ओटावा: कनाडा में खालिस्तान की खुलकर आलोचना करना हिंदू सांसद चंद्र आर्य को भारी पड़ गया है। सत्तारूढ़ लिबरल पार्टी ने उनके चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी है। खालिस्तान समर्थक कही जाने वाली ट्रूडो की पार्टी ने उनका टिकट ही काट दिया है। चंद्र आर्य ने खुद इस बात का खुलासा किया है।
चंद्र आर्य का बयान
कनाडा के हिंदू सांसद चंद्र आर्य ने बताया कि लिबरल पार्टी ने नेपियन में फिर से चुनाव लड़ने के लिए उनके नामांकन को रद्द कर दिया है। कनाडा में खालिस्तानी गतिविधियों के मुखर आलोचक रहे 62 वर्षीय चंद्र आर्य तीन बार सांसद रह चुके हैं और 2015 से ओटावा की नेपियन सीट का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।
https://twitter.com/AryaCanada/status/1902905949808910498
पार्टी का फैसला
लिबरल पार्टी के राष्ट्रीय अभियान के सह-अध्यक्ष एंड्रयू बेवन के एक पत्र में इस निर्णय के बारे में सूचित किया गया था। आर्य को हटाने का निर्णय पार्टी द्वारा पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की जगह नेतृत्व की दौड़ में चुनाव लड़ने से लगभग दो महीने पहले लिया गया था।
आर्य द्वारा एक्स पर साझा किए गए पत्र में कहा गया है कि पार्टी की “ग्रीन लाइट कमेटी” द्वारा प्राप्त नई जानकारी के कारण अभियान के सह-अध्यक्ष ने यह सिफारिश की है कि उनके “उम्मीदवार के रूप में दर्जा” को रद्द कर दिया जाए।
चंद्र आर्य की आलोचना
चंद्र आर्य ने खालिस्तान समर्थकों की खुलकर आलोचना की थी। उन्होंने खालिस्तान समर्थकों को कनाडा की राजनीति और समाज के लिए खतरा बताया था। उन्होंने यह भी कहा था कि खालिस्तान समर्थक कनाडा में हिंसा और नफरत फैला रहे हैं।
विवाद का कारण
चंद्र आर्य के खालिस्तान विरोधी बयानों के कारण लिबरल पार्टी के भीतर विवाद पैदा हो गया था। पार्टी के कुछ नेताओं ने आर्य के बयानों को आपत्तिजनक बताया था और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
