इंटरपोल ने पहली बार “सिल्वर नोटिस” जारी किया है, जो आपराधिक संपत्तियों का पता लगाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण कदम है। यह पहला नोटिस इटली की रिक्वेस्ट के बाद जारी किया गया, जिसमें एक माफिया के संपत्तियों की जानकारी मांगी गई थी। इस सिल्वर नोटिस के जारी होने के बाद भारत सहित अन्य देशों को भी काली कमाई और आपराधिक संपत्तियों का पता लगाने में मदद मिल सकती है। आइए जानते हैं इस नोटिस का महत्व और इससे जुड़ी सारी जानकारी।
सिल्वर नोटिस क्या है?
इंटरपोल का सिल्वर नोटिस सदस्य देशों को अपराधों से जुड़ी संपत्तियों के बारे में सार्वजनिक जानकारी प्राप्त करने की अनुमति देता है। इसके माध्यम से संपत्तियों, वाहनों, वित्तीय खातों और व्यवसायों की जानकारी जुटाई जा सकती है, साथ ही अपराधियों की असली पहचान का भी पता चल सकता है। इस नोटिस का उद्देश्य इन फंड्स और संपत्तियों की जब्ती या वसूली के लिए जानकारी प्रदान करना है।
इंटरपोल के सचिवालय द्वारा हर सिल्वर नोटिस की समीक्षा की जाती है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि यह नोटिस केवल आपराधिक जांच के लिए ही इस्तेमाल हो रहा है, न कि राजनीतिक उद्देश्यों के लिए।
सिल्वर नोटिस की अहमियत
इस सिल्वर नोटिस से इंटरपोल को आपराधिक संपत्तियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है, जिससे उन अपराधियों का पता लगाया जा सकता है जिन्होंने अपनी काली कमाई दूसरे देशों में ट्रांसफर कर दी है। खासकर उन अपराधियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सकती है जिनका संपत्ति और वित्तीय लेन-देन के बारे में कोई ट्रैक नहीं है।
भारत को भी इस सिल्वर नोटिस से फायदा हो सकता है, क्योंकि अब देश भर में आपराधिक संपत्तियों का पता लगाने के लिए इंटरपोल की मदद ली जा सकती है। यह एक बड़ा कदम है, खासकर उन अपराधियों के खिलाफ, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर धन की अवैध गतिविधियों को अंजाम दिया है।
इंटरपोल के नोटिस के प्रकार
इंटरपोल अब तक 8 प्रकार के कलर बेस नोटिस जारी करता था, जिनकी सूची अब 9 हो गई है, क्योंकि अब सिल्वर नोटिस भी जोड़ दिया गया है। ये नोटिस दुनिया भर में खास जानकारी हासिल करने के लिए जारी किए जाते हैं। चलिए, जानते हैं इन नोटिस के बारे में:
- येलो नोटिस: लापता व्यक्तियों या जिनकी पहचान नहीं हो पा रही हो, उन्हें ढूंढने के लिए।
- ब्लू नोटिस: एक व्यक्ति के बारे में अधिक जानकारी हासिल करने के लिए।
- ब्लैक नोटिस: बिना पहचान वाले शवों की जानकारी जुटाने के लिए।
- ग्रीन नोटिस: किसी व्यक्ति के अपराधी गतिविधियों के बारे में चेतावनी देने के लिए।
- ऑरेंज नोटिस: गंभीर और तत्काल खतरे के बारे में अलर्ट देने के लिए।
- पर्पल नोटिस: अपराधियों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरणों और तरीकों की जानकारी प्राप्त करने के लिए।
- सिल्वर नोटिस: आपराधिक संपत्तियों और उनसे संबंधित जानकारी जुटाने के लिए।
- संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) नोटिस: विशेष अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जारी किया जाता है।
सिल्वर नोटिस का महत्व
सिल्वर नोटिस का विशेष महत्व इस संदर्भ में है कि यह अपराधियों द्वारा विदेशों में छुपाई गई संपत्तियों की पहचान करने और उन पर कार्रवाई करने में मदद करेगा। इसके द्वारा सरकारें और कानून प्रवर्तन एजेंसियां आपराधिक संपत्तियों की जब्ती और वसूली के लिए एक कदम आगे बढ़ सकती हैं।
एफएटीएफ (फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स) के प्रमुख एलिसा डी आंदा मद्राज़ो ने भी इस कदम का स्वागत किया और बताया कि अंतरराष्ट्रीय संपत्तियों की जब्ती में दुनिया के 80% देश असफल हो रहे हैं। इसी संदर्भ में सिल्वर नोटिस को जारी किया गया है ताकि आपराधिक संपत्तियों को प्रभावी तरीके से जब्त किया जा सके।
इंटरपोल का सिल्वर नोटिस पहली बार जारी किया गया है और यह एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे आपराधिक संपत्तियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सकती है। यह वैश्विक स्तर पर अपराधियों की काली कमाई और उनकी अवैध संपत्तियों को ट्रैक करने में मदद करेगा। अब भारत जैसे देशों को भी इस नोटिस से फायदा मिल सकता है, जो काले धन और अपराधियों की अवैध संपत्तियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए एक बड़ी मदद साबित होगा।