गेट टूटकर गिरने से पहले भी एक बच्चे की जा चुकी है जान
घिरोर,
सरकार द्वारा शिक्षा विभाग के नाम पर लाखों रुपए खर्च किया जाता है फिर भी कुछ विद्यालयों की स्थिति बदहाल नजर आती है। बरसों पहले बने विद्यालय गिरने की डर से छात्र-छात्राएं कमरों से बाहर बैठकर शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं । जबकि इसी विद्यालय में पहले भी गेट गिरने से एक बच्चे की जान जा चुकी है । जिसके डर से विद्यालय की छात्र-छात्राओं को बाहर बैठकर शिक्षा दी जा रही है।
विकासखंड घिरोर के प्राथमिक विद्यालय नगला पुनू में विद्यालय जर्जर स्थिति में जिसका छत से सीमेंट गिरता रहता है । जिसके चलते पहले भी विद्यालय का गेट गिर जाने से एक बच्चे की 6 वर्ष पहले मौत हो चुकी है। वही अध्यापक बदहाल स्थिति देखकर के 1 से 5 तक की कक्षाएं बाहरी परिसर में बैठकर ही संचालित कर रहे हैं साथ ही शौचालय की भी स्थिति दयनीय बनी हुई है । जो बदहाल स्थिति में जब कि शौचालय के नाम पर ग्राम पंचायत से काफी धनराशि निकाली जा रही है । फिर भी शौचालय की स्थिति बदहाल पड़ी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि बदहाल स्थिति देखकर अधिकांश बच्चे कॉन्वेंट स्कूल में भेजना शुरू कर दिया है । देखा जाए तो एक – दो कमरे बहुत ही दयनीय स्थिति के हैं जो कभी भी गिर सकते हैं । वही अध्यापक प्रशांत भारती का कहना है छत से सीमेंट गिरता रहता है। जिसकी स्थिति देखकर विभाग में कई बार लिखित शिकायत कर चुके हैं लेकिन अभी तक संज्ञान नहीं लिया गया है इसीलिए बच्चों को बाहर बैठाकर शिक्षण कार्य कराने को मजबूर है।
