Diwali 2026 पर मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर देव की पूजा के बाद आरती जरूर करें। जानें लक्ष्मी-गणेश आरती की विधि, पूजा सामग्री और धार्मिक महत्व।
नई दिल्ली। देशभर में आज, 8 नवंबर 2026 को दीपावली का पावन पर्व हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। कार्तिक अमावस्या की इस विशेष रात को मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर देव की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि दीपावली की रात विधि-विधान से पूजा करने और देवी-देवताओं की आरती उतारने से घर में सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगल का आगमन होता है।
दीपावली पर मां लक्ष्मी को धन और वैभव की देवी, भगवान गणेश को रिद्धि-सिद्धि एवं शुभता का प्रतीक और कुबेर देव को धन का अधिपति माना जाता है। यही वजह है कि इस दिन लक्ष्मी-गणेश पूजन के साथ कुबेर देव का भी स्मरण किया जाता है। पूजा के समापन पर आरती करने की परंपरा है। आइए जानते हैं दिवाली की रात लक्ष्मी-गणेश की आरती कैसे करें और पूजा के दौरान किन बातों का ध्यान रखें।
Diwali 2026: दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश की आरती का महत्व
हिंदू धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दीपावली की रात मां लक्ष्मी की पूजा करने से घर में धन-धान्य और समृद्धि की कामना की जाती है। भगवान गणेश की पूजा किसी भी शुभ कार्य से पहले की जाती है, क्योंकि उन्हें विघ्नहर्ता और प्रथम पूज्य माना गया है।
पूजा के बाद आरती करना भक्ति और समर्पण का प्रतीक माना जाता है। श्रद्धालु दीपक जलाकर देवी-देवताओं के सामने आरती करते हैं और परिवार की सुख-शांति तथा खुशहाली की प्रार्थना करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि आरती के समय श्रद्धापूर्वक भगवान का स्मरण करने से मन में सकारात्मकता और भक्ति का भाव बढ़ता है।
Lakshmi Ganesh Aarti: कैसे करें मां लक्ष्मी और गणेश जी की आरती?
दीपावली की रात लक्ष्मी-गणेश पूजन के बाद आरती करने के लिए सबसे पहले पूजा की थाली तैयार करें। इसमें घी का दीपक, कपूर, फूल और अक्षत रखें। इसके बाद परिवार के सदस्यों के साथ पूजा स्थल पर बैठकर आरती करें।
आरती की सामान्य विधि इस प्रकार है:
- सबसे पहले पूजा स्थल को साफ करके मां लक्ष्मी और भगवान गणेश के सामने दीपक जलाएं।
- पूजा की थाली में घी का दीपक, कपूर, फूल और अक्षत रखें।
- सबसे पहले भगवान गणेश की आरती करें।
- इसके बाद मां लक्ष्मी की आरती श्रद्धापूर्वक गाएं।
- आरती के दौरान घंटी बजाएं और देवी-देवताओं का ध्यान करें।
- पूजा के समापन पर कुबेर देव का स्मरण करें और परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।
- अंत में सभी देवी-देवताओं को प्रणाम करें और परिवार के सदस्यों में आरती का प्रसाद वितरित करें।
दिवाली की पूजा में इन बातों का रखें ध्यान
दीपावली की पूजा के दौरान स्वच्छता और श्रद्धा का विशेष ध्यान रखें। पूजा स्थल पर दीपक सुरक्षित स्थान पर जलाएं और आरती करते समय बच्चों को आग से दूर रखें। पूजा में परिवार के सभी सदस्य शामिल होकर सामूहिक रूप से प्रार्थना कर सकते हैं।
धार्मिक परंपराओं के अनुसार, लक्ष्मी-गणेश पूजन के बाद आरती और प्रसाद वितरण के साथ पूजा संपन्न की जाती है। इस अवसर पर जरूरतमंद लोगों की सहायता और दान-पुण्य को भी शुभ माना जाता है।
धार्मिक मान्यता: दीपावली का पर्व केवल दीप जलाने और पूजा करने का अवसर नहीं है, बल्कि यह घर-परिवार में प्रेम, सद्भाव, सेवा और खुशियां बांटने का भी संदेश देता है।
