आगरा, 12 फरवरी 2025: पुण्यश्लोका रानी अहिल्याबाई होल्कर की 300 वीं जयंती के उपलक्ष्य में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ आगामी 17 फरवरी को एक भव्य महिला संगोष्ठी का आयोजन करेगा। इस आयोजन का उद्देश्य रानी अहिल्याबाई के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज में महिलाओं की भूमिका को सशक्त बनाना है। इस गोष्ठी में लगभग 1200 महिलाओं को संबोधित किया जाएगा। कार्यक्रम में संघ के सहसरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल मुख्य वक्ता के रूप में अपने विचार व्यक्त करेंगे।
शिवाजी मंडपम, खंदारी परिसर में आयोजित होने वाली यह गोष्ठी दोपहर 2:30 बजे से शुरू होगी, जहां गणमान्य अतिथि और स्थानीय लोग भी इस भव्य आयोजन में उपस्थित रहेंगे। गोष्ठी का विषय “परिवार व्यवस्था की मेरुदंड − भारतीय नारी” रखा गया है। यह कार्यक्रम रानी अहिल्याबाई के जीवन के विभिन्न पहलुओं और उनके द्वारा किए गए संघर्षों, प्रशासनिक कुशलता तथा समाज सेवा पर आधारित रहेगा।
इस बारे में जानकारी देते हुए विभाग संपर्क प्रमुख सीए संजीव माहेश्वरी ने बताया कि भारत में कई वीर रानियाँ आईं, लेकिन अहिल्याबाई होल्कर की विरासत सबसे अद्वितीय रही। उन्होंने 30 वर्षों तक शासन किया और समाज में अनगिनत बदलाव लाए। उनके जीवन से हमें यह प्रेरणा मिलती है कि महिला न केवल घर की चहारदीवारी तक सीमित रहती है, बल्कि समाज और राष्ट्र के लिए भी एक प्रेरणा स्रोत बन सकती है।
आयोजन में विभाग संघ संचालक राजन चौधरी ने कहा कि इस आयोजन का उद्देश्य रानी अहिल्याबाई की प्रेरणास्पद यात्रा को लोगों तक पहुंचाना है, ताकि महिलाएं समाज की दशा और दिशा को बेहतर बना सकें। उन्होंने यह भी बताया कि 17 फरवरी को गोष्ठी में विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होगी और महिलाओं को अपने समाज के प्रति जिम्मेदारियों को निभाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
विभाग कार्यवाह सुनील ने रानी अहिल्याबाई होल्कर के जीवन को भारतीय इतिहास के स्वर्णिम पृष्ठ के रूप में परिभाषित करते हुए कहा कि वे कर्तव्यनिष्ठा, सादगी, धर्म के प्रति समर्पण, प्रशासनिक कुशलता, दूरदृष्टि और उच्च चारित्रिक आदर्श की प्रतीक थीं। उनके जीवन से हमें यह शिक्षा मिलती है कि महिला अपने घर से लेकर समाज और राष्ट्र तक का निर्माण कर सकती है।
विभाग प्रचार प्रमुख मनमोहन निरंकारी ने बताया कि इस आयोजन से हम केवल महिलाओं को ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग को एक सशक्त भारत के निर्माण में अपना योगदान देने के लिए प्रेरित करेंगे।
इस आयोजन का एक और प्रमुख उद्देश्य पंच परिवर्तन के माध्यम से कुटुंब प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण, सामाजिक समरसता, स्वदेशी जीवन शैली और नागरिक शिष्टाचार के संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाना है। विभाग शहर संपर्क प्रमुख देवेंद्र त्यागी ने कहा कि इस कार्यक्रम के माध्यम से मातृशक्ति के सक्रिय योगदान से ये महत्वपूर्ण संदेश समाज में फैलाए जाएंगे।
उद्घोषणा समारोह में रानी अहिल्याबाई होल्कर के जीवन पर आधारित कटआउट का भी विमोचन किया गया। इस मौके पर जिला संपर्क प्रमुख डॉ. मुरारी लाल, छावनी महानगर संपर्क प्रमुख अनुराग शर्मा, पूर्व सदस्य राज्य महिला आयोग निर्मला दीक्षित, नगर संपर्क प्रमुख नितेश जैन सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित थे।
इस गोष्ठी के आयोजन से यह संदेश जाएगा कि भारतीय नारी केवल परिवार की सीमाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि वह समाज के हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने की क्षमता रखती है। रानी अहिल्याबाई होल्कर के जीवन से प्रेरणा लेकर महिलाओं को अपनी शक्ति और कर्तव्य के प्रति सजग रहना चाहिए।
