अयोध्या में सीएम योगी आदित्यनाथ का बड़ा बयान। कहा- रामभक्तों पर गोलियां नहीं चलेंगी, पंचकोसी, 14 कोसी और 84 कोसी परिक्रमा पर प्रतिबंध नहीं लगेगा।
- 30 लाख से अधिक दीपों से जगमगाई अयोध्या, सफाईकर्मियों की योगी ने की सराहना
- नाविकों और निषाद समाज का योगदान बताया महत्वपूर्ण
- भगवान श्रीराम के जीवन से दिया एकता और सहयोग का संदेश
- नई अयोध्या के निर्माण में हर वर्ग की भागीदारी जरूरी
- सफाईकर्मियों और उनके बच्चों को किया सम्मानित
- पांच पार्षदों को भी मिला सम्मान
- हनुमानगढ़ी में बजरंगबली के दर्शन, रामलला के दरबार में भी टेका माथा
- जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा हनुमानगढ़ी परिसर
- रामलला की आरती उतारी, मंदिर की परिक्रमा कर मांगा आशीर्वाद
- दीपावली पर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना
Yogi Adityanath Ayodhya Visit: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या में दीपावली मिलन समारोह के दौरान कहा कि अब रामभक्तों पर गोलियां नहीं चलेंगी और जय श्रीराम बोलने पर कोई लाठी-डंडे नहीं चला सकेगा। उन्होंने पंचकोसी, 14 कोसी और 84 कोसी परिक्रमा पर प्रतिबंध नहीं लगने देने की बात कही। इस दौरान सीएम ने सफाईकर्मियों, नाविकों, माझियों, निषाद समाज और स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पार्षदों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने हनुमानगढ़ी और श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन भी किया।
अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को रामनगरी अयोध्या में आयोजित दीपावली मिलन समारोह के दौरान रामभक्तों, धार्मिक परंपराओं और अयोध्या की सांस्कृतिक विरासत को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि अब अयोध्या में रामभक्तों पर गोलियां नहीं चलेंगी और जय श्रीराम बोलने पर कोई लाठी-डंडे नहीं चला सकेगा। पंचकोसी, 14 कोसी और 84 कोसी परिक्रमा पर भी कोई प्रतिबंध नहीं लगा पाएगा। उन्होंने कहा कि यह हम सभी के संकल्प का प्रतीक बनना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या के वैभव को लूटने और बदनाम करने की कुदृष्टि अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी को संकल्प लेना चाहिए कि आने वाले समय में हमारी अयोध्या पर किसी मंथरा और मारीच की कुदृष्टि न पड़े। मुख्यमंत्री रविवार को रामघाट हाल्ट के निकट निषाद बस्ती में आयोजित दीपावली मिलन समारोह को संबोधित कर रहे थे।
इस अवसर पर उन्होंने सफाईकर्मियों, नाविकों, माझियों, निषाद समाज के प्रतिनिधियों और स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पार्षदों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने सभी को दीपावली का उपहार भेंट कर उनके योगदान की सराहना की।
30 लाख से अधिक दीपों से जगमगाई अयोध्या, सफाईकर्मियों की योगी ने की सराहना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव के सफल आयोजन का उल्लेख करते हुए सफाईकर्मियों के योगदान की विशेष रूप से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि दीपोत्सव के दौरान अयोध्या में 30 लाख से अधिक दीप प्रज्वलित हुए। देर रात तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही, लेकिन सुबह जब वह बाहर निकले तो सभी घाट स्वच्छ और सुंदर दिखाई दिए।
उन्होंने कहा कि कहीं भी गंदगी, अव्यवस्था या अराजकता देखने को नहीं मिली। यह सफाईकर्मियों के कठिन परिश्रम, समर्पण और सेवाभाव का परिणाम है। अयोध्या की पहचान उसकी स्वच्छता, सुंदरता और बेहतर व्यवस्थाओं से बनती है।
सीएम ने कहा कि जब कोई व्यक्ति दूसरे शहर में जाकर गर्व से कहे कि वह अयोध्या से आया है, तो सामने वाले के मन में भी अयोध्या के प्रति सम्मान का भाव पैदा होना चाहिए। इसके लिए शहर को स्वच्छ, सुंदर और सुव्यवस्थित बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
नाविकों और निषाद समाज का योगदान बताया महत्वपूर्ण
मुख्यमंत्री ने सरयू नदी और अयोध्या की धार्मिक परंपराओं में नाविकों, माझियों और निषाद समाज की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि दीपोत्सव के दौरान सरयू आरती में नाविकों और माझियों ने पूरी मुस्तैदी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन किया।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक शनिवार और रविवार के अलावा अमावस्या, पूर्णिमा तथा प्रमुख धार्मिक पर्वों पर लाखों श्रद्धालु सरयू में स्नान और दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में नाविकों, माझियों और निषाद समाज की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
योगी ने सभी के योगदान के लिए आभार जताते हुए कहा कि अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में इन लोगों का योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।
भगवान श्रीराम के जीवन से दिया एकता और सहयोग का संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान श्रीराम के जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम ने निषादराज, माता शबरी, वानर और भालुओं के सहयोग से राक्षसी शक्तियों के खिलाफ मोर्चाबंदी की थी और विजय प्राप्त की थी।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने की खुशी में पूरे भारतवर्ष में दीप जलाकर उनका स्वागत किया गया था। दीपावली केवल एक पर्व नहीं, बल्कि हमारी हजारों वर्ष पुरानी सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं का प्रतीक है।
योगी ने कहा कि दीपावली, होली, रक्षाबंधन, विजयादशमी, रामनवमी, विवाह पंचमी और अयोध्या के झूला मेले जैसे आयोजन हमारी परंपराओं को आज भी जीवंत बनाए हुए हैं। इन आयोजनों के माध्यम से समाज में आपसी जुड़ाव और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का अवसर मिलता है।
नई अयोध्या के निर्माण में हर वर्ग की भागीदारी जरूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की अयोध्या को देखकर हर व्यक्ति उत्साहित होता है। सरकार विकास कार्यों और निर्माण की जिम्मेदारी निभा सकती है, लेकिन विकास की विरासत को सुरक्षित रखने का दायित्व स्थानीय नागरिकों का भी है।
उन्होंने कहा कि सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा और संरक्षण सभी की जिम्मेदारी है। नई अयोध्या के निर्माण में पार्षदों, सफाईकर्मियों, नाविकों, माझियों और प्रत्येक नागरिक का योगदान शामिल है। आने वाली पीढ़ियां इस योगदान को याद करेंगी।
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे अयोध्या को स्वच्छ, सुंदर, सुव्यवस्थित और मर्यादित बनाए रखने का संकल्प लें। शहर की धार्मिक पहचान और सांस्कृतिक गौरव को बनाए रखने के लिए सभी वर्गों को मिलकर काम करना होगा।
सफाईकर्मियों और उनके बच्चों को किया सम्मानित
दीपावली मिलन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवाएं देने वाले सफाईकर्मियों और उनके परिवारों के सदस्यों को सम्मानित किया।
सम्मानित होने वालों में अवधेश निषाद, सूरज निषाद, चंदा निषाद, कौशल्या निषाद, रेनू निषाद, काजल निषाद, आराध्या, माधवी गौतम, अंश, ज्योति, सुनीता, बब्बन, संदीप और अरुण शामिल रहे।
मुख्यमंत्री ने इन सभी को सम्मान प्रदान करते हुए उनके कार्यों की सराहना की। कार्यक्रम में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने में योगदान देने वाले लोगों के साथ उनके बच्चों को भी सम्मानित किया गया।
पांच पार्षदों को भी मिला सम्मान
शहर में स्वच्छता और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पांच पार्षदों को भी मुख्यमंत्री ने सम्मानित किया।
सम्मानित पार्षदों में शामिल हैं:
- पाटेश्वरी नगर की कुंती पांडेय
- चित्रगुप्त नगर की मनीषा यादव
- लाला लाजपत नगर के रामतीर्थ
- कल्याण सिंह वार्ड के सूर्य कुमार तिवारी
- झूलेलाल नगर के अभिनव पांडेय
इसके अलावा मां सरयू की स्वच्छता में योगदान देने वाले गोताखोरों सतीश माजी, ब्रजेश माजी, जग्गू माजी, बाबू निषाद और अभिषेक निषाद को भी सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री ने सभी को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए अयोध्या की पवित्रता, सांस्कृतिक विरासत और विकास को सुरक्षित रखने का आह्वान किया।
हनुमानगढ़ी में बजरंगबली के दर्शन, रामलला के दरबार में भी टेका माथा
दसवें दीपोत्सव-2026 के भव्य आयोजन के बाद रविवार सुबह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रामनगरी के प्रमुख मंदिरों में पहुंचकर दर्शन-पूजन किया। गोरक्षपीठाधीश्वर के रूप में उन्होंने दिन की शुरुआत संकट मोचन हनुमानगढ़ी में बजरंगबली के दर्शन से की।
मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधि-विधान के बीच मुख्यमंत्री ने पूजा-अर्चना की। उन्होंने श्रीराम भक्त हनुमान के चरणों में शीश नवाकर प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की।
इसके बाद मुख्यमंत्री श्रीराम जन्मभूमि परिसर पहुंचे और प्रभु श्रीरामलला के समक्ष श्रद्धापूर्वक नमन किया।
जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा हनुमानगढ़ी परिसर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हनुमानगढ़ी पहुंचते ही मंदिर परिसर जय श्रीराम के उद्घोष से गूंज उठा। संतों और पुजारियों ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ उनका स्वागत किया।
मुख्यमंत्री ने संकट मोचन हनुमान के समक्ष माथा टेककर विधिवत आराधना की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में सुख-शांति, खुशहाली और जनकल्याण की प्रार्थना की। दसवें दीपोत्सव के भव्य आयोजन के बाद मुख्यमंत्री का यह धार्मिक प्रवास रामनगरी के आध्यात्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुआ।
रामलला की आरती उतारी, मंदिर की परिक्रमा कर मांगा आशीर्वाद
हनुमानगढ़ी में दर्शन के बाद मुख्यमंत्री सीधे श्रीराम जन्मभूमि परिसर पहुंचे। यहां उन्होंने प्रभु श्रीरामलला की आरती उतारी और मंदिर की परिक्रमा की। इसके बाद राम दरबार में भी विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की निरंतर उन्नति, नागरिकों के सुखमय जीवन और जनकल्याण की कामना की। दर्शन के बाद मंदिर परिसर से बाहर निकलने पर श्रद्धालुओं ने जय श्रीराम के जयघोष के साथ उनका अभिवादन किया। मुख्यमंत्री ने भी हाथ हिलाकर श्रद्धालुओं का अभिवादन स्वीकार किया।
दीपावली पर प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना
अयोध्या प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सभी के जीवन में सुख, शांति, खुशहाली और समृद्धि बनी रहने की कामना की।
दसवें दीपोत्सव-2026 के भव्य आयोजन के बाद मुख्यमंत्री के मंदिर दर्शन और दीपावली मिलन समारोह ने अयोध्या के धार्मिक एवं सांस्कृतिक माहौल को विशेष रूप दिया। एक ओर उन्होंने रामभक्तों और धार्मिक परंपराओं को लेकर अपना संकल्प दोहराया, वहीं दूसरी ओर स्वच्छता, सामाजिक सहभागिता और अयोध्या की विरासत को सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी भी सभी को याद दिलाई।
