चौकी प्रभारी की कार्यप्रणाली से ग्रामीणों में आक्रोश, कहीं पुलिस की अनदेखी बड़े संघर्ष की वजह न बन जाए
आगरा (अग्र भारत)। थाना अछनेरा क्षेत्र के गांव मंगूरा में सार्वजनिक रास्ते पर बिना अनुमति नुकीली सरिया और गिट्टी डालकर अवैध ब्रेकर बनाने का मामला कुकथला चौकी पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। ग्रामीणों में चौकी प्रभारी की कार्यशैली को लेकर आक्रोश है। आरोप है कि ब्रेकर निर्माण से पहले ही पुलिस को शिकायत दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। विरोध करने पर मारपीट हो गई। थाना पुलिस ने नामजद आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया, लेकिन इसके बावजूद अवैध ब्रेकर नहीं हटवाया गया। ऐसे में त्यौहार पर ग्रामीणों का आक्रोश कहीं बड़े संघर्ष में न बदल जाए।
ग्रामीणों के अनुसार गांव में करीब 80 मीटर लंबा और आठ फुट चौड़ा सरकारी रास्ता है। इसी रास्ते से ग्रामीण ट्रैक्टरों के जरिए कृषि यंत्र और फसल का आवागमन करते हैं। आरोप है कि 31 अक्टूबर की रात करीब नौ बजे सत्यवीर, पप्पू उर्फ योगेंद्र और दीवान पुत्रगण मानसिंह ने बिना किसी विभागीय अनुमति के रास्ते पर नुकीली लोहे की सरिया गाड़कर गिट्टी डाल दी और ब्रेकर बना दिया। अगले दिन विरोध करने पर ग्रामीणों के साथ मारपीट की गई। शिकायत पर थाना अछनेरा पुलिस ने नामजद आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया, लेकिन ब्रेकर अब भी जस का तस है।ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और पुलिस उपायुक्त पश्चिमी आदित्य कुमार को प्रार्थना पत्र देकर अवैध ब्रेकर हटवाने और चौकी पुलिस की कार्यप्रणाली की जांच कर कार्रवाई की मांग की है। अधिकारियों ने मामले में एसीपी अछनेरा शैलेंद्र सिंह को जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि रास्ते से आलू और अन्य फसल लेकर ट्रैक्टर गुजरते हैं। नुकीली सरिया से दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। पहले शिकायत के बावजूद निर्माण नहीं रुकवाया गया और अब मारपीट के बाद भी ब्रेकर नहीं हटाया गया। ऐसे में गांव में तनाव बना हुआ है और किसी बड़ी घटना की आशंका से ग्रामीण चिंतित हैं।एसीपी अछनेरा शैलेंद्र सिंह ने बताया कि ब्रेकर हटवाने के लिए थाना प्रभारी को निर्देशित किया गया है। जल्द ही वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
