदूषण से बेहाल दिल्ली-एनसीआर
डेस्क, नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के एनसीआर क्षेत्रों में वायु प्रदूषण लगातार चिंता का विषय बना हुआ है। धनतेरस के दिन शुक्रवार सुबह दिल्ली, नोएडा और ग्रेटर नोएडा की हवा बेहद खराब स्थिति में पहुंच गई। कई निगरानी केंद्रों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक 700 से अधिक दर्ज किया गया। ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-2 में AQI 773 तक पहुंचने से प्रदूषण की गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
सुबह के समय दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में घनी धुंध और स्मॉग दिखाई दिया। सड़कों पर दृश्यता प्रभावित हुई और खुले स्थानों पर लोगों को सांस लेने में परेशानी महसूस हुई। आंखों में जलन, गले में खराश और खांसी जैसी समस्याओं की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।
दीपावली से पहले प्रदूषण का इस स्तर पर पहुंचना लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है।
Delhi AQI Today: दिल्ली के कई इलाकों में 700 के पार पहुंचा AQI
शुक्रवार सुबह जारी आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के कई निगरानी केंद्रों पर वायु गुणवत्ता सूचकांक बेहद ऊंचे स्तर पर दर्ज किया गया। राजधानी के पुठ खुर्द में AQI 712, सोनिया विहार में 711 और झंडेवालान में 702 तक पहुंच गया।
आनंद विहार, आरके पुरम और विवेक विहार जैसे इलाकों में भी प्रदूषण का स्तर काफी अधिक रहा। नई दिल्ली का समग्र AQI 672 दर्ज किया गया।
दिल्ली के प्रमुख प्रदूषण निगरानी केंद्रों के आंकड़े इस प्रकार हैं:
| दिल्ली का इलाका | AQI |
|---|---|
| नई दिल्ली (समग्र) | 672 |
| विवेक विहार | 677 |
| पुठ खुर्द | 712 |
| सोनिया विहार | 711 |
| आनंद विहार | 663 |
| झंडेवालान | 702 |
| खेरा डाबर | 688 |
| आरके पुरम | 649 |
| पर्यटन विहार | 694 |
| रबीन्द्र नगर | 694 |
| नवनवीन विहार | 678 |
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि राजधानी के अलग-अलग हिस्सों में प्रदूषण का स्तर काफी ऊंचा बना हुआ है।
Noida-Greater Noida AQI: ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-2 में AQI 773
दिल्ली के साथ-साथ नोएडा और ग्रेटर नोएडा की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, नोएडा का समग्र AQI 684 दर्ज किया गया। वहीं, ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-2 में यह बढ़कर 773 तक पहुंच गया।
ग्रेटर नोएडा के ओमिक्रोन-1ए में AQI 736 दर्ज किया गया। नोएडा के सेक्टर-29 और सेक्टर-36 में भी वायु गुणवत्ता सूचकांक 686 रहा।
नोएडा और ग्रेटर नोएडा के प्रमुख इलाकों का AQI:
| इलाका | AQI |
|---|---|
| नोएडा (समग्र) | 684 |
| नॉलेज पार्क-2, ग्रेटर नोएडा | 773 |
| ओमिक्रोन-1ए, ग्रेटर नोएडा | 736 |
| सेक्टर-29, नोएडा | 686 |
| सेक्टर-36, नोएडा | 686 |
ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-2 में दर्ज 773 का आंकड़ा उपलब्ध सूची में सबसे अधिक है। इससे आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।
AQI 700 का मतलब क्या है? कितना खतरनाक है प्रदूषण?
वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के जरिए हवा में मौजूद प्रदूषकों के स्तर का आकलन किया जाता है। भारत में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के मानकों के अनुसार AQI की छह श्रेणियां निर्धारित हैं।
- 0 से 50: अच्छा
- 51 से 100: संतोषजनक
- 101 से 200: मध्यम
- 201 से 300: खराब
- 301 से 400: बहुत खराब
- 401 से 500: गंभीर
ध्यान देने वाली बात यह है कि भारत के आधिकारिक AQI पैमाने की अधिकतम श्रेणी 500 तक है। इसलिए 700 या 773 जैसे आंकड़े सामान्य आधिकारिक CPCB AQI श्रेणियों से बाहर हैं। ऐसे आंकड़ों को संबंधित निगरानी प्लेटफॉर्म के संदर्भ और माप पद्धति के साथ समझना जरूरी है।
आज कैसा रहेगा दिल्ली का मौसम? 30 डिग्री तक जा सकता है तापमान
शुक्रवार 6 नवंबर को दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जताया गया है।
दिन के समय आसमान साफ रहने और धूप निकलने की संभावना है, लेकिन प्रदूषण के कारण वातावरण में धुंधलापन बना रह सकता है। सुबह और शाम के समय स्मॉग का असर अधिक महसूस हो सकता है।
मौसम साफ होने के बावजूद प्रदूषण से राहत मिलने की गारंटी नहीं है। हवा की गति, तापमान और वातावरण में मौजूद प्रदूषकों का फैलाव वायु गुणवत्ता को प्रभावित कर सकता है।
IGI Airport Visibility: दिल्ली एयरपोर्ट पर उड़ानों पर कितना असर?
दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर भी शुक्रवार सुबह धुंध का असर देखने को मिला। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सुबह रनवे पर दृश्यता 1300 से 1700 मीटर के बीच दर्ज की गई, जबकि सामान्य दृश्यता करीब 1000 मीटर के आसपास बताई गई।
फिलहाल उड़ानों पर किसी बड़े प्रभाव की जानकारी नहीं है। हालांकि, मौसम और दृश्यता में बदलाव के कारण यात्रियों को एयरलाइन से अपनी उड़ान की स्थिति की जानकारी लेते रहने की सलाह दी जाती है।
प्रदूषण से बचने के लिए क्या करें? बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी की जरूरत
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि लोग अपनी सेहत को लेकर सतर्क रहें। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और अस्थमा या हृदय संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए।
प्रदूषण के दौरान इन बातों का ध्यान रखें:
- सुबह और शाम के समय खुले में टहलने और दौड़ने से बचें।
- बाहर निकलते समय अच्छी फिटिंग वाला N95 या समकक्ष मास्क पहनें।
- घर के दरवाजे और खिड़कियां बंद रखें, खासकर जब बाहर प्रदूषण अधिक हो।
- घर के अंदर धूम्रपान, अगरबत्ती और अन्य धुआं पैदा करने वाली गतिविधियों से बचें।
- अस्थमा और सांस के मरीज अपनी निर्धारित दवाएं और डॉक्टर की सलाह का पालन करें।
- आंखों में जलन या सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सकीय सलाह लें।
- बच्चों को प्रदूषण अधिक होने पर लंबे समय तक बाहर खेलने से रोकें।
दिवाली से पहले बढ़ते प्रदूषण ने बढ़ाई चिंता
दीपावली से पहले दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण का स्तर बढ़ना पर्यावरण और स्वास्थ्य दोनों के लिहाज से चिंता का विषय है। त्योहार के दौरान पटाखों से निकलने वाला धुआं और सूक्ष्म कण पहले से प्रदूषित हवा की स्थिति को और खराब कर सकते हैं।
ऐसे में लोगों को पर्यावरण के अनुकूल तरीके से त्योहार मनाने और प्रदूषण कम करने में सहयोग करने की जरूरत है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के लिए भी प्रदूषण नियंत्रण के उपायों पर प्रभावी निगरानी रखना महत्वपूर्ण है।
फिलहाल दिल्ली, नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लोगों के लिए सबसे जरूरी है कि वे वायु गुणवत्ता पर नजर रखें और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियों का पालन करें।
