मेरठ/प्रयागराज: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं का मूल्यांकन कार्य अपने अंतिम चरण में है। एक तरफ जहाँ कॉपियों की चेकिंग का काम बुधवार को समाप्त होने जा रहा है, वहीं दूसरी ओर बोर्ड परीक्षा परिणाम तैयार करने की राह में एक बड़ी बाधा खड़ी हो गई है। प्रदेश के 52 जिलों के 866 विद्यालयों ने अभी तक हजारों परीक्षार्थियों के आंतरिक और शारीरिक शिक्षा के अंक पोर्टल पर अपलोड नहीं किए हैं।
97,603 परीक्षार्थियों का परिणाम अधर में
आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश भर में कुल 97,603 परीक्षार्थी ऐसे हैं जिनके अंक अब तक वेबसाइट पर दर्ज नहीं हो सके हैं। इनमें हाईस्कूल के आंतरिक मूल्यांकन (Internal Assessment) और इंटरमीडिएट के नैतिक, योग, खेल एवं शारीरिक शिक्षा के प्राप्तांक शामिल हैं। क्षेत्रीय बोर्ड मेरठ के अंतर्गत आने वाले 17 जिलों के 149 विद्यालयों ने भी इस कार्य में लापरवाही बरती है, हालांकि राहत की बात यह है कि मेरठ जिले का अब कोई भी विद्यालय शेष नहीं बचा है।
6 अप्रैल तक मिला अंतिम मौका
बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इन विद्यालयों को फटकार लगाई है। पहले इन अंकों को अपलोड करने की अंतिम तिथि 25 मार्च तय की गई थी, लेकिन स्कूलों की सुस्ती के कारण अब इसे बढ़ाकर 6 अप्रैल 2026 कर दिया गया है। परिषद ने स्पष्ट किया है कि यह अंतिम अवसर है।
“परिषद की ओर से यह अंतिम मौका है। इसके बाद अंक अपलोड करने का विकल्प बंद कर दिया जाएगा। यदि किसी छात्र का परिणाम अंकों के अभाव में रुकता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य और जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) की होगी।” — ज्योति प्रसाद, सचिव (क्षेत्रीय बोर्ड कार्यालय, मेरठ)
मूल्यांकन कार्य की स्थिति
यूपी बोर्ड की परीक्षाएं 18 फरवरी से 12 मार्च तक आयोजित की गई थीं, जिसके बाद 18 मार्च से कॉपियों का मूल्यांकन शुरू हुआ। मूल्यांकन की आधिकारिक अंतिम तिथि 1 अप्रैल (बुधवार) रखी गई है। जानकारों का मानना है कि यदि 6 अप्रैल तक सभी स्कूलों ने डेटा सबमिट कर दिया, तो बोर्ड अप्रैल के अंतिम सप्ताह तक परिणाम घोषित करने के अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है।
