किरावली। तहसील क्षेत्र के गांव खेड़ा बांकदा में वर्षों से ग्रामीण जिस मंदिर के बंद दरवाजे का ताला खुलवाने के लिए प्रयासरत थे। शुक्रवार को हिंदुवादी संगठनों के प्रयासों से आखिरकार मंदिर का दरवाजा खुल ही गया।
आपको बता दें कि गांव के पूर्व माध्यमिक विद्यालय परिसर में प्राचीन हनुमान मंदिर स्थापित है। वर्षों पूर्व गांव के श्रद्धालु ग्रामीण इस मंदिर में पूजा अर्चना करने आते थे। इसी दौरान विद्यालय में तैनात हुई दबंग प्रधानाध्यापिका ने हठधर्मिता दिखाते हुए मंदिर को जाने वाले दरवाजे पर ताला जड़ने का फरमान जारी कर दिया। इसके बाद कई वर्षों तक ग्रामीणों और प्रधानाध्यापिका के बीच विवाद की स्थिति बनी रही। अनेकों बार शिकायतें हुई। अधिकारी मौके पर जांच करने हेतु पहुंचे, लेकिन नतीजा सिफर ही रहा। इधर अयोध्या धाम में भगवान रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की सारा देश खुशियां मना रहा है, वहीं दूसरी तरफ गांव में मंदिर का दरवाजा बंद होने से ग्रामीण अपने आराध्य के दर्शन भी नहीं कर पा रहे थे। इसी मामले को लेकर हिंदुवादी संगठनों ने शुक्रवार को मोर्चा खोल दिया। तहसील मुख्यालय पर विहिप जिलाध्यक्ष महेश शर्मा की अगुवाई में कार्यकर्ता, एसडीएम कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। मौके पर हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया। धरने की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन को समझाने का प्रयास किया। कार्यकर्ताओं ने दरवाजा नहीं खुलने तक धरने से नहीं हटने का ऐलान कर दिया। मामला बढ़ता देख प्रशासनिक अमले ने गांव में दौड़ लगा दी। नायब तहसीलदार हीरालाल चौधरी के नेतृत्व में पुलिस प्रशासन की टीम ने गांव में पहुंचकर मंदिर को जाने वाले दरवाजे का ताला खुलवा दिया। इसके बाद ग्रामीणों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। हिंदुवादी कार्यकर्ताओं में जिला संयोजक बजरंगदल आरके इंदौलिया, डॉ आरपी परमार, भूदेव शर्मा, केके डागुर, महेश ठाकुर, योगेश इंदौलिया, अशोक चौधरी, लाखन सिंह, मोनू पचौरी, पुष्पेंद्र चाहर, यदुवीर चाहर, हरिओम पूर्व प्रधान , प्रधान बदन सिंह, राकेश गर्ग, कन्हैया, सोनू शर्मा, राहुल, तारा वकील, राकेश शर्मा, ललित, रिंकू आदि मौजूद रहे।
