चित्रकूट में दीपावली सोमवती अमावस्या मेले को लेकर सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद। 194 मजिस्ट्रेट और 1779 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती, 8 जोन और 22 सेक्टर में बांटा गया मेला क्षेत्र। मंडलायुक्त और डीआईजी ने पुलिसकर्मियों को दिए निर्देश।
- लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना, सुरक्षा पर विशेष जोर
- 8 जोन और 22 सेक्टर में बांटा गया मेला क्षेत्र
- मंदाकिनी घाट, मंदिर और परिक्रमा मार्ग पर रहेगी कड़ी निगरानी
- वायरलेस और लाउड हेलर के साथ तैनात रहेंगे पुलिसकर्मी
- यातायात डायवर्जन का सख्ती से होगा पालन
- पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती का पूरा विवरण
- डॉग स्क्वायड, बीडीएस और एसडीआरएफ भी संभालेंगे मोर्चा
- मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों के बीच रहेगा बेहतर समन्वय
ब्रजबिहारी पांडेय
चित्रकूट। दीपावली एवं सोमवती अमावस्या के अवसर पर धर्मनगरी चित्रकूट में आयोजित होने वाले मेले को सकुशल, शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और पुलिस विभाग ने सुरक्षा की व्यापक तैयारियां की हैं। लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए पूरे मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। मेले की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को संभालने के लिए 194 मजिस्ट्रेट और 1779 पुलिस एवं सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है।
इसी क्रम में शुक्रवार, 6 नवंबर को मंडलायुक्त चित्रकूटधाम मंडल बांदा अजीत कुमार और पुलिस उपमहानिरीक्षक चित्रकूटधाम परिक्षेत्र बांदा राजेश एस. ने रामायण मेला परिसर, सीतापुर में मेला ड्यूटी में तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की विस्तृत ब्रीफिंग की। इस दौरान जिलाधिकारी चित्रकूट पुलकित गर्ग और पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना, सुरक्षा पर विशेष जोर
पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने ब्रीफिंग के दौरान कहा कि पितृ विसर्जनी अमावस्या और दीपावली के अवसर पर पवित्र मंदाकिनी नदी में स्नान, भगवान कामतानाथ के दर्शन और कामदगिरि की परिक्रमा करने के लिए लाखों श्रद्धालुओं के चित्रकूट पहुंचने की संभावना है। ऐसे में प्रत्येक पुलिस अधिकारी और कर्मचारी की जिम्मेदारी है कि वह पूरी सतर्कता, सजगता और संवेदनशीलता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करे।
उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम यातायात और सुरक्षित एवं व्यवस्थित दर्शन की व्यवस्था पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी पुलिसकर्मी निर्धारित समय पर अपने ड्यूटी स्थल पर पहुंचें और आपसी समन्वय के साथ जिम्मेदारी निभाएं। ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
8 जोन और 22 सेक्टर में बांटा गया मेला क्षेत्र
मेले में भीड़ के दबाव को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए संपूर्ण मेला क्षेत्र को 8 जोन और 22 सेक्टर में विभाजित किया गया है। प्रत्येक जोन और सेक्टर में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जिम्मेदारियां निर्धारित की गई हैं।
जोनल और सेक्टर प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार भ्रमणशील रहेंगे। वे ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की उपस्थिति, सतर्कता और कार्यशैली की निगरानी करेंगे। किसी भी समस्या या अप्रिय स्थिति की जानकारी तत्काल उच्चाधिकारियों को देने के निर्देश दिए गए हैं।
मंदाकिनी घाट, मंदिर और परिक्रमा मार्ग पर रहेगी कड़ी निगरानी
पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मंदाकिनी नदी के स्नान घाटों, मंदिर परिसरों, कामदगिरि परिक्रमा मार्ग, प्रवेश एवं निकास द्वारों, पार्किंग स्थलों और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर विशेष सतर्कता बरती जाए।
संदिग्ध व्यक्तियों और लावारिस वस्तुओं पर नजर रखने के साथ किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। महिला श्रद्धालुओं, बच्चों, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों की सुरक्षा एवं सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। महिला सुरक्षा से संबंधित शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।
वायरलेस और लाउड हेलर के साथ तैनात रहेंगे पुलिसकर्मी
ब्रीफिंग में पुलिस अधीक्षक ने सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने पास वायरलेस हैंडसेट एवं लाउड हेलर अनिवार्य रूप से रखने के निर्देश दिए। इससे किसी भी आपातकालीन परिस्थिति में तत्काल सूचना का आदान-प्रदान किया जा सकेगा और भीड़ को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा सकेंगे।
भीड़ का दबाव बढ़ने पर श्रद्धालुओं को निर्धारित मार्गों से आवागमन कराने और किसी भी स्थान पर अनावश्यक भीड़ एकत्रित नहीं होने देने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिसकर्मियों को श्रद्धालुओं के साथ विनम्र एवं सहयोगात्मक व्यवहार करने को भी कहा गया है, ताकि किसी को रास्ते, दर्शन या अन्य सुविधाओं को लेकर परेशानी न हो।
यातायात डायवर्जन का सख्ती से होगा पालन
मेले के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए निर्धारित डायवर्जन प्लान का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी स्थिति में अनावश्यक जाम न लगने दिया जाए।
एंबुलेंस, फायर सर्विस और अन्य आपातकालीन वाहनों के आवागमन के लिए रास्ते हमेशा खुले रखे जाएं। किसी दुर्घटना, भगदड़, आगजनी, जल दुर्घटना या अन्य आपात स्थिति से निपटने के लिए संबंधित टीमों को पूरी तरह मुस्तैद रहने और अन्य विभागों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती का पूरा विवरण
दीपावली सोमवती अमावस्या मेले की सुरक्षा के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों सहित व्यापक पुलिस बल लगाया गया है। इसमें नागरिक पुलिस, यातायात पुलिस, एलआईयू और विशेष सुरक्षा इकाइयां शामिल हैं।
पुलिस अधिकारियों की तैनाती:
- 16 पुलिस क्षेत्राधिकारी
- 22 प्रभारी निरीक्षक
- 39 निरीक्षक
- 269 उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस
- 21 महिला उपनिरीक्षक
- 9 उपनिरीक्षक यातायात
- 6 उपनिरीक्षक एलआईयू
पुलिस कर्मचारियों की तैनाती:
- 1082 हेड कांस्टेबल/कांस्टेबल नागरिक पुलिस
- 155 महिला कांस्टेबल
- 117 हेड कांस्टेबल/कांस्टेबल यातायात
- 32 हेड कांस्टेबल/कांस्टेबल एलआईयू
डॉग स्क्वायड, बीडीएस और एसडीआरएफ भी संभालेंगे मोर्चा
मेले में सुरक्षा के साथ-साथ आपदा प्रबंधन और संदिग्ध गतिविधियों की जांच के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। इसके तहत निम्नलिखित संसाधनों की तैनाती की गई है:
- 2 डॉग स्क्वायड
- 1 बीडीएस टीम
- 3 एचएचएमडी चेक टीमें
- पीएसी की 3 कंपनियां
- फ्लड कंपनी की 2 प्लाटून
- एसडीआरएफ की 1 टीम
- 5 फायर टेंडर
- 22 एचएचएमडी
- 1 हाइड्रा मशीन
इन टीमों को आवश्यकता के अनुसार तत्काल कार्रवाई के लिए तैयार रखा जाएगा। विशेष रूप से मंदाकिनी नदी के घाटों पर जल दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए फ्लड कंपनी और एसडीआरएफ की तैनाती महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों के बीच रहेगा बेहतर समन्वय
मेला क्षेत्र में तैनात सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं जोनल मजिस्ट्रेट के साथ समन्वय स्थापित करके काम करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन और पुलिस के बीच बेहतर तालमेल से सुरक्षा, स्वच्छता, यातायात, भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को व्यवस्थित बनाए रखने पर जोर दिया गया है।
मंडलायुक्त अजीत कुमार और डीआईजी राजेश एस. ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि वे अपने निर्धारित दायित्वों का पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी से निर्वहन करें। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें।
इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक पीयूषकांत राय, क्षेत्राधिकारी नगर सत्येंद्र सिंह, क्षेत्राधिकारी मऊ फहद अली, क्षेत्राधिकारी कार्यालय करिश्मा गुप्ता, क्षेत्राधिकारी फायर यदुनाथ सिंह, प्रतिसार निरीक्षक रामशीष यादव सहित मेले में ड्यूटी के लिए नियुक्त समस्त पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
अंत में पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने सभी पुलिसकर्मियों को पूरी सतर्कता, अनुशासन और आपसी समन्वय के साथ ड्यूटी करने के निर्देश दिए। प्रशासन का लक्ष्य है कि चित्रकूट आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को सुरक्षित वातावरण, सुगम आवागमन और भगवान कामतानाथ के सहज एवं व्यवस्थित दर्शन की सुविधा मिले तथा दीपावली सोमवती अमावस्या मेला शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न हो।

